जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार की तारीफ की है. उन्होंने नीतीश कुमार को बिहार के अब तक के 10 बेहतरीन राजनीतिक नेताओं में से एक बताया. हालांकि, किशोर ने मुख्यमंत्री पद पर उनके बने रहने और सरकार के कामकाज को लेकर अपनी पुरानी आलोचना भी दोहराई.
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद उन्हें सत्ता में बनाए रखा गया और सरकार पर्दे के पीछे से दूसरे लोग चला रहे थे. प्रशांत किशोर ने शनिवार को बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए प्रचार के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि नीतीश कुमार को बिहार में सुधार की कोशिश करने वाले नेता के तौर पर याद किया जाएगा.
'नीतीश कुमार बिहार के सबसे समझदार नेताओं में से एक'
प्रशांत किशोर से पत्रकारों ने पूछा था कि क्या नीतीश कुमार अपने राजनीतिक विरोधियों की हत्या का आदेश दे सकते हैं. इस सवाल के जवाब में किशोर ने कहा कि वह नीतीश कुमार को बिहार के सबसे समझदार नेताओं में से एक मानते हैं.
यह भी पढ़ें: 'बिहार की राजनीति 35 सालों से फॉरवर्ड बनाम बैकवर्ड के इर्द-गिर्द घूमती रही', बोले प्रशांत किशोर
उन्होंने कहा कि जहां तक नीतीश कुमार की बात है, मैं उन्हें बिहार के सबसे समझदार नेताओं में से एक मानता हूं. उन्हें राज्य के अब तक के 10 बेहतरीन राजनीतिक नेताओं में गिना जाएगा. किशोर ने आगे कहा कि जब उन्होंने नीतीश कुमार का विरोध किया था, तब उनकी आपत्ति इस बात को लेकर थी कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद उन्हें सत्ता में बनाए रखा गया और सरकार पर्दे के पीछे से चलाई जा रही थी.
मोकामा विधायक अनंत सिंह के बयान पर दिया रिएक्शन
दरअसल, यह सवाल मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह के एक बयान के बाद उठा था. सिंह ने बाद में अपना बयान वापस ले लिया था. उन्होंने दावा किया था कि जिन नौ हत्याओं का उन्होंने जिक्र किया था, वे उनके परिवार के सदस्यों की थीं. उन्होंने कहा कि आरजेडी के शासन के दौरान जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार से उनकी नजदीकी के कारण उनके परिवार के लोगों की हत्या की गई थी.
इस मामले पर प्रशांत किशोर ने कहा कि अनंत सिंह जेडीयू से जुड़े हैं और जेडीयू सरकार का हिस्सा है, जबकि आरजेडी मुख्य विपक्षी दल है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर दोनों दलों को आपस में बात करनी चाहिए. अगर दोनों दल सही समझें, तो मामले की जांच करा सकते हैं. उन्होंने साफ किया कि जन सुराज पार्टी को इस मामले में कुछ नहीं कहना है.
यह भी पढ़ें: 'सम्राट चौधरी से बड़ा अपराधी कौन?', प्रशांत किशोर के गोली मारने वाले बयान पर बवाल, BJP का पलटवार
मालूम हो, प्रशांत किशोर पहले जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं. 2015 में उन्होंने सलाहकार कंपनी आईपीएसी के प्रमुख के तौर पर नीतीश कुमार के विधानसभा चुनाव अभियान को संभाला था.
वैशाली नाव हादसे पर भी बोले प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर से वैशाली जिले के एक गांव में पिछले हफ्ते हुए नाव हादसे के बारे में भी सवाल किया गया. इस हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई थी. यह गांव जिला मुख्यालय हाजीपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर है.
किशोर ने इस घटना को बड़ा हादसा बताया. उन्होंने कहा कि किसी विकसित देश में इतनी बड़ी दुर्घटना होने पर सरकार को गंभीर जवाबदेही का सामना करना पड़ता. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गांव का दौरा नहीं करने को लेकर निशाना साधा. किशोर ने आरोप लगाया कि गांव नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए मुख्यमंत्री वहां नहीं गए.
यह भी पढ़ें: 'चुनाव आयोग पर भरोसा टूटा, आंदोलन और बढ़ेगा', CJP प्रदर्शन पर बोले प्रशांत किशोर
उन्होंने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को मदद और सहानुभूति की जरूरत है. किशोर ने बताया कि उन्होंने दशहरा के दिन, 20 अक्टूबर को गांव जाने का फैसला किया है. वह शोक में डूबे परिवारों के साथ पूरा दिन बिताने और उनकी मदद करने की कोशिश करेंगे.