प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) जन सुराज पार्टी के संस्थापक और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार हैं. प्रशांत किशोर ने बिहार के बांकीपुर सीट (Bankipur Seat) से उपचुनाव लड़ने की घोषणा की. 30 जुलाई 2026 को चुनाव संपन्न हुआ है. 3 अगस्त को परिणाम घोषित हुआ. इस चुनाव में प्रशांत किशोर ने जीत हासिल की. उन्होंने बीजेपी के नीरज कुमार को 18,953 वोटों से हराया. उनका यह पहला चुनाव था.
भारतीय राजनीति में आने और राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर काम करने से पहले, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के फंड से चलने वाले एक प्रोग्राम में आठ साल तक जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया.
उन्हें सितंबर 2018 में जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) ने अपने राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में नियुक्त किया था. उन्होंने 29 जनवरी 2020 को नीतीश कुमार के साथ असहमति के कारण जद (यू) छोड़ दिया. किशोर ने अपने करियर की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र में आठ साल तक काम किया, जहां वे अंतरराष्ट्रीय राजनेताओं के राजनीतिक रणनीतिकार थे (Prashant Kishor Worked for UNO).
प्रशांत किशोर का जन्म 20 मार्च 1977 को बिहार के रोहतास जिले हुआ था (Prashant Kishor Age). उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बक्सर जिले में हासिल की (Prashant Kishor Education).
2013 में, किशोर ने 2014 के आम चुनाव की तैयारी के लिए सिटीजन्स फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) नाम से एक मीडिया और प्रचार कंपनी बनाई (Prashant Kishor Media and Publicity Company). किशोर को नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के लिए इनोवेटिव मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग कैंपेन को तैयार करने का श्रेय दिया जाता है. चाय पे चर्चा चर्चा (Chai Par Charcha), 3डी रैलियां, रन फॉर यूनिटी, मंथन और सोशल मीडिया के तमाम कार्यक्रम उन्हीं के दिमाग की उपज थी (CAG and the 2014 general-election campaign).
किशोर ने 2015 में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के साथियों के साथ बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इलेक्शन कैंपेन और स्ट्रेटजी की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने "नीतीश के निश्चय: विकास की गारंटी" के नारे के साथ, सीएम के सात कमिटमेंट्स को जनता तक पहुंचाया. बिहार चुनाव जीतने पर, नीतीश ने किशोर को अपना सलाहकार बनाया था (I-PAC and the 2015 Bihar Assembly election campaign).
2016 में कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा में चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए प्रशांत किशोर को नियुक्त किया. लगातार दो बार हारने के बाद 2017 में किशोर की सलाहों की मदद से कांग्रेस पंजाब में सत्ता में लौटी (Prashant Kishor Punjab Assembly Election 2017).
2017 के यूपी चुनावों के लिए कांग्रेस ने किशोर को नियुक्त किया. लेकिन यहां उन्हें सफलता नहीं मिली (Uttar Pradesh Assembly Election 2017).
किशोर को मई 2017 में वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने अपना राजनीतिक सलाहकार बनाया. उन्होंने रेड्डी के चुनावी अभियानों की एक सीरीज को डिजाइन किया और वाईएसआरसीपी ने 175 सीटों में से 151 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की (Andhra Pradesh Assembly Elections 2019).
किशोर 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के चुनावी रणनीतिकार थे. आदमी पार्टी चुनावों में 70 में से 62 सीटों पर भारी बहुमत से जीतने में सफल रही (Delhi Assembly Elections 2020).
किशोर को 2021 पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था. उनकी सफल रणनीति ने ममता बनर्जी को 294 सीटों में से 213 सीटों पर भारी जीत दिलाई (West Bengal Elections 2021).
2021 में वे DMK प्रमुख एम के स्टालिन के रणनीतिकार थे. उनके मैनेजमेंट में DMK ने 159 सीटों के साथ चुनाव जीता और स्टालिन पहली बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने (Tamil Nadu Assembly Elections 2021).
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि राज्य में शराबबंदी जारी रहेगी, जो नीतीश कुमार के जीवन के ऐतिहासिक फैसलों में से एक था. उन्होंने आगे कहा कि इस नीति से राज्य को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है.
बांकीपुर में हुए उपचुनाव के परिणाम आने से पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि मतदान के दौरान एसएसपी की अगुवाई में गड़बड़ी की गई थी. इस कारण मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी को मतगणना स्थल से बाहर रखा जाना चाहिए.
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें शपथ दिलाई। बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार को 18,953 वोटों से हराकर अपने पहले चुनाव में जीत दर्ज की थी।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर आज से ऑफिशियली विधायक बन गए हैं. बिहार विधानसभा के स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने प्रशांत किशोर को शपथ दिलाई.
तीन राज्यों की विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में बीजेपी को बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने जनादेश स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी हार वाली सीटों के नतीजों की गंभीरता से समीक्षा करेगी और नई ऊर्जा के साथ जनता के बीच जाएगी।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार को 19,324 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। 30 जुलाई को मतदान के बाद 3 अगस्त को पटना में मतगणना हुई।
बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर पहली बार अपने क्षेत्र पहुंचे. यहां उन्होंने एक ऐसा ऐलान किया, जिसने सबसे ज्यादा युवाओं का ध्यान खींचा. उन्होंने कहा कि अगले एक-दो साल में बांकीपुर के कम से कम 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने की कोशिश करेंगे. इसके लिए परिवार अपने पढ़े-लिखे बेरोजगार बेटे-बेटियों का CV और बायोडाटा उनके कार्यालय में भेजें.
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को अगले एक-दो सालों में प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का वादा किया है. इस घोषणा के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है और दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
बांकीपुर से जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बड़ा रोजगार प्लान सामने रखा है. उन्होंने कहा कि अगले एक-दो साल में 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की कोशिश करेंगे. साथ ही पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा.
क्या भारतीय राजनीति में ‘स्टार्टअप मॉडल’ की एंट्री हो चुकी है? दशकों तक भारतीय राजनीति का फॉर्मूला जाति, धर्म, खानदानी विरासत और मजबूत संगठन के आसपास घूमता रहा। लेकिन अब प्रशांत किशोर, तमिलनाडु के सीएम विजय और के. अन्नामलाई जैसे चेहरे राजनीति को एक नए तरीके से बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
प्रशांत किशोर इन दिनों सियासी चर्चा के केंद्र में हैं. बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर ने गुरुवार को महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. तीन महीने में उनकी दूसरी मुलाकात है. ऐसे में सभी के मन में है कि आखिर क्या बात हुई?
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है. बीजेपी के गढ़ में हुई इस हार के बाद समाजवादी पार्टी ने जनेश्वर मिश्र जयंती पर ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित कर पीडीए की नई व्याख्या करते हुए ब्राह्मणों को साधने की कवायद शुरू कर दी है.
प्रशांत किशोर ने मुंबई में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. यह उनकी दूसरी मुलाकात है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी है. प्रशांत किशोर ने हाल ही में बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी को हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है. इस बैठक को महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है.
बिहार स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद NDA के अंदर हलचल मच गई है. अब इसको लेकर जनता दल यूनाइटेड के सूत्रों ने बड़ा दावा किया है. JDU सूत्रों का कहना है कि बांकीपुर के उप चुनाव नीतीश के चेहरे के बगैर लड़ा गया. बिना नीतीश के चेहरे की वजह से यह नतीजा आया है.
बांकीपुर और दतिया उपचुनाव में बीजेपी को हार मिलती है. बांकीपुर में बीजेपी अध्यक्ष की सीट पर ही बीजेपी हार जाती है. ऐसे ही टर्बुलेंस की वजह से अब विपक्ष को लगता है कि वो बीजेपी के सामने उड़ान भर सकती है. आखिर बांकीपुर उपचुनाव की जीत से विपक्ष की बांछें कैसे खिलीं? देखें खबरदार.
बिहार में बीजेपी का मजबूत किला ढह गया. बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी के सारे समीकरण धरे के धरे रह गए. एक साल पहले जिस बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर की पार्टी की जमानत तक जब्त हो गई थी, वहीं PK ने बीजेपी को करीब 20 हजार वोटों से हरा दिया. बांकीपुर में बंपर जीत के बाद पीके ने आजतक को एक्सक्लूसिव इंटव्यू दिया. देखें
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार को जनता के नेतृत्व मॉडल को खारिज करने का संकेत बताया. उन्होंने बिहार की जनता की जरूरतों में मुफ्त राशन से ज्यादा रोजगार, बेहतर शिक्षा और उद्योगों को बताया.
बांकीपुर उपचुनाव में जनसुराज पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर ने बीजेपी की कार्यशैली पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि बीजेपी के सभी समीकरण ध्वस्त हो चुके हैं
जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा 'हमने उन्हें नहीं कहा था उन्हें 1 महीना यूरोप घूमें.'
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की दिल्ली में मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। इस बैठक में संजय झा भी मौजूद रहे।
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार को हराकर बिहार की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है. सोशल मीडिया पर हुमा कुरैशी के शो महारानी के डायलॉग वायरल हो रहे हैं, जो बिहार की राजनीति की अनिश्चितता को दर्शाते हैं.