बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को पद से इस्तीफा दे दिया और बतौर राज्यसभा सदस्य राजनीति में सक्रिय रहेंगे. 10 अप्रैल 2026 को नीतीश कुमार ने नई दिल्ली में संसद भवन में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की.
दरअसल 4 मार्च को नीतीश कुमार ने 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव में संसद के उच्च सदन के सदस्य बनने की चर्चा की थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर सार्वजनिक रूप से अपनी इस ख्वाहिश को जाहिर किया था.
वे मार्च 2000 में बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए के समर्थन से पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री (Bihar Chief Minister) बनें, लेकिन सिर्फ सात दिनों के लिए. नीतीश सदन में अपनी बहुमत साबित नहीं कर पाए और इस्तीफा दे दिया. 2005 से वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दे रहें हैं. बिहार चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद 20 नवंबर को नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
बात उनकी राजनीतिक सफर की करें तो 1985 में नीतीश कुमार पहली बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए.
1989- उन्होंने लालू प्रसाद को नेता प्रतिपक्ष बनने में समर्थन दिया.
1994- जनता दल के 14 सांसदों ने लालू प्रसाद के खिलाफ बगावत की और जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में एक नया समूह बनाया. इस समूह का नाम ‘जनता दल (जॉर्ज)’ रखा गया, जिसकी रूपरेखा तैयार करने में नीतीश कुमार की प्रमुख भूमिका मानी जाती है. बाद में यही समूह ‘समता पार्टी’ के नाम से जाना गया.
1996- नीतीश कुमार ने अपना राजनीतिक रुख बदलते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ पकड़ा.
1998-2004- अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में वे रेल, सड़क परिवहन और कृषि जैसे कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते रहे.
2000- भाजपा-नीत एनडीए के समर्थन से वे पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने, लेकिन विधानसभा में बहुमत न जुटा पाने के कारण सात दिनों में इस्तीफा देना पड़ा.
2003- समता पार्टी का विलय आधिकारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) में कर दिया गया.
2005- भाजपा के साथ गठबंधन में नीतीश कुमार ने दोबारा बिहार की सत्ता संभाली और मुख्यमंत्री बने.
2010- एनडीए एक बड़ी जीत के साथ सत्ता में लौटा और नीतीश फिर से मुख्यमंत्री बने.
2013- जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया, तो नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया.
2015- उन्होंने लालू प्रसाद और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर महागठबंधन बनाया और विधानसभा चुनाव जीता- इसके बाद वे फिर मुख्यमंत्री बने.
2017- उन्होंने एक और बड़ा राजनीतिक मोड़ लेते हुए महागठबंधन से अलग होकर भाजपा के साथ सरकार बना ली. छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
2020- एनडीए ने चुनाव तो जीता, लेकिन जदयू की सीटें घटकर 43 रह गईं. इसके बावजूद नीतीश कुमार सातवीं बार मुख्यमंत्री बने.
10 अगस्त 2022- नीतीश ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की आठवीं बार शपथ ली. राजद के नेता तेजस्वी यादव को उप-मुख्यमंत्री का पद मिला था.
जिनका जन्म 1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर (Bakhtiarpur Bihar) में हुआ (Date of Birth). उनके पिता कविराज राम लखन सिंह एक आयुर्वेदिक चिकित्सक थे, जबकि उनकी माता का नाम परमेश्वरी देवी है (Nitish kumar Parents). वह राजनीतिक संगठन जनता दल (यूनाइटेड) यानी जद(यू) (JDU) के नेता हैं. वे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना (National Institute of Technology Patna) के पूर्व छात्र हैं (Nitish Kumar Education)
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है. इस सीट पर बीजेपी, राजद और जन सुराज ने पूरी ताकत झोंक दी है. कई बड़े नेताओं ने प्रचार किया है और सभी की नजर अब मतदान के नतीजों पर टिकी है. इस चुनाव को राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाला अहम मुकाबला माना जा रहा है.
बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ रही है, जहां से पार्टी दशकों से भारी अंतर से जीत दर्ज करती आ रही है. नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई है. यहां 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी.
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार स्पेशल चार्टर्ड विमान से दिल्ली गए हैं. नीतीश कुमार के साथ जदयू राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और जदयू विधान पार्षद ललन सरार्फ दिल्ली गए हैं. बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं और राज्यसभा सदस्य के नाते नीतीश कुमार को दिल्ली में सरकारी बंगला मिला है. नीतीश कुमार का सरकारी आवास दिल्ली के 9, सुनहरी बाग रोड में है.
बिहार की राजनीति पर तेज प्रताप यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार बहुत जल्द बदल जाएगी. उनका यह बयान एनडीए की बैठक और बांकीपुर उपचुनाव के बीच आया है.
बिहार के समस्तीपुर में निर्माणाधीन बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु पर निर्माण कार्य के दौरान स्लैब का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया. घटना में पांच मजदूर घायल हुए, जिनमें तीन को गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सीएफटी मशीन में तकनीकी खराबी के बाद यह हादसा हुआ. मामले की जांच जारी है.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना के सरकारी बंगले 10 सर्कुलर रोड को खाली कर दिया है. 20 साल बाद अब वो अपने निजी घर में शिफ्ट हो गई हैं. वहीं 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला अब बीजेपी नेता नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है.
बिहार विधान परिषद सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद निशांत कुमार ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि जनसेवा, सुशासन और विकास के प्रति पिता का समर्पण उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है. निशांत ने बिहार के विकास, जनकल्याण और जनता के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प दोहराया. उनकी यह मुलाकात और पोस्ट राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब राज्य के हर सरकारी अस्पताल में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा सके.
बिहार के हेल्थ मिनिस्टर निशांत कुमार नए सरकारी बंगले में शिफ्ट हो गए हैं. यह वही 5, देश रत्न मार्ग वाला बंगला है, जहां नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले तक उनका निवास था. निशांत के इस कदम को बिहार की राजनीति में उनके बढ़ते कद से जोड़कर देखा जा रहा है.
RCP Singh एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। 27 जून को उन्होंने Nitish Kumar से उनके 7, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
आरसीपी सिंह ने जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की है, जिसकी तस्वीर भी सामने आ गई है. चुनाव के बाद जन सुराज से अलग हुए आरसीपी सिंह की इस मुलाकात के बाद अब उनकी जेडीयू में वापसी की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि उन्होंने इस मुठभेड़ की आलोचना की है. आजतक के फैक्ट चेक में जानें इस वायरल वीडियो की सच्चाई...
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक बार फिर नीतीश कुमार चुने गए हैं, लेकिन पार्टी नेताओं को सियासी भविष्य निशांत कुमार में दिख रहा है. जेडीयू के तमाम बड़े नेताओं ने एक सुर में कहा कि आने वाले समय में निशांत को पार्टी की अहम जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए. ऐसे में साफ है कि नीतीश की विरासत पूरी तरह से निशांत को दिए जाने का प्लान है?
नीतीश कुमार को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है. इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि वे बिहार के विकास के लिए अपना मार्गदर्शन जारी रखेंगे.
पटना के जदयू कार्यालय में आज पार्टी की अहम बैठकों का आयोजन किया गया है. इन बैठकों में राज्य और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हिस्सा ले रहे हैं.
उद्धव ठाकरे शिवसेना का स्थापना समारोह मना रहे हैं, लेकिन उनके हिस्से नाममात्र ही बचा है, क्योंकि नामोनिशान तो चार साल पहले ही गंवा चुके हैं. 60 साल पुरानी पार्टी छठी बार टूट की कगार और महाराष्ट्र की राजनीति के उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से बाउंसबैक फिलहाल तो असंभव लग रहा है.
INDIA गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी ने विपक्षी दलों से एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौती सिर्फ चुनाव जीतने की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की रक्षा की है. राहुल गांधी ने नीतीश कुमार के गठबंधन से जाने पर भी टिप्पणी की है.
बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा प्राइवेट कोचिंग या ट्यूशन क्लासेस में पढ़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. शिक्षा विभाग ने इस सख्त निर्देश का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारना और शिक्षकों की उपस्थिति व निष्ठा सुनिश्चित करना बताया है. नियम तोड़ने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, सैलरी रोकने और सस्पेंड करने तक के कड़े कदम उठाए जाएंगे.
बिहार में एक बार फिर से नेताओं के बीच शैक्षणिक योग्यता को लेकर सियासत शुरू हो गई है. अब इस कड़ी में निशांत कुमार का भी नाम जुट गया है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बिहार के शिक्षा मंत्री पर पूरा भरोसा है कि वह निशांत कुमार को इंजीनियर बना देंगे.
बिहार में सरकारी आवास को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर परोक्ष निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकारी घर खाली करना ही पड़ेगा, क्योंकि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति सरकारी आवास पर स्थायी कब्जा नहीं रख सकता. बरबीघा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को पद छोड़ने के बाद सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं करना चाहिए. सम्राट ने नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी नोटिस के मुख्यमंत्री आवास खाली कर आदर्श प्रस्तुत किया था.
बिहार के सरकारी ठेकों में सालों से चल रहे टेंडर मैनेज करने के बड़े खेल का पर्दाफाश होने के बाद प्रशासनिक लॉबी में भारी हड़कंप मचा हुआ है. जांच एजेंसियों की रडार पर आए एक दर्जन रसूखदार अधिकारियों और किंगपिन रिशु श्री की फर्जी कंपनियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है.