जन सुराज एक राजनीतिक पार्टी है (Jan Suraaj Party) जिसका नेतृत्व बिहार के (Bihar) राजनीतिक विशेषज्ञ प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) कर रहे हैं. प्रशांत किशोर 'पीके' के नाम से मशहूर हैं. कुछ साल पहले बिहार जन सुराज नाम से एक राजनीतिक अभियान शुरू किया गया था. इस अभियान में प्रशांत किशोर ने बिहार के विभिन्न जिलों के गांवों में पदयात्रा शुरू की. इस अभियान की शुरुआत बिहार राज्य में परिवर्तनकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से की गई थी. अभियान का फोकस जमीनी स्तर पर जनता की भागीदारी पर था, जिसमें बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार आदि जैसे प्रमुख मुद्दों को संबोधित किया गया.
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें शपथ दिलाई। बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार को 18,953 वोटों से हराकर अपने पहले चुनाव में जीत दर्ज की थी।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर आज से ऑफिशियली विधायक बन गए हैं. बिहार विधानसभा के स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने प्रशांत किशोर को शपथ दिलाई.
बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार को 19,324 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। 30 जुलाई को मतदान के बाद 3 अगस्त को पटना में मतगणना हुई।
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की दिल्ली में मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। इस बैठक में संजय झा भी मौजूद रहे।
BJP का गढ़ रहे बांकीपुर में जन सुराज का परचम लहराकर प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है. पीके को अपने पहले चुनाव अभियान में कामयाबी मिलना बड़ी बात है, लेकिन इससे बड़ी खबर है कि बीजेपी के ‘ट्रिपल इंजन’ का फेल होना.
बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर की पत्नी जाह्नवी दास भी चर्चा में हैं. डॉक्टर रहीं जाह्नवी ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए अपना करियर छोड़ा. खुद प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक मंच से उनके योगदान का जिक्र किया था.
जन सुराज की जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो फिर वायरल हो गया है. इसमें एक शख्स ने ऐसा वादा किया था, जिसे याद दिलाते हुए अब लोग उसका नाम और पता पूछ रहे हैं. आखिर कौन है ये व्यक्ति और क्या था उसका दावा?
बिहार की हाईप्रोफाइल माने जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी हार गई है. करीब 30 साल के बाद बीजेपी को यहां हार का मुंह देखना पड़ा है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर उपचुनाव जीतकर विधायक बन गए हैं, लेकिन बांकीपुर में बीजेपी की हार एक बड़ा झटका माना जा रहा.
बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को मात देने में सफल रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार को भी करारी मात दी है.
30 जुलाई को बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने बीजेपी का गढ़ भेद दिया, दतिया में कांग्रेस ने अपनी सीट बचाए रखी, जबकि मांजलपुर में बीजेपी ने अपना किला बरकरार रखा.
Bihar Bankipur Bypoll Election Result: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज कर ली है. उन्होंने बीजेपी के नीरज कुमार को 19,324 वोटों से हराया. इस जीत के साथ बांकीपुर उपचुनाव का सबसे बड़ा सियासी मुकाबला जन सुराज के नाम रहा.
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर ने बड़ा उलटफेर करते हुए बीजेपी को मात दे दी है. बीजेपी की सबसे मजबूत सीटों में से एक थी, जहां से नितिन नवीन पांच बार विधायक थे. बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे ने बिहार की राजनीति में एक नया सियासी विकल्प का रास्ता खोल दिया है.
Prashant Kishor Net Worth: बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं और जन सुराज पार्टी प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने जोरदार जीत हासिल कर ली है. उन्होंने नामांकन के दौरान चुनाव आयोग के सामने अपनी करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया था.
बिहार के की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर इस बार सबकी नजर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) पर टिक गई है. चुनावी रणनीतिकार के रूप में देशभर में पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर अब खुद मैदान में उतर चुके हैं यानी वह पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन बिहार बोर्ड से पढ़ाई करने वाले प्रशांत ने BBA के साथ ही हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर किया है लेकिन उनके नाम एक और रिकॉर्ड है. वह UN के साथ भी काम कर चुके हैं.
बिहार की बांकीपुर सीट पर बीजेपी की जीत के भरोसे तैयार किए गए 200 किलो लड्डुओं पर अब सवाल खड़ा हो गया है. शुरुआती रुझानों में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं.
Bankipur Bypoll Voting: बांकीपुर उपचुनाव में कम वोटिंग ने हर दल की धड़कन बढ़ा दी है. बीजेपी अपने गढ़ को बरकरार रखने की कोशिश में है. आरजेडी प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद कर रही है तो प्रशांत किशोर चौंकाने का दावा कर रहे हैं.
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी बिहार प्रदेश ने रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर फर्जी वोटिंग रोकने की मांग की है. पार्टी महासचिव नितिन अभिषेक ने आरोप लगाया कि जन सुराज पार्टी के लोग फर्जी वोट डलवाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने बीजेपी की इस मांग का स्वागत किया और इसे अच्छा कदम बताया.
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में मुकाबला तेज हो गया है. भाजपा के नितिन नबीन ने पटना में रोड शो किया और लोगों के समर्थन का भरोसा जताया. राजद नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार, सीएम सम्राट चौधरी और भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोला. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. तीनों दल अपनी अपनी रणनीति के साथ चुनाव मैदान में डटे हैं.
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव हाईप्रोफाइल बन गया है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की परंपरागत सीट रही बांकीपुर से जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अपना पहला चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी राह आसान नहीं रहने वाली है. बीजेपी से नीरज कुमार कैसे चुनावी लड़ाई को रोचक बना दिया है.
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के कई नेता, जिनमें केसी सिन्हा, रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह, गोपाल सिंह और ब्रज किशोर सिन्हा शामिल हैं, बीजेपी में शामिल हो गए. बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर बढ़ते भरोसे का नतीजा बताया, जबकि नेताओं ने जन सुराज में दिशा और नेतृत्व की कमी का आरोप लगाया. 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
बिहार में बांकीपुर उपचुनाव काफी रोचक होता जा रहा है. नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर सीट पर संयोग है या फिर प्रयोग कि चार प्रमुख उम्मीदवारों में से तीन प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. इस तरह बांकीपुर डेब्यूटेंट उम्मीदवारों का सियासी अखाड़ा बन गया है.