नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह बालेन अब भारत, चीन और अमेरिका के साथ कूटनीतिक संवाद की शुरुआत करने जा रहे हैं. पद संभालने के 100 से ज्यादा दिन बाद वह पहली बार विदेशी राजनयिकों से अलग-अलग वन-ऑन-वन मुलाकात करेंगे. सोमवार को उनकी पहली बैठक भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से होगी. इसके बाद वह चीन के राजदूत झांग माओमिंग से मिलेंगे. मंगलवार को अमेरिकी दूतावास के चार्ज डी अफेयर्स स्कॉट अर्बोम से भी उनकी बैठक तय है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि भारतीय राजदूत को सुबह का समय दिया गया है, जबकि चीनी राजदूत से मुलाकात दोपहर बाद होगी. बैठकों के इस वक्त से सरकार की प्राथमिकताओं का साफ पता चलता है. इन मुलाकातों में दोनों देशों के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने और आपसी सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है.
पहले अलग-अलग बैठकों से बनाई थी दूरी
प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन ने विदेशी राजनयिकों से अलग-अलग मुलाकात करने की परंपरा से दूरी बनाई थी. 8 अप्रैल को उन्होंने भारत और चीन समेत 17 देशों के राजदूतों और मिशन प्रमुखों से एक साथ शिष्टाचार मुलाकात की थी. उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित कुछ एक-से-एक बैठकें भी नहीं की थीं. हालांकि, जुलाई में एशियाई विकास बैंक (ADB) के अध्यक्ष मासातो कांडा से उन्होंने अलग से मुलाकात की थी. अब भारत, चीन और अमेरिका के प्रतिनिधियों से होने वाली बैठकें उनकी कूटनीतिक पहल का नया चरण मानी जा रही हैं.
रिपोर्ट्स मुताबिक, ये बैठकें पहले होनी थीं, लेकिन तराई और मधेश क्षेत्र में हालिया सांप्रदायिक हिंसा के कारण इन्हें टाल दिया गया था. हालात सामान्य होने के बाद तीनों दूतावासों को नया समय दिया गया. हालांकि, इससे पहले जून में नेपाल के विदेश मंत्री भारत और चीन का दौरा कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कहा था कि नेपाल दोनों पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है. ऐसे में बालेन की ये मुलाकातें भी उसी दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं.