सऊदी अरब की राजधानी रियाद के 'किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट' पर हुए हूती हमलों से दुनिया के कई देशों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस हमले में 12 लोगों की मौत हो और 300 से ज्यादा लोगों के घायल हो गए. ऐसे में एक के बाद एक वैश्विक नेता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन हमलों की निंदा कर रहे हैं.
भारत, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित दुनिया भर के शीर्ष नेताओं ने इस हमले पर का विरोध जताया है.
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को एक बयान जारी कर रियाद में पिछले कुछ दिनों में हुए लगातार हमलों का विरोध किया. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'इन हमलों में बहुमूल्य जानें गई हैं, कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है.'
मंत्रालय ने आगे कहा कि बार-बार होने वाले ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ एकजुटता भी दोहराई.
ट्रंप ने दी पलटवार की चेतावनी
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रियाद में हुए हमलों के बाद हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई में शामिल होने के संकेत दिए. मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हम इसमें शामिल हो सकते हैं. हम इस पर विचार कर रहे हैं. हमें हालिया हमले की जानकारी मिली है, इसलिए हम जल्द ही कोई फैसला लेंगे. हम बहुत तेजी से कदम उठाएंगे.'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हूती हमलों को अस्वीकार्य करार दिया. उन्होंने पुष्टि की कि इस हमले में मारे गए लोगों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है. रुबियो ने कहा कि संकट की इस घड़ी में अमेरिका सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन हैं. ये हमले तुरंत बंद होने चाहिए.
वहीं, संयुक्त राष्ट्र के यमन में विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने इन हमलों को 'गंभीर तनाव' करार दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारी खतरा हैं और शांति प्रयासों को और मुश्किल बनाते हैं.
कनाडा-कतर ने भी सऊदी का समर्थन किया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हूती हमलों को 'वीभत्स' बताया. उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का कोई मकसद नहीं हो सकता और कनाडा इन हमलों की सख्त से सख्त शब्दों में निंदा करता है.
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन और नागरिक सुरक्षा और हवाई नेविगेशन के लिए सीधा खतरा बताया. कतर ने बताया कि सऊदी अरब की सुरक्षा कतर और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सभी सदस्य देशों की सुरक्षा से सीधी जुड़ी हुई है.
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. उन्होंने 7 अगस्त को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' का हवाला देते हुए सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के लिए अटूट प्रतिबद्धता दोहराई.
इसके अलावा, फिलिस्तीन के विदेश मंत्रालय और मिस्र की सरकार ने भी सऊदी अरब के प्रति अपनी संवेदनाएं और समर्थन जताया है.