रियाद (Riyadh) सऊदी अरब की राजधानी और देश का सबसे बड़ा शहर है. यह रियाद प्रांत की राजधानी होने के साथ रियाद गवर्नरेट का प्रशासनिक केंद्र भी है. शहर नज्द के पठारी क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में वादी हनीफा के किनारे स्थित है. समुद्र तल से इसकी औसत ऊंचाई करीब 600 मीटर है.
आधुनिक रियाद का विस्तार मुख्य रूप से 20वीं सदी के मध्य में हुआ. इससे पहले यहां एक दीवार से घिरा हुआ शहर था. 1950 के दशक में शहर की पुरानी सुरक्षा दीवारों को हटा दिया गया और इसके बाद रियाद का तेजी से विस्तार शुरू हुआ. आज पुराना शहर आधुनिक आवासीय, व्यावसायिक और प्रशासनिक क्षेत्रों के साथ जुड़ा हुआ है.
रियाद नाम का उल्लेख 1590 में एक अरब इतिहास लेखक के लेखन में मिलता है. 18वीं सदी में दहाम इब्न दव्वास ने यहां अपना नियंत्रण स्थापित किया और शहर के चारों ओर मिट्टी की ईंटों से दीवार बनवाई. 1744 में मुहम्मद इब्न अब्द अल वहाब और मुहम्मद बिन सऊद के बीच गठबंधन हुआ. इसके बाद रियाद पर सऊदी शासन का प्रभाव बढ़ा.
पहला सऊदी राज्य 1818 में समाप्त हो गया. बाद में तुर्की इब्न अब्दुल्लाह ने दूसरा सऊदी राज्य स्थापित किया और 1825 में रियाद को अपनी राजधानी बनाया. 1902 में अब्दुलअजीज इब्न सऊद ने रियाद पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया. इसके बाद सऊदी शासन का विस्तार हुआ. 1932 में सऊदी अरब साम्राज्य की स्थापना हुई और रियाद को राजधानी बनाया गया.
रियाद आज सऊदी अरब का प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र है. यहां राजा, मंत्रिपरिषद, परामर्शदात्री सभा और सर्वोच्च न्यायिक परिषद सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों के मुख्यालय स्थित हैं. देश के अधिकांश मंत्रालय भी इसी शहर में स्थित हैं. रियाद में कई देशों के दूतावास भी हैं, जिनमें बड़ी संख्या राजनयिक क्षेत्र में स्थित है.
आर्थिक दृष्टि से भी रियाद देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल है. यहां बैंकिंग, दूरसंचार, उद्योग, मीडिया और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी बड़ी कंपनियों के मुख्यालय हैं. किंग फहद रोड शहर के प्रमुख मार्गों में से एक है. इसके आसपास किंग अब्दुल्ला वित्तीय जिला, अल फैसलिया टावर और किंगडम सेंटर जैसे प्रमुख क्षेत्र और इमारतें स्थित हैं.
2022 में रियाद की आबादी करीब 70 लाख बताई गई थी. शहर में सऊदी नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में दूसरे देशों से आए लोग भी रहते हैं. रियाद को 2030 में एक्सपो की मेजबानी के लिए भी चुना गया है.
रियाद के बाहरी क्षेत्र में दिरियाह स्थित है. यह सऊदी इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है और सऊद परिवार का ऐतिहासिक घर माना जाता है. यहां अत तुरैफ जिला स्थित है, जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है.
इराक से आए ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पंप स्टेशनों को नुकसान पहुंचाया. पाइपलाइन बंद हो गई जिससे रोजाना 4 मिलियन बैरल तेल निर्यात खतरे में है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मंदेब प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है.