चीन पर एक बेहद खतरनाक समुद्री तूफान 'डॉल्फिन' का खतरा मंडरा रहा है. तूफान के तटीय इलाकों से टकराने से पहले ही सरकार ने बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. समंदर में 8 मीटर, यानी करीब 26 फीट ऊंची खौफनाक लहरें उठने की चेतावनी दी गई है. इसी खतरे को देखते हुए शनिवार को कई प्रमुख बंदरगाह बंद कर दिए गए. साथ ही समुद्र के रास्ते चलने वाली नावों और फेरी सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मौसम विभाग ने बताया है कि यह तूफान रविवार देर रात से सोमवार सुबह के बीच चीन के पूर्वी तट से टकरा सकता है. अधिकारियों ने इसे ऑरेंज कैटेगरी का टाइफून घोषित किया है, जो खतरे का दूसरा सबसे बड़ा स्तर माना जाता है.
झेजियांग और फुजियान प्रांत पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के मुताबिक, यह तूफान झेजियांग प्रांत के झोउशान शहर से लेकर फुजियान प्रांत के फुडिंग शहर के बीच जमीन पर दस्तक देगा. जब यह तट से टकराएगा, उस वक्त इसके केंद्र के पास हवा की रफ्तार 38 से 45 मीटर प्रति सेकंड यानी 137 से 162 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है. इतनी तेज आंधी और हवा के थपेड़े तटीय इलाकों में भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं.
शंघाई समेत कई शहरों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
इस चक्रवात का असर 12 अगस्त तक पूर्वी चीन के कई हिस्सों में बना रहेगा. शंघाई और उसके आसपास के प्रांतों में तेज बारिश, बिजली कड़कने और भीषण आंधी चलने की आशंका जताई गई है. कुछ इलाकों में तो एक ही घंटे के भीतर 80 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश हो सकती है.
खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मछुआरों को समुद्र में न जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल तटीय शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और राहत टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.