कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 की रात 31 वर्षीय ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और निर्मम हत्या के मामले में शुभेंदु सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. मुख्यमंत्री ने इस मामले में नए सिरे से जांच की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम रही थी. यह मामला विधानसभा में ममता बनर्जी की हार की बड़ी वजहों में से एक था.
जून में विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रेप पीड़िता की मां को भरोसा दिलाया था कि उनकी बेटी को इंसाफ मिलेगा. उनकी बात सुनकर सदन में मौजूद पीड़िता की मां और बीजेपी विधायक भावुक हो गई थीं.
9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ अस्पताल के अंदर रेप और हत्या की घटना हुई थी. उस समय तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी. मृतका के लिए ‘अभया’ नाम का इस्तेमाल किया गया था.
सीएम ने क्या कहा था
विधानसभा में राज्यपाल के भाषण पर चर्चा के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है. उन्होंने कहा था कि आरजी कर मामले में न्याय मिलेगा और बंगाल के लोगों ने अभया को इंसाफ दिलाने के लिए वोट दिया है.
अधिकारी ने यह भी कहा था कि इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए तीन IPS अधिकारियों को निलंबित किया गया था और संदीप घोष को पद से हटा दिया गया था. उन्होंने कहा था कि मामले में सब कुछ साफ किया जाएगा. पीड़िता की मां ने बाद में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिलेगा. उन्होंने कहा था कि वह सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटी के इंसाफ के लिए वहां आई थीं.