छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने इस्तीफा दे दिया है. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल संतोष गंगवार को भेजा था, जिसे मंजूर कर लिया गया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर छात्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.
इस्तीफा देने वालों में अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा शामिल हैं. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा था. राज्यपाल ने इसे मंजूर कर लिया है. JPSC में तीन सदस्यों के पद छोड़ने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी.
जानकारी के मुताबिक, छात्र संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच पांच घंटे से ज्यादा समय तक बैठक चली. सभी छात्र संगठनों के साथ तीन दौर की बातचीत हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकल सका. सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं. दूसरी तरफ छात्र संगठनों का कहना है कि उनकी कई अहम मांगों पर अभी फैसला नहीं हुआ है.
दरअसल, सरकार की ओर से केवल 14वीं परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है, जिससे छात्र बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि अन्य परीक्षाओं और व्यवस्था में सुधार को लेकर जो मांगें रखी गई थीं, उन पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है.
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सरकार ने आधी मांगे मान ली है
सोमवार सुबह 9:30 बजे विधानसभा का घेराव
बातचीत से पूरी तरह सहमति नहीं बनने के बाद छात्रों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है. छात्र कल सुबह 9:30 बजे विधानसभा का घेराव करेंगे. इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की बात कही गई है.
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी बाकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा. अब सरकार और छात्रों के बीच अगले कदम पर सबकी नजर है.