
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह घायलों से मिलने कोलकाता पहुंचे. इस दौरान एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोल दिया है.
टीएमसी ने वीआईपी कल्चर और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. टीएमसी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'एक तरफ आम नागरिक अपनी जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं और दूसरी तरफ अमित शाह का भव्य स्वागत हो रहा है. ये कितना अजीब है?'
पार्टी ने सवाल उठाया कि जब एक तरफ ट्रेजडी और परिवारों का रोना-धोना चल रहा हो, तब बीजेपी नेता जश्न कैसे मना सकते हैं? क्या पुलिस की तैनाती का सारा फोकस सिर्फ अमित शाह की सुरक्षा पर था, जिसके चलते आम जनता की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की अनदेखी कर दी गई?
पार्टी ने कहा कि वीआईपी संस्कृति के नाम पर कभी भी सार्वजनिक सुरक्षा की बलि नहीं दी जानी चाहिए. जब जानें जाती हैं, तो जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता.
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे शाह
बता दें कि अमित शाह राज्य के सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे. वहां पहुंचकर उन्होंने घायलों से उनका हाल जाना और डॉक्टरों को उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री शुभेंदु और कोलकाता पुलिस पर भी आरोप
इस हादसे को लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और कोलकाता पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया है. पार्टी ने आरोप लगाया कि खराब भीड़ प्रबंधन, पुलिस की नाकामी और आपातकालीन व्यवस्थाओं की कमी के कारण ये हादसा हुआ.
विवादों के बीच चोरबगान सर्वजनीन दुर्गोत्सवा समिति के प्रचार सामग्री को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री के भतीजे देबदीप अधिकारी का नाम सामने लाया गया है. वो इस समिति के मुख्य संरक्षक बताए जा रहे हैं. इस समिति में स्थानीय जोरासंको निर्वाचन क्षेत्र के बीजेपी विधायक विजय ओझा अध्यक्ष और बीजेपी के उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमागि घोष मुख्य सलाहकार बताए गए हैं.
'आप अपने उस दोषी भतीजे को जेल में कब डालेंगे?'
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा, 'शुभेंदु बाबू आप अपने उस दोषी भतीजे को जेल में कब डालेंगे?' टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी आरोप लगाया कि सत्ता में बदलाव के बाद पुरानी पूजा समिति को हटने के लिए मजबूर किया गया और एक नई समिति ने इस पर कब्जा कर लिया था.
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष का बीजेपी सरकार पर हमला
वहीं, टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? पूजा समिति के आयोजक कहां हैं? उन्हें अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है? ऐसा पहली बार नहीं है जब पूजा के दौरान बारिश हुई हो. भीड़ के अचानक बढ़ने को संभालने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? जब तक पूजा समिति के आयोजक खुले घूम रहे हैं, तब तक इतनी बड़ी घटना की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती. उनके नाम और पहचान सार्वजनिक की जानी चाहिए. पुलिस कमिश्नर क्या कर रहे थे? विपक्ष को दबाने के अलावा, उनकी पुलिस फोर्स का असल काम क्या है? इतनी बड़ी नाकामी के बाद पुलिस कमिश्नर इस्तीफा क्यों नहीं देते? अगर वे इस्तीफा नहीं देते, तो उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का पलटवार
विपक्ष के इन तमाम हमलों पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा, 'सबने देखा कि उन्होंने (पिछली सरकारों ने) दो बड़ी घटनाओं को कैसे संभाला था. अक्टूबर 2025 के पहले हफ्ते में भारी बारिश के दौरान 13 लोगों की मौत हुई थी और फिर दार्जिलिंग आपदा में 100 लोगों की जान चली गई थी, तब उन्होंने क्या किया था?'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'क्या आपने कभी किसी मुख्यमंत्री को पूरी रात अस्पताल में जागते देखा है? क्या आपको अपने अनुभव से ऐसा कोई उदाहरण याद है? पूरी सरकार मौके पर मौजूद थी. कलकत्ता हाईकोर्ट के एक वर्तमान न्यायाधीश इस पूरे मामले की जांच करेंगे. मैं वादा करता हूं कि जैसे ही समिति अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, डेढ़ महीने के भीतर मैं उसे सार्वजनिक कर दूंगा.'
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वीआईपी मूवमेंट और लेन बंद करने को लेकर सीएम शुभेंदु ने कहा कि वीआईपी कार्ड देने और उसके लिए पैसे लेने की प्रथा बंद हो चुकी है. हालांकि VIP आवाजाही के लिए गलियों को बंद करने की आदत अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन अगले साल तक इसे भी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.