अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पश्चिम बंगाल के एक राजनीतिज्ञ हैं (Politician West Bengal). वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं (CM Mamata Banerjee Nephew). वह अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्य हैं और साथ ही, 2014 से डायमंड हार्बर (Dimond Harbor) लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य हैं (Abhishek Banerjee MP TMC).
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में अभिषेक बनर्जी को 13 सितंबर 2023 को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए नोटिस दिया था (ED Notice). इस घोटाले में सरकारी स्कूलों में अवैध तरीकों से शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां शामिल थीं. राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और पश्चिम बंगाल सरकार के कई अन्य अधिकारी इस घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए सलाखों के पीछे हैं, जिसकी जांच ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) दोनों द्वारा की जा रही है (Abhishek Banerjee WB Teacher Recruitment Scam). पूर्व में कोयला चोरी घोटाले में केंद्रीय एजेंसियों ने अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की जा चुकी है (Abhishek Banerjee Coal Pilferage Scam).
वह पश्चिम बंगाल के जिला दक्षिण 24 परगना में कार्यरत हैं. बनर्जी अखिल भारतीय तृणमूल युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं. 2011 से वह अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा से जुड़े हुए हैं.
अभिषेक बनर्जी ने 2014 में वाणिज्य की स्थायी समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया है. उन्हें 2014 में वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भी चुना गया था. उन्होंने रेलवे कन्वेंशन समिति (RCC) के सदस्य के रूप में अप्रैल 2015 से मई 2019 तक कार्य किया था. वह सितंबर 2019 से विदेश मामलों की स्थायी समिति के सदस्य भी हैं. 5 जून 2021 को उन्हें अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था. वह डायमंड हार्बर एफसी (Diamond Harbor FC) के संस्थापक भी हैं (Abhishek Banerjee Political Career).
उनका जन्म 7 नवंबर 1987 को कोलकाता (Kolkata), पश्चिम बंगाल में हुआ था (Abhishek Banerjee Age). उनका पालन-पोषण कोलकाता में ही हुआ है. बनर्जी ने नवा नालंदा हाई स्कूल और एम.पी. बिरला फाउंडेशन हायर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की. बाद में, बनर्जी दिल्ली चले गए और 2009 में भारतीय योजना और प्रबंधन संस्थान (IIPM), नई दिल्ली (New Delhi) से मानव संसाधन और विपणन में बीबीए और एमबीए की पढ़ाई की (Abhishek Banerjee Education).
अभिषेक बनर्जी ने 24 फरवरी 2012 को रुजीरा बनर्जी से शादी की (Abhishek Banerjee Wife) और उनके दो बच्चे हैं. बेटी का नाम अजानिया और बेटे का नाम अयांश है (Abhishek Banerjee Children).
पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल गरम है. तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बजट पर केंद्र सरकार से स्पष्ट हिसाब मांगा है कि बंगाल को कितना वित्तीय सहायता प्रदान की गई है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर सरकार इस हिसाब को दिखा पाती है तो वे राजनीति छोड़ देंगे.
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें देश का सबसे बड़ा कंटेंट क्रिएटर बताया है. उन्होंने I-PAC ऑफिस पर ED की रेड पर भी सवाल उठाए.
विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक लड़ाई चरम पर पहुंच चुकी है. प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बीच में ममता बनर्जी दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं, और मामला अदालत तक पहुंच चुका है. ममता बनर्जी के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती ये समझाने की है कि वो सच की लड़ाई लड़ रही हैं.
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि चुनाव आयोग ने नोबेल विजेता अमर्त्य सेन, क्रिकेटर मोहम्मद शमी और सांसद देव को SIR सुनवाई के लिए नोटिस भेजा है. उन्होंने इसे बंगाल के नागरिकों और प्रतीकों का अपमान बताया. आयोग ने इन नोटिसों को तकनीकी विसंगतियों को दूर करने की प्रक्रिया बताया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने चुनावी अभियान तेज कर दिया है. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 2 जनवरी से एक माह का कैंपेन शुरू किया है. इसकी शुरुआत में पार्टी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें फिल्म ‘धुरंधर’ के डायलॉग और गाने के जरिए 'घायल हूं, इसलिए घातक हूं' का संदेश दिया गया है.
अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी के दस सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर SIR से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की. इस बैठक में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे बात करते समय उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की. यह घटना दिखाती है कि चुनाव आयोग के साथ सांसदों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है.
अभिषेक बनर्जी समेत TMC के 10 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मिलकर SIR संबंधित दिक्कतों पर चर्चा की. बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की.
TMC नेता Abhishek Banerjee का CEC Gyanesh Kumar पर बड़ा आरोप. SIR meeting में finger-pointing विवाद, voter list manipulation और software game को लेकर Election Commission से टकराव.
स्त्री और भेड़िया फेम एक्टर अभिषेक बनर्जी ने पहली बार अपनी मां की बीमारी सिजोफ्रेनिया पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कैसे मां ने उनकी सही परवरिश की, उन्हें छोटी खुशियों में जीना सिखाया और क्यों वो आज भी उन्हें अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी रॉकस्टार मानते हैं.
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर शवों की राजनीति करने का आरोप लगाया. साथ ही मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद से जुड़े विवाद और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है.
लोकसभा में ई-सिगरेट पीने को लेकर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद विवादों में घिर गए हैं. बीजेपी ने कीर्ति आजाद पर सदन में वेपिंग करने का आरोप लगाया गया. कीर्ति आजाद के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है. स्पीकर ऐक्शन ले सकते हैं, और टीएमसी नेतृत्व पल्ला झाड़ चुका है.
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस की 2021 में जो सीटें और वोट प्रतिशत थी, उनके आधार पर एक सीट और वोट प्रतिशत बढ़ने की संभावना है. यदि ऐसा नहीं हुआ, तो बीजेपी के नेताओं ने कार्रवाई करने का वादा किया है. लेकिन यदि तृणमूल कांग्रेस का वोट प्रतिशत और सीटें बढ़ती हैं, तो बीजेपी को बंगाल के लोगों के सामने माफी मांगनी होगी.
निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने पार्टी के खिलाफ एक बड़ी चाल चली है. उन्होंने ऐलान किया कि वह 22 दिसंबर को एक नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगे. कबीर ने दावा किया कि वह ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करेंगे.
तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने SIR की खराब योजना और उसमें हुई 40 मौतों के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. अभिषेक ने बीजेपी पर बंगाल के लोगों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि TMC से लड़ना हो तो सीधे उनसे लड़ें, उन्होंने चुनाव आयोग की जवाबदेही और सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए.
लाल किले के सामने विस्फोट होने के कुछ देर बाद ही विपक्ष को ऐसा लगा कि मौका अच्छा है तुरंत सरकार को घेर लिया जाए. इसके बाद तो जैसे सरकार से इस्तीफा मांगने वालों की झड़ी लग गई. ये सब तब हो रहा था जब घटना की जांच शुरू भी नहीं हो पाई थी. ये चिंता किसी को नहीं दिखी कि अभी कहीं और भी विस्फोट हो सकता है. सुरक्षा बलों का मनोबल बनाए रखने की बात तो दूर ही है.
पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया की वजह से लगातार लोग डरे हुए हैं. कुछ दिन पहले ही दक्षिण 24 परगना के भांगर में एक अधेड़ व्यक्ति ने इस डर में अपनी जान दे दी कि उसका नाम वोटर लिस्ट से कट जाएगा.
देश के 12 राज्यों में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया के खिलाफ कोलकाता में एक विशाल मार्च का नेतृत्व किया. टीएमसी ने प्रक्रिया की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो काम 2002 में दो साल में हुआ था, उसे अब दो महीने में करने की कोशिश हो रही है.
पश्चिम बंगाल में सीएए और एनआरसी को लेकर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर भाजपा नेताओं को पेड़ से बांधने की बात कही, जिस पर शांतनु ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. ठाकुर ने कहा, 'अभिषेक बेनर्जी और ममता बेनर्जी कोशिश कर रही है कि बंगाल में भैंडालिज्म शुरू हो.' उन्होंने टीएमसी पर सीएए को लेकर लोगों को गुमराह करने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया, जैसा कि उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद में ट्रेन जलाने की घटना के दौरान हुआ था.
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि लोकसभा में बिल पेश होने के दौरान उनकी पार्टी के सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई है. पार्टी की महिला सांसद मिताली बैग ने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू और रवनीत बिट्टी ने उन्हें पीछे की ओर धक्का दिया, जिसमें उन्हें मामूली चोट भी आई है.
वोटर लिस्ट रिवीजन पर जारी सियासी संग्राम के बीच अब तृणमूल कांग्रेस ने नया राग छेड़ दिया है. टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने यह डिमांड की है कि वोटर लिस्ट दोषपूर्ण है, तो लोकसभा भंग कर पूरे देश में एसआईआर कराया जाना चाहिए.
डिनर के दौरान कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि वह विपक्षी एकता के लिए व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर रही है. ये रुख पिछले साल से अलग है, जब कांग्रेस के एकतरफा फैसलों ने ममता बनर्जी को नाराज़ कर दिया था और उन्होंने 'एकला चलो रे' का ऐलान कर बंगाल में INDIA ब्लॉक को खत्म मान लिया था.