अमित शाह, राजनेता
अमित अनिल चंद्र शाह (Amit Anil Chandra Shah)भारत के केंद्रीय गृह मंत्री हैं. वे भारत के पहले सहकारिता मंत्री भी हैं. वे गांधीनगर से लोकसभा के सदस्य हैं. अमित शाह ने 2014 से 2020 तक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे. वे पीएम नरेंद्र मोदी के एक विश्वसनीय सलाहकार रहे हैं.
उनका जन्म 22 अक्टूबर, 1964 को, (Date of Birth) मुंबई में, अनिल चंद्र शाह और कुसुमबेन शाह के घर हुआ था (Amit Shah Parents). अमित शाह की शादी सोनल शाह से हुई है. उनका एक बेटा है- जय शाह, जो आईसीसी के चेयरमेन हैं.
अमित शाह एक व्यापारी परिवार से हैं. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने व्यापारी के तौर पर की थी. वे एक स्टॉकब्रोकर के रूप में वित्त उद्योग में भी काम कर चुके हैं. बाद में, उनका रुझान राजनीति की ओर हुआ और उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ काम करना शुरु किया. शाह ने सीयू शाह साइंस कॉलेज (CU Shah Science College) से बायोकेमिस्ट्री में डिग्री हासिल की है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ उन्हें राष्ट्रवादी चुनावी रणनीति बनाने वाले व्यक्ति के रूप में पहचान मिली और यह जोड़ी भाजपा की सफलता की गारंटी बन गई.
शाह ने 1989 से अब तक, 29 चुनाव लड़े हैं, जिसमें विभिन्न स्थानीय निकाय चुनाव शामिल हैं और आज तक व्यक्तिगत तौर पर वे एक भी चुनाव नहीं हारे हैं. वह लगातार चार चुनावों, यानी 1997 (उप-चुनाव), 1998, 2002 और 2007 में गुजरात के सरखेज से विधायक के रूप में चुने गए हैं (Amit Shah Election).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @AmitShah है और उनके फेसबुक पेज का नाम Amit Shah है. वह इंस्टाग्राम पर amitshahofficial के नाम से एक्टिव हैं.
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने 126 में से 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं. बाकी सीटों पर सहयोगी दल चुनाव लड़ेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में राज्य में कई रैलियां करेंगे.
हाल ही में हुए एआई समिट में यूथ कांग्रेस के 'शर्टलेस' प्रदर्शन और संसद भवन की सीढ़ियों पर कांग्रेस सांसदों के चाय-पकौड़ा खाने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है. अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी दुनियाभर में भारत और उसके लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं. देखें वीडियो.
गृह मंत्री अमित शाह असम का दो दिवसीय दौरा कर रहे हैं. इस दौरान एक कार्यक्रम में उन्होंने दिल्ली में आयोजित AI समिट में यूथ कांग्रेस के नेताओं के प्रदर्शन का उल्लेख किया. अमित शाह ने इस प्रदर्शन का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाना बनाया. देखें वीडियो.
गृह मंत्रालय ने NSA के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है.सरकार का मानना है कि इस कदम से लद्दाख की मांगों को लेकर चल रहे गतिरोध को खत्म करने में मदद मिलेगी.
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव खारिज- ध्वनिमत से सरकार की जीत- बहस में अमित शाह का राहुल पर निशाना, कहा- अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल उठाना निंदनीय.
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि स्पीकर सभी सदस्यों के होते हैं और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. जब स्पीकर चुने गए थे, तो पक्ष और विपक्ष दोनों ने उन्हें सम्मानपूर्वक चेयर तक पहुंचाया था. सपा के नेताओं ने भी माना कि स्पीकर सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं और उनकी निष्ठा पर किसी को शक नहीं करना चाहिए.
अमित शाह ने राहुल गांधी के उपस्थिति को लेकर टिप्पणी की है कि उनकी उपस्थिति बहुत कम है. उन्होंने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव राहुल गांधी पर नहीं था बल्कि स्पीकर पर था, इसलिए इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए. अमित शाह ने सदन में उपयोग किए गए शब्दों का भी जिक्र किया और बताया कि स्पीकर ने उन्हें रोकने का काम नहीं किया. इस मुद्दे पर राजनीति चल रही है और जिम्मेदारी समझनी जरूरी है.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और विपक्षी कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव में लगाए गए आरोप के भी जवाब दिए.
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है. अमित शाह ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति 17वीं लोकसभा में 51 प्रतिशत रही. 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 80 प्रतिशत रहा.
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस चीन के दूतावास में गुप्त बैठक कर रही थी. इस बयान के बाद विपक्षी दलों के सदस्य नाराज हो गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे. विपक्षी सदस्य अमित शाह से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं. इस दौरान चेयरपर्सन जगदंबिका पाल ने कहा कि चार्जेज लगाने के बाद जवाब भी सुनना चाहिए और यदि कोई असंसदीय भाषा होगी तो उसे रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा.
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि संसद में कौन कितना बोलेगा और क्या बोलेगा, इसका फैसला सत्ताधारी पार्टी नहीं बल्कि स्पीकर करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी विपक्ष की आवाज दबाई नहीं है, जबकि वर्तमान में विपक्षी दलों ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की है. उन्होंने 1975 की आपातकाल की घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि उस वक्त विपक्ष की आवाज दबाने का काम हुआ था.
अमित शाह ने राहुल गांधी की लोकसभा में उपस्थिति को लेकर कड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की उपस्थिति 17वीं लोकसभा में मात्र 51 प्रतिशत और 16वीं लोकसभा में 52 प्रतिशत रही जबकि राष्ट्रीय औसत 80 प्रतिशत था. अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बजट और कई युगांतकारी विधेयकों पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया. इसके बावजूद राहुल गांधी विपक्ष की ओर से कह रहे हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता.
अमित शाह ने आंकड़ों के जरिए विपक्ष के 'भेदभाव' वाले आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि स्पीकर ने हमेशा कांग्रेस को उनकी सदस्य संख्या के अनुपात में कहीं अधिक समय दिया है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 17वीं लोकसभा में कांग्रेस के 52 सांसद थे, लेकिन उनको 157 घंटे 55 मिनट बोला गया.
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि सदन किसी एक पार्टी के नियमों से संचालित नहीं होगा, बल्कि लोकसभा के निर्धारित नियमों के अनुसार चलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस प्रस्ताव को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है. गृह मंत्री के इस बयान से सदन में राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जिसमें सदन की कार्यवाही और नियमों का पालन सर्वोपरि माना गया है.
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जवाब दिया. अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है.
बिहार की राजनीति में स्थापित होने के लिए बीजेपी को लंबा इंतजार और कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है. और, उसका नतीजा भी हासिल हुआ है. दो दशक पहले बीजेपी ने नीतीश कुमार को आगे करके सत्ता की राजनीति शुरू की थी, और अब जाकर उसे सफलता मिलनी शुरू हुई है, लेकिन अभी बहुत कुछ बाकी है.
Budget Session Live Updates: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आज आ गया है. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा होनी है. ताजा अपडेट्स के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहें...
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद लखनऊ उत्तर से भाजपा विधायक डॉ. नीरज बोरा का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गया है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि 'जब मैदान में अमित शाह जी हों तो बिना खाता खोले भी जीत सकते थे, 255 तो आउट ऑफ रीच था.' इस पोस्ट पर सोशल मीडिया में तीखी और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
आज गृहमंत्री अमित शाह से सम्राट चौधरी की मुलाकात बिहार की राजनीतिक सियासत में एक महत्वपूर्ण घटना है. सीएम पद के मुद्दे पर जारी सस्पेंस को लेकर यह मुलाकात विशेष मायने रखती है क्योंकि चर्चा में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम है. इस बैठक के बाद बिहार की सियासत में चल रहे सस्पेंस और अधिक स्पष्ट हो सकते हैं. यह मुलाकात राजनीतिक हलकों और जनता दोनों के लिए दिलचस्प और महत्वपूर्ण साबित होगी.
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के उल्लंघन और वेन्यू बदलने के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है. गृह मंत्री ने इसे घटना को संवैधानिक गरिमा पर आघात बताया है. गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर टीएमसी सरकार के इस व्यवहार को 'अराजक' करार देते हुए इसे राष्ट्रपति पद का अपमान बताया है.
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर जैसे ही आई, और जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच कर जेडीयू कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे. नीतीश कुमार के समर्थकों के निशाने पर जेडीयू के ही दो नेता हैं, जिन्हें वे विलेन बताने लगे हैं.