उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई. इसके बाद स्पीकर ने विधानसभा को अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दिया, जिससे सदन में गतिरोध बढ़ गया.
विधानसभा में हुए इस पूरे घटना पर माता प्रसाद पांडेय ने लखनऊ में जनेश्वर मिश्रा जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन में बातचीत के दौरान प्रतिक्रिया दी है.
'चढ़ावा चोरी पर चर्चा से डरी सरकार'
उन्होंने आजतक से खास बातचीत करते हुए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने पर कहा कि सरकार किसी की बात नहीं मानती है. उन्होंने बताया कि नियम 311 के तहत अति महत्वपूर्ण और तात्कालिक घटना पर सारे काम रोककर पहले चर्चा कराई जाती है. विपक्ष अयोध्या चढ़ावा चोरी पर नियम 311 के तहत चर्चा चाहता था, लेकिन सरकार अपने बाकी काम पहले कराने पर अड़ी थी. इसी तनाव के कारण सत्र को जल्दी खत्म कर दिया गया.
'विपक्ष के एक शब्द बोलने पर हो जाते हैं कठोर'
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा इस्तीफे पर विचार करने की बात पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महाना को इस्तीफा दे ही देना चाहिए. उन्होंने कहा कि महाना अच्छे स्पीकर हैं, लेकिन विपक्ष के एक शब्द बोलने पर कठोर हो जाते हैं. जबकि मुख्यमंत्री सदन में रोज गुंडा, चोर और अटैची लेकर चलने वाला जैसे शब्द बोलते हैं, तब स्पीकर उन्हें कभी नहीं रोकते.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सरकार के पास बेरोजगारी और अयोध्या चोरी पर कोई जवाब नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि मामले की जांच सीबीआई (CBI) को क्यों नहीं दी गई और केवल एसआईटी (SIT) क्यों बिठाई गई. उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी से पूरे देश के सनातनी हिंदुओं को गहरा आघात पहुंचा है और वे बेहद दुखी हैं.
माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि बच्चों पर लाठियां चलना और चढ़ावा चोरी होना, दोनों ही बहुत बड़े मामले हैं. सनातनियों ने जो कुछ भी दान दिया था, वह संन्यासियों को समझकर दिया था, लेकिन उसे उठा लिया गया.
जब उनसे बीजेपी के आरोप- सपा का काम पीडीए (PDA) से नहीं चल रहा इसलिए ब्राह्मणों को रिझाया जा रहा है, माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सपा का सिद्धांत 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' का है जो ब्राह्मणों का सिद्धांत है. आज ब्राह्मण समाज ने अखिलेश यादव को 2027 में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है.
BJP ने ब्राह्मण नेताओं की नहीं चलती
इसी कार्यक्रम में सपा की ब्राह्मण चेहरा पूजा शुक्ला ने कहा कि कृष्ण और सुदामा जैसी दोस्ती रहेगी और अखिलेश जी ने पहले दिन से कहा है कि पीडीए में ए (A) का मतलब अगड़ा यानी ब्राह्मण भी शामिल है. वहीं, सपा नेता पवन पांडे ने तंज कसते हुए पूछा कि डिप्टी सीएम बताएं कि वह छाता लेकर क्या कर रहे थे, क्योंकि बीजेपी में किसी ब्राह्मण नेता की नहीं चलती है.