scorecardresearch
 

महिला उद्यमी क्रेडिट योजना क्या है? यूपी की महिलाओं को कैसे मिलेगा 1 लाख रुपये का कर्ज

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने और मौजूदा व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से महिला उद्यमी क्रेडिट योजना की पहल की गई है

Advertisement
X
यूपी की महिला उद्यमी क्रेडिट योजना (Photo-ITG)
यूपी की महिला उद्यमी क्रेडिट योजना (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत की है- महिला उद्यमी क्रेडिट योजना. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना राज्य भर के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी लगभग 1 करोड़ महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

सूक्ष्म व्यवसायों में सबसे बड़ी बाधा यानी महंगे ब्याज वाले कर्ज को खत्म करके, इस योजना का उद्देश्य घरेलू महिलाओं को स्वतंत्र व्यवसाय मालिक या "लखपति दीदी" बनाना है.

योजना की मुख्य विशेषताएं

महिला उद्यमी क्रेडिट योजना अपनी आसान और बिना किसी वित्तीय बोझ वाली संरचना के कारण बेहद खास है:
   

  • ब्याज मुक्त ऋण: लाभार्थियों को 0% ब्याज दर पर ₹1,00,000 (₹1 लाख) तक का ऋण मिलता है।
  • चरणबद्ध वित्तीय सहायता: व्यवसाय की सही प्लानिंग सुनिश्चित करने और महिलाओं पर एक साथ कर्ज का बोझ न पड़े, इसके लिए ऋण को तीन चरणों में दिया जाता है:
  •  पहली किस्त: ₹20,000
  •  दूसरी किस्त: ₹30,000
  •  तीसरी किस्त: ₹50,000
  • विशेष क्रेडिट कार्ड: महिला उद्यमियों को व्यावसायिक लेन-देन को आसानी से प्रबंधित करने और धनराशि निकालने के लिए विशेष क्रेडिट कार्ड दिए जाते हैं.
  • पुनर्भुगतान की अवधि: कर्ज ली गई राशि का उपयोग करने और उसे चुकाने के लिए लाभार्थियों को 3 वर्ष तक का समय दिया जाता है.

कौन आवेदन कर सकता है?

Advertisement

यह सुनिश्चित करने के लिए कि धनराशि जमीनी स्तर तक पहुंचे, इसके पात्रता मानदंड मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र की संगठित महिलाओं पर केंद्रित हैं:
1. SHG की सदस्यता: आवेदिका को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के तहत पंजीकृत किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) का सक्रिय सदस्य होना चाहिए.
2. मूल निवासी: आवेदिका उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए.
3. उद्देश्य: इस राशि का उपयोग नया सूक्ष्म उद्यम शुरू करने या मौजूदा घरेलू व्यवसाय (जैसे- हस्तशिल्प, सिलाई, अचार बनाना, छोटी किराना दुकान, या डेयरी फार्मिंग) को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए.

मुख्य अपडेट और फैक्ट-चेक
 

बजट और स्थिति: इस योजना को राज्य के बजट में ₹151.04 करोड़ के शुरुआती आवंटन के साथ घोषित किया गया था, वर्तमान में यह प्रशासनिक स्तर पर लागू होने के चरण में है.

कोई मुफ्त राशि नहीं: सोशल मीडिया पर चल रहे इस भ्रम से बचें कि "₹1 लाख खाते में मुफ्त दिए जा रहे हैं." यह एक ऋण/क्रेडिट सुविधा है, जिसे व्यवसाय चलाने के लिए दिया जाता है और इसे नियमबद्ध तरीके से चुकाना अनिवार्य है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement