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2003 में SBI लॉकर में रखे थे 50 लाख के गहने, 23 साल बाद खुला तो सब गायब, मैनेजर और कर्मचारियों पर FIR

कानपुर में SBI के एक लॉकर से करीब 50 लाख रुपये के गहने और कीमती सामान गायब होने का मामला सामने आया है. महिला ने आरोप लगाया कि उसने 2003 में लॉकर लिया था, लेकिन हाल में खोलने पर वह खाली मिला. शिकायत के बाद स्वरूप नगर थाने में बैंक मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई.

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SBI के लॉकर से गायब हुए 50 लाख के गहने. (Photo: Screengrab)
SBI के लॉकर से गायब हुए 50 लाख के गहने. (Photo: Screengrab)

बैंक लॉकर को लोग अपनी कीमती चीजों को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लॉकर की सुरक्षा और बैंक रिकॉर्ड को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां SBI के एक लॉकर से करीब 50 लाख रुपये के सोने के गहने और दूसरे कीमती सामान के गायब होने का आरोप लगा है. महिला की शिकायत पर पुलिस ने बैंक के ब्रांच मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है.

मामला कानपुर के स्वरूप नगर स्थित (SBI) शाखा से जुड़ा है. शिकायत करने वाली महिला के मुताबिक, उसने वर्ष 2003 में तत्कालीन स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (SBT) की स्वरूप नगर शाखा में एक लॉकर लिया था. बाद में बैंक के विलय के बाद यह शाखा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी (SBI) का हिस्सा बन गई. महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने अपने लॉकर में सोने के गहने और दूसरी कीमती चीजें रखी थीं. इनकी कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है. महिला के मुताबिक, लॉकर में रखी इन चीजों को लेकर उसे भरोसा था कि वे बैंक के लॉकर में सुरक्षित हैं.

पति की मौत के बाद लखनऊ चली गई थी महिला

महिला ने बताया कि उसके पति की मौत के बाद वह लखनऊ चली गई थी. इसके बाद उसका बैंक आना-जाना कम हो गया. वह नियमित रूप से लॉकर देखने के लिए बैंक नहीं आ पाती थी. हालांकि, उसके बैंक खाते से लॉकर का चार्ज लगातार कटता रहा. इस वजह से महिला को लगता रहा कि उसका लॉकर सक्रिय है और उसमें रखा सामान सुरक्षित है.

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हाल में जब महिला बैंक पहुंची और अपने लॉकर को खोलने की कोशिश की तो उसे कथित तौर पर बताया गया कि बैंक के विलय के बाद उसके लॉकर से जुड़े रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. इसके बाद बैंक की तरफ से रिकॉर्ड की जांच की गई और लॉकर से जुड़ी जानकारी का पता लगाया गया. रिकॉर्ड मिलने के बाद महिला को लॉकर खोलने की अनुमति दी गई. लेकिन जब लॉकर खोला गया तो महिला के होश उड़ गए. उसके मुताबिक, लॉकर के अंदर कोई गहना या दूसरा कीमती सामान नहीं था। लॉकर पूरी तरह खाली मिला.

महिला ने आरोप लगाया कि उसके लॉकर में रखे करीब 50 लाख रुपये के गहने और अन्य कीमती सामान गायब हैं. इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस से की. महिला की शिकायत के आधार पर स्वरूप नगर थाने में बैंक के ब्रांच मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लॉकर से सामान आखिर कब और कैसे गायब हुआ.

प्रारंभिक जांच में पुलिस को बैंक रिकॉर्ड में ऐसी एंट्री भी मिली है, जिससे पता चलता है कि महिला के लॉकर को पहले भी एक्सेस किया गया था. अब जांच अधिकारियों का ध्यान इस बात पर है कि लॉकर को पहले कब खोला गया, किसने एक्सेस किया और उस समय लॉकर से संबंधित क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी.

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पुलिस बैंक के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. लॉकर एक्सेस रजिस्टर, CCTV फुटेज और दूसरे दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है. इन रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला के लॉकर से कीमती सामान किस समय गायब हुआ.  यह मामला बैंक के विलय के बाद लॉकर से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल खड़े करता है.

महिला का कहना है कि जब वह हाल में बैंक पहुंची तो उसे बताया गया कि विलय के बाद उसके लॉकर के रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध नहीं थे. बाद में जांच के बाद लॉकर का विवरण खोजा गया और उसे लॉकर खोलने की अनुमति दी गई. लॉकर खुलने के बाद सामान गायब मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा. अब जांच में यह देखा जा रहा है कि लॉकर के पुराने रिकॉर्ड में क्या जानकारी दर्ज है और लॉकर को पहले कब एक्सेस किया गया था.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में लॉकर को पहले एक्सेस किए जाने से जुड़ी एंट्री मिली है. इसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस बैंक के दस्तावेजों और दूसरे रिकॉर्ड की जांच कर रही है. जांच के दौरान पुलिस बैंक के CCTV फुटेज भी देख रही है. इसके अलावा लॉकर एक्सेस रजिस्टर और दूसरे संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच का मकसद यह पता लगाना है कि महिला के लॉकर तक पहले किसकी पहुंच हुई थी और उसके अंदर रखा सामान कब गायब हुआ.

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फिलहाल पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बैंक मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. बैंक की ओर से इस मामले में प्रतिक्रिया का इंतजार है. कानपुर का यह मामला बैंक लॉकर की सुरक्षा और उसकी रिकॉर्ड व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है. महिला का दावा है कि उसने वर्ष 2003 में लॉकर लिया था और उसमें करीब 50 लाख रुपये के गहने और दूसरी कीमती चीजें रखी थीं.

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

पति की मौत के बाद लखनऊ जाने के कारण उसका बैंक आना-जाना कम हो गया था, लेकिन लॉकर चार्ज उसके खाते से कटता रहा. जब वह हाल में बैंक पहुंची और लॉकर खोला गया तो वह खाली मिला. इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत की और मामला दर्ज हुआ. अब पुलिस पुराने बैंक रिकॉर्ड, लॉकर एक्सेस रजिस्टर, CCTV फुटेज और दूसरे दस्तावेजों के जरिए पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लॉकर से कीमती सामान कब और किस तरह गायब हुआ.

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