
दिल्ली में पुलिस द्वारा समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में भारी बवाल मच गया. खबर फैलते ही राज्य के अलग-अलग जिलों में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया और नेताओं की रिहाई की मांग की. कई जिलों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी झड़प हुई और पुलिस ने कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
पूर्वांचल के जिलों में जोरदार हंगामा
चंदौली में सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चकिया तिराहे पर धरना दिया. श्रावस्ती के भिनगा स्थित ईदगाह तिराहे पर सपा-कांग्रेस ने संयुक्त प्रदर्शन किया, जहां पुलिस बल तैनात रहा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष को नजरबंद करने का आरोप लगा. देवरिया के सुभाष चौक पर सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव की अगुवाई में विरोध दर्ज किया गया.

मऊ और वाराणसी में पुलिस से धक्का-मुक्की
मऊ में धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकने को लेकर कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई, जहां उग्र सपाई सड़क पर लेट गए और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया. वाराणसी के BHU सिंह द्वार पर धरना दे रहे छात्रों और सपा कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और दर्जनों को हिरासत में लिया.
पश्चिम यूपी में हाइवे जाम का प्रयास
संभल में सपा जिलाध्यक्ष की अगवाई में कार्यकर्ताओं ने मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे जाम करने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हटाया. हापुड़ के तहसील चौराहे पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और पुलिस सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर समेत कई लोगों को घसीटते हुए थाने ले गई. मुजफ्फरनगर के महावीर चौक पर दोनों दलों ने संयुक्त धरना दिया.

बुंदेलखंड और मध्य यूपी में सड़कों पर उतरे सपाई
मैनपुरी के ईसन नदी गोल चक्कर और एटा के पाठक होटल चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया. फिरोजाबाद के सुभाष तिराहे पर कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की. इटावा के शास्त्री चौराहे, सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट और गोरखपुर के शास्त्री चौक पर भी उग्र प्रदर्शन हुए. गोरखपुर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ा.

रायबरेली में भी सपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा. जिलाध्यक्ष की अगुवाई में सैकड़ों समाजवादी पार्टी और लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आये और शहर के डिग्री कॉलेज चौराहे पर जाम लगा दिया. इस दौरान पुलिस से उनकी तीखी झड़प हुई. घटना का वीडियो सामने आया है. उधर, कांग्रेसियों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और जोरदार प्रदर्शन किया.

प्रयागराज, कौशांबी और उन्नाव में रात तक चला विरोध
प्रयागराज के सिविल लाइंस और कौशांबी के मंझनपुर चौराहे पर देर रात तक प्रदर्शन चला. कौशांबी में अखिलेश यादव की रिहाई की खबर मिलने के बाद ही धरना समाप्त हुआ. वहीं उन्नाव में गंगा घाट कोतवाली के बाहर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. पूरे राज्य में विपक्ष ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया.