उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान विधानसभा के सबसे वयोवृद्ध सदस्य आलम बदी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. 90 वर्ष से अधिक आयु के सपा विधायक आलम बदी का निधन बीती 23 जुलाई को हो गया था. आजमगढ़ के निजामाबाद से पांचवीं बार विधायक चुने गए आलम बदी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. सदन के नेता योगी आदित्यनाथ ने उनके साथ-साथ 21 अन्य पूर्व सदस्यों के निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त किया. सीएम ने कहा कि जनता के प्रति समर्पण हो तो उम्र मायने नहीं रखती. उन्होंने दिल खोलकर तारीफ की.
90 की उम्र में भी राजनीतिक सक्रियता बनी मिसाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ के बिंदवल में जन्मे आलम बदी सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य थे. वे 1996 के मध्यावधि चुनाव में पहली बार चुने गए थे. इसके बाद 2002, 2012, 2017 और 2022 में निजामाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए. उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी सक्रियता हर जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणास्रोत थी.
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सादगी और बेदाग छवि के लिए जाने जाते थे आलम बदी
सीएम योगी ने आलम बदी को सरल, विनम्र और जनप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे यूपी की राजनीति में अपनी सादगी और बेदाग छवि के लिए पहचाने जाते थे. वे विधानसभा की आचार समिति समेत कई समितियों के सदस्य रहे. उन्होंने हमेशा गरीब-वंचित वर्ग के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और अपने क्षेत्र के बुनियादी मुद्दों के लिए सदन में आवाज उठाई.
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21 पूर्व सदस्यों को भी दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
आलम बदी के अलावा मुख्यमंत्री ने 21 अन्य पूर्व सदस्यों के निधन पर भी शोक जताया. इनमें राजेंद्र त्रिपाठी, भोला पांडेय, अमिताभ लवानिया, सुब्बाराम, जगन्नाथ चौधरी, रामप्यारे आजाद, गोपीनाथ वर्मा, यशपाल सिंह, राधेश्याम भारती, संग्राम सिंह, हरिनारायण राजभर, डॉ. भगवत दयाल, अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’, ओमवती देवी, मोहर सिंह, अफसर यू अहमद, तेजभान सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, प्यारेलाल शंखवार, ओमकार सिंह और हनुमंत सिंह शामिल हैं.