फॉक्सवेगन एजी (Volkswagen AG), जिसे आमतौर पर VW के नाम से जाना जाता है, जर्मनी की एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी है. कंपनी का मुख्यालय जर्मनी के लोअर सैक्सनी राज्य के वोल्फ्सबर्ग शहर में स्थित है. इसकी स्थापना वर्ष 1937 में जर्मन लेबर फ्रंट द्वारा की गई थी. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश सेना के अधिकारी इवान हर्स्ट की देखरेख में कंपनी ने दोबारा काम शुरू किया और धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई.
‘Volkswagen’ नाम जर्मन भाषा के दो शब्दों ‘Volk’ और ‘Wagen’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ ‘लोगों की कार’ होता है. कंपनी ने अपने शुरुआती वर्षों में ऐसी कारों के निर्माण पर काम किया, जिन्हें आम लोगों के लिए तैयार किया जा सके. समय के साथ फॉक्सवैगन ने अलग-अलग श्रेणी की कारों का निर्माण शुरू किया और कई देशों में अपना कारोबार बढ़ाया.
फॉक्सवेगन की सबसे प्रसिद्ध कारों में बीटल (Beetle) का नाम शामिल है. यह मॉडल कई दशकों तक कंपनी की पहचान बना रहा. आज फॉक्सवेगन ग्रुप के अंतर्गत कई अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल ब्रांड काम करते हैं. कंपनी यात्री कारों के साथ-साथ विभिन्न बाजारों की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग मॉडल विकसित करती है.
भारत में फॉक्सवेगन की मौजूदगी कई वर्षों से है. 7 अक्टूबर 2019 को फॉक्सवेगन ग्रुप इंडिया ने अपनी तीन भारतीय कंपनियों-Volkswagen India Private Limited, Volkswagen Group Sales India Private Limited और Škoda Auto India Private Limited का विलय करके एक नई कंपनी बनाई, जिसका नाम Skoda Auto Volkswagen India Private Limited (SAVIPL) रखा गया. इस नई कंपनी का मुख्यालय महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित है. गुरप्रताप बोपाराय को इसका पहला प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था.
भारत में यह कंपनी फॉक्सवेगन, ऑडी और स्कोडा ब्रांड की कारों के निर्माण, बिक्री और संचालन से जुड़ा कार्य करती है. इसके अलावा फॉक्सवेगन ग्रुप के अन्य ब्रांड जैसे पोर्शे, लेम्बोर्गिनी और बेंटले की कारों की बिक्री भी भारतीय बाजार में इसी समूह के माध्यम से की जाती है.
फॉक्सवैगन (Volkswagen) ने अपनी इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर आईडी क्रॉस (ID Cross) से पर्दा उठा दिया है. ये जर्मन कार निर्माता की पहली कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर है. इस कार को कंपनी ने एमईबी प्लस प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है. इसी प्लेटफॉर्म पर फॉक्सवैगन आईडी पोलो भी आती है, जो अप्रैल में रिवील हुई थी.
Volkswagen Tayron Life Launch: फॉक्सवैगन ने अपनी नई एसयूवी टेरॉन को लॉन्च कर दिया है. वैसे टेरॉन आर-लाइन पहले से भारत में मिल रही थी, अब कंपनी ने इसका लाइफ ट्रिम लॉन्च किया है, जो पुराने वर्जन से 5 लाख रुपये कम कीमत पर आता है. कार में 2 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
फॉक्सवैगन ग्रुप इन दिनों मुश्किल से गुजर रहा है. इस ग्रुप पर संकट के कई बादल मंडरा रहे हैं, जिसकी वजह से लगभग 1 लाख नौकरियां दांव पर लग गई है. आने वाले दिनों में इन 1 लाख नौकरियों पर बड़ा फैसला होना है. चीनी कंपनियों से मिल रहे कंपटीशन, घरेलू मार्केट में कम होती डिमांड और अमेरिकी टैरिफ के दबाव में कंपनी इन नौकरियों को खत्म कर सकती है.
ऑडी, पोर्श बनाने वाली दिग्गज कंपनी अब बड़े स्तर पर छंटनी करने जा रही है. साथ ही कई प्लांट्स को बंद भी करने का प्लान किया है. इस कंपनी से करीब 100000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है.
मई 2026 कार ब्रांड्स के लिए शानदार रहा है. 10 कंपनियों की सेल पिछले साल के मुकाबले इस साल बढ़ी है. हालांकि, सभी ब्रांड्स के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है.
Volkswagen ID Polo EV: फॉक्सवैगन ने अपनी मशहूर कार पोलो का इलेक्ट्रिक वर्जन पेश किया है. सिंगल चार्ज में ये कार 454 किमी की ड्राइविंग रेंज देती है.
तकरीबन 5 सालों के बाद Volkswagen Taigun का नया फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च किया गया है. इस एसयूवी के साथ कंपनी अस्योर्ड बायबैक गारंटी भी दे रही है. जिसके तहत ग्राहकों को एसयूवी पसंद न आने पर 75% बायबैक गारंटी दी जा रही है.
कॉम्पैक्ट एसयूवी के सेगमेंट में भारतीय बाजार में इस वक्त मुकाबला नहीं बल्कि महा-मुकाबला हो रहा है. हाल में इस सेगमेंट में एक नई कार की एंट्री हुई है.
Volkswagen Taigun को कंपनी ने बिल्कुल नए अंदाज में पेश किया है. कंपनी का दावा है कि इसमें 40 से ज्यादा सेफ़्टी फीचर्स दिए गए हैं. सबसे बड़ा बदलाव 1.0 TSI इंजन के तौर पर देखने को मिलता है, जिसमें नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है.
Volkswagen Taigun को पहली बार साल 2021 में लॉन्च किया गया था. भारत में इसकी 1,43,000 से ज्यादा यूनिट्स का प्रोडक्शन किया जा चुका है. अब कंपनी इस एसयूवी के नए अपडेटेड मॉडल को लॉन्च करने जा रही है. जिसका प्रोडक्शन पुणे प्लांट में शुरू हो चुका है.
Volkswagen Taigun के नए फेसलिफ्ट मॉडल को 9 अप्रैल को लॉन्च किया जाएगा. ये एसयूवी क्रेटा और सेल्टॉस जैसे मॉडलों को टक्कर देगी.
Volkswagen Tayron R-Line कंपनी की तरफ से भारतीय बाजार में पेश की जाने वाली फ्लैगशिप मॉडल है. ये कार कंपनी को 7-सीटर SUV सेगमेंट में मौजूदगी बेहतर करने में मदद करेगी. बाजार में इसका सीधा मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर या स्कोडा कोडियाक जैसी प्रीमियम SUV है.
Volkswagen Tera भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद Polo की कमी को पूरा करेगी. ग्लोबल मार्केट में कॉम्पैक्ट एसयूवी पहले से मौजूद है.
Volkswagen Tayron R-Line कंपनी के मौजूदा पोर्टफोलियो में सबसे उपर पोजिशन करेगी. टिगुआन ऑलस्पेस के बंद होने के बाद 7-सीटर थ्री-रो स्पेस में ये कंपनी की नई एंट्री है. यह मॉडल भारत में लोकली असेंबल किया जाएगा और इसे पूरी तरह नॉक्ड डाउन यानी CKD यूनिट के तौर पर लाया जाएगा.
Volkswagen ने इस साल 2026 के लिए अपनी स्ट्रेटजी का खुलासा किया है. अब तक भारतीय बाजार में केवल 4 कारों से दौड़ लगा रही ये यूरोपियन ब्रांड अपने प्रोर्टफोलियो को बढ़ाने जा रही है. इसे हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA Deal) से भी जोड़ कर देखा जा रहा है.
India-EU FTA के बाद Volkswagen ने भारत के लिए बड़ी रणनीति का खुलासा किया है. 2026 में 5 नई cars लॉन्च होंगी, जिनमें SUV, sedan और hatchback शामिल हैं. जानें Tayron, Golf GTI और price impact.
India-EU FTA Deal: इंडिया और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए इस डील से यूरोप से इंपोर्ट होकर आने वाली कारों की कीमत में भारी गिरावट की उम्मीद की जा रही है. अब तक इन कारों पर 70 प्रतिशत से 110 प्रतिशत टैरिफ लगता था. जो इस समझौत के तहत घटकर केवल 10 प्रतिशत पर आ गया है.
Volkswagen VRS: यह वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम महाराष्ट्र स्थित फॉक्सवैगन ग्रुप के दोनों प्लांट्स पर लागू की गई है. इन प्लांट्स में स्कोडा कुशाक एसयूवी, फॉक्सवैगन वर्टस सेडान और ऑडी क्यू3 व क्यू5 जैसी कारों का प्रोडक्शन होता है.
Skoda and Volkswagen recall: स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया लिमिटेड ने भारत में अपनी 1,821 कारों कों सीट बेल्ट में आई तकनीकी खामी के चलते रिकॉल किया है.
Volkswagen Golf GTI कंपनी की तरफ से भरतीय बाजार में कम्पलीट बिल्ट यूनिट (CBU) के तौर पर लाई जा रही है. कंपनी का कहना है कि इसके फर्स्ट बैच में शामिल 150 यूनिट की बुकिंग हो चुकी है. ये देश की सबसे महंगी हैचबैक में से एक है.
Volkswagen Tiguan R-Line को कंपनी कम्पलीट बिल्ट यूनिट (CBU) रूट से भारत ला रही है. यही कारण है कि इसकी कीमत कंपनी के पोर्टफोलियो में दूसरी कारों के मुकाबले सबसे ज्यादा है. इस एसयूवी को यूरो NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली है.