शिवपाल सिंह यादव
शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) भारतीय राजनेता हैं. वह समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई (Shivpal Singh Yadav Brother of Mulayam Singh Yadav) और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा हैं. वह 2007-12 के बीच इटावा जिले की जसवंतनगर सीट का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य थे. वह प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के संस्थापक हैं (Pragatisheel Samajwadi Party, Lohiya).
शिवपाल यादव 2007 के बाद से मायावती शासन के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता थे. 31 जनवरी 2017 को, यादव ने घोषणा की कि वह 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद एक नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे. 28 सितंबर 2018 को, उन्होंने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी नामक अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की. 24 अक्टूबर 2018 को, उन्हें आधिकारिक तौर पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) नाम की पार्टी के लिए भारत के चुनाव आयोग की मंजूरी दी गई थी (Shivpal Singh Yadav Political Career).
इनका जन्म 6 अप्रैल 1955 को इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था (Shivpal Singh Yadav Date of Birth). उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री हासिल की है और लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.पी.एड. की है (Shivpal Singh Yadav Education).
इनकी शादी सरला यादव से हुई है और इनके दो बच्चे हैं (Shivpal Singh Yadav Family).
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने इटावा में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने भाजपा को 'नॉन सीरियस' दल बताते हुए राम मंदिर में हुई चोरी के लिए सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के लोगों को जिम्मेदार ठहराया और निष्पक्ष जांच की मांग की.
प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार में समाजवादी परिवार ने एकजुटता का परिचय दिया. अखिलेश यादव ने अपनी भतीजी का हाथ थामकर परिवार को सहारा दिया. राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर सभी नेता एक साथ नजर आए. वो लगाता प्रतीक यादव की छोटी बेटी को ढांढस बंधाते दिखे.
प्रतीक यादव (Prateek Yadav) के अंतिम संस्कार में अखिलेश यादव परिवार की ढाल बनकर नज़र आए. भतीजी को संभालते उनका भावुक अंदाज़ चर्चा में रहा. यूपी के सैफई में हर आंख नम दिखी. अंतिम विदाई में समाजवादी पार्टी और BJP समेत अलग-अलग दलों के कई नेता पहुंचे. वीडियों में देखें इस अंतिम शौक में कौन-कौन उपस्थित रहा.
प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके परिवार को लेकर चर्चा तेज है. जानिए मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, अपर्णा यादव और यादव परिवार से जुड़े प्रमुख सदस्यों के बारे में.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रयागराज में हुए मामले को दो महीने होने जा रहे हैं, लेकिन सियासत अभी भी जारी है. बीजेपी बैकफुट पर है, तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक डैमेज कन्ट्रोल में जुटे हैं, लेकिन सपा के दिग्गज नेता शिवपाल यादव ने उन्हें उनकी ही बातों में फंसा दिया है.
UP Vidhan Sabha Budget: योगी सरकार आज यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करेगी, जिसमें स्कूटी और मानदेय वृद्धि जैसी घोषणाएं संभव हैं. हालांकि, सपा ने इसे 'विदाई बजट' और 'जुमला' बताकर मोर्चा खोल दिया है. फिलहाल कैबिनेट बैठक में बजट प्रस्तावों पर मुहर लग रही है.
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें प्रदेश की राजनीति पर चर्चा हुई. इस बैठक पर सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण विधायक फिलहाल सरकार से नाराज़ हैं और उन्हें समाजवादी पार्टी में शामिल कर लेना चाहिए. यह बयान राजनीतिक माहौल में एक नई चर्चा का कारण बना है. ऐसी स्थितियों में भविष्य में राजनीतिक गठजोड़ और भी दिलचस्प हो सकते हैं.
लखनऊ में भाजपा विधायक पीएन पाठक के आवास पर ब्राह्मण विधायकों के 'सहभोज' ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है. जहां विपक्ष इसे जातिगत बंटवारे की राजनीति बता रहा है, वहीं शिवपाल यादव ने असंतुष्ट ब्राह्मण नेताओं को समाजवादी पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता दे दिया है.
सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि आधार कार्ड को समाज के रूप में मान्यता मिली है और इसे ग़ौर से अपनाना आवश्यक है जिससे जनता को बेहतर सुविधा मिल सके,. वर्तमान में बारह विकल्प दिए गए हैं जिन्हें पूरा करना जरूरी है, हालांकि यह काम मुश्किल होता है.
समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि इंडिया गठबंधन की जीत की शुरुआत बिहार से होगी. उन्होंने कहा, 'बिहार में अब बेईमानी की तो पोल खुल गई. बिहार में तेजस्वी की सरकार बनेगी, इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी और भारतीय जनता पार्टी हटेगी.'
सपा नेता शिवपाल यादव ने UP के मौजूदा शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 'गरीबी, बेईमानी, भ्रष्टाचार, महंगाई चरम सीमा पर है और देश की जनता, प्रदेश की जनता को टैक्स के माध्यम से लूटा गया है'. उन्होंने दावा किया कि शासन-प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है.
आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनकी खींचतान तभी से शुरू हो गई थी जब मुलायम सिंह यादव जीवित थे. अखिलेश यादव से उनके संबंध हमेशा नरम-गरम रहे. आजम खान ने रिहाई के बाद जैसी बातें की हैं उससे तो यही लगता है कि वो किसी नए ठौर की तलाश में हैं.
सपा नेता शिवपाल यादव की यह टिप्पणी तब आई है जब आजम खान लगभग दो साल बाद सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए हैं. शिवपाल ने एक न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा, "आजम खान साहब के किसी और पार्टी में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता. वह समाजवादी पार्टी के साथ थे, हैं और हमेशा रहेंगे."
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की जेल से रिहाई के बाद एक-एक कर नेताओं की प्रतिक्रिया आ रहीं है. इस कड़ी में सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा है कि आजम खान को झूठे मुकदमों में फंसाया गया था. साथ ही उन्होनें कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है, जिसने आजम खान को राहत दी है.
समाजवादी पार्टी ने हाल ही में चायल सीट से विधायक पूजा पाल को निष्कासित कर दिया था. पूजा पाल पर आरोप है कि वो पार्टी में रहते हुए बीजेपी के पक्ष में खड़ी दिखाई देती थीं. उन्होंने खुलकर सीएम योगी की तारीफ भी की थी.
समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के बाद विधायक पूजा पाल ने अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की.
15 अगस्त को इटावा पहुंचे शिवपाल ने कहा कि पूजा पाल का हश्र भाजपा के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जैसा होगा और वो अब कभी विधायक नहीं बन पाएंगी. ये बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब सपा ने हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पूजा पाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था.
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह ने 8 जून को सपा सांसद और वकील प्रिया सरोज के साथ सगाई कर ली. इस सगाई समारोह में कई दिग्गज शामिल हुए.
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर नाम परिवर्तन का मुद्दा गरमाया है. बीजेपी एमएलसी मोहित बेनीवाल ने मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर करने की मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर आर्थिक प्रगति का प्रतीक रहा है और इसलिए इसका नाम लक्ष्मीनगर होना चाहिए.
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर नाम बदलने की राजनीति गरमा गई है. बीजेपी एमएलसी मोहित बेनीवाल ने मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मी नगर करने की मांग की है. . वहीं, शिवपाल यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि वे केवल नाम ही बदलते हैं, कोई काम नहीं करते. VIDEO
शिवपाल सिंह यादव ने मुजफ्फरनगर का नाम बदलने की मांग को लेकर यूपी सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी के लोग केवल नाम बदलते हैं, कहीं मेरा-तुम्हारा नाम ना बदल दें. सदन में मेरा नाम बदले दे रहे हैं, चच्चू-चच्चू की माला जपते रहते हैं.