यूपी सरकार आज विधानसभा में बजट पेश करेगी. बताया जा रहा है कि यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा. हालांकि, बजट से पहले ही समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है. जहां पार्टी विधायकों ने प्रोटेस्ट का ऐलान किया है वहीं टॉप लीडरशिप ने इसका मुखर विरोध किया है. अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और रामगोपाल यादव जैसे नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
जहां अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के विदाई बजट के साथ बीजेपी की भी विदाई तय है. वहीं, शिवपाल ने कहा कि बजट से पहले ही जनता का हिसाब साफ है- रोजगार शून्य है, किसान कर्ज में है, नौजवान निराश है. अब ‘जुमलों का बजट’ नहीं चलेगा. जबकि रामगोपाल ने कहा कि 'जब यहां की (केंद्र) बजट पर सबकी निगाहें झुक गईं तो वहां (यूपी) कौन सा बहुत अच्छा बजट आएगा. यूपी में कौनसा अर्धशास्त्री मुख्यमंत्री बैठा है. गरीबों का घर उजाड़ दिए अब बजट लेके आएंगे.'
आपको बता दें कि 11 फरवरी को लखनऊ स्थित यूपी विधानसभा में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया जाना है. बजट का आकार 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक, मेधावी बेटियों को स्कूटी देने का वादा इस बजट में पूरा किया जा सकता है. शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद है. इस बार के बजट में विकास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रहने की संभावना है. सरकार की ओर से कई बड़ी घोषणाएं किए जाने के संकेत मिल रहे हैं.
फ़िलहाल, बजट से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री आवास में हो रही है. इस बैठक में आज विधानसभा में पेश किए जाने वाले बजट पर मुहर लगेगी. कैबिनेट बैठक में यूपीसीडा, लखनऊ मेट्रो के निर्माण और संचालन, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों का विकास और आवंटन, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और आयुष विभाग से जुड़ी सीएजी रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखे जाने संबंधी प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी जा सकती है.