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Wheat Roti Alternatives: गेहूं छोड़े! रोज बनाएं अलग-अलग तरह के आटे की टेस्टी रोटियां, स्वाद के साथ मिलेगी बेहतर सेहत

Wheat Roti Alternatives: आज हम आपको गेहूं के अलावा 6 अलग-अलग अनाजों से बनने वाली रोटियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इससे आपकी डाइट में वैरायटी आएगी और शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे.

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डाइट में शामिल करें ये 6 तरह की रोटियां (Photo-ITG)
डाइट में शामिल करें ये 6 तरह की रोटियां (Photo-ITG)

Wheat Roti Alternatives: रोटी भारतीय खाने का अहम हिस्सा है. ज्यादातर भारतीय घरों में गेहूं की रोटी खाई जाती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर दिन सिर्फ एक ही तरह के आटे की रोटी खाने के बजाय अलग-अलग अनाज को भी अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. इससे शरीर को फाइबर, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और खाने में भी वैरायटी आती है. आज हम आपको ऐसी ही कुछ रोटियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप बेहद आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर अपनी डाइट को ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं.

जौ की रोटी
जौ की रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, इसलिए इसे डायबिटीज और वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए अच्छा माना जाता है. हालांकि, जिन लोगों को सीलिएक डिजीज (Celiac Disease) है या ग्लूटेन से परेशानी होती है, उन्हें इससे बचना चाहिए.

ज्वार की रोटी
ज्वार ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर होता है. यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है. हालांकि, जिन लोगों को इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या डाइजेशन प्रॉब्लम की समस्या है, उन्हें इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए.

रागी की रोटी
रागी में कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह हड्डियों की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है. लेकिन किडनी से जुड़ी बीमारी या कमजोर डाइजेशन वाले लोगों को इसे खाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए.

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मक्के की रोटी
मक्के की रोटी में फाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन A पाया जाता है. यह आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए.

बाजरे की रोटी
बाजरा आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर का बेहतर सोर्स माना जाता है. यह सर्दियों में ज्यादा खाया जाता है और कब्ज व कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं में भी मददगार हो सकता है. हालांकि, थायरॉयड की समस्या वाले लोगों को इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाना चाहिए.

राजगीरा की रोटी
राजगीरा प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम का बेहतर सोर्स है और यह ग्लूटेन-फ्री भी होता है. इसे व्रत के दौरान भी खाया जाता है. हालांकि, जिन लोगों को इससे एलर्जी हो, उन्हें इसे डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए.

हेल्दी और फिट रहने के लिए गेहूं की रोटी छोड़ने की जरूरत नहीं है. बस अपनी डाइट में अलग-अलग अनाज की रोटियों को बारी-बारी से शामिल करें. इससे खाने में वैरायटी आएगी और स्वाद के साथ डाइट भी बेहतर होगी.

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