रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) एक ऐसी व्यापार नीति है जिसमें एक देश द्वारा दूसरे देश पर लगाए गए टैरिफ का जवाब समान टैरिफ लगाकर दिया जाता है. यह नीति आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में संतुलन बनाए रखने और अनुचित व्यापार प्रथाओं का जवाब देने के लिए अपनाई जाती है.
रेसिप्रोकल टैरिफ के कई सकारात्मक प्रभाव हैं जैसे- व्यापार में समानता सुनिश्चित करता है, घरेलू उद्योगों को मजबूती प्रदान करता है साथ ही, आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है.
यदि एक देश दूसरे देश के माल पर शुल्क बढ़ाता है, तो प्रभावित देश पहले देश से आयात पर अपने स्वयं के शुल्क लगाकर प्रतिक्रिया कर सकता है. इस प्रतिक्रिया का उद्देश्य स्थानीय व्यवसायों की रक्षा करना, नौकरियों को संरक्षित करना और व्यापार असंतुलन को ठीक करना है.
रेसिप्रोकल टैरिफ trade barriers में आगे-पीछे की वृद्धि का कारण बन सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से एक 'ट्रेड वॉर' हो सकता है जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है. देशों के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की ओर रुख करने के बजाय खुले तौर पर संवाद करना और व्यापार मुद्दों को सुलझाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है.
यह वीडियो भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर आधारित है जिसमें वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विस्तार से बताया कि इस करार से भारत के किसानों और निर्यातकों को कैसे फायदा होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि उत्पादों जैसे दालें, कपास, सोयाबीन इत्यादि पर संरक्षण दिया गया है.
भारत और अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े एक एग्जीक्यूटिव साइन हुए हैं, जिसके तहत कई चीजों पर भारत अमेरिका के लिए कम टैरिफ लगा रहा है. वहीं अमेरिका भी कई चीजों पर जीरो टैरिफ लगाएगा.
भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर के कई औद्योगिकी और टेक्नोलॉजी वस्तुएं खरीदने की सहमति जताई है. वहीं अमेरिका भी भारत के लिए 30 ट्रिलियन का मार्केट खोलने जा रहा है.
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क का डॉक्यूमेंट आउट हो चुका है. इसके तहत अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया एक्स्ट्रा 25% टैरिफ हटाया है और रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जो 7 फरवरी से लागू होगा
भारत और अमेरिका की ट्रेड डील का फ्रेमवर्क सामने आ गया है. दोनों देशों ने मिलकर तय कर लिया है कि आगे किस तरह से इस मसौदे को अमली जामा पहनाया जाएगा. इस डील को लेकर शुरू से ही विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे, जब डील की घोषणा हुई तब भी और अब डील की अंतरिम फ्रेमवर्क आय़ा है तब भी. विपक्षी दल कह रहे हैं कि ये डील नहीं सरेंडर है. देखें दंगल.
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया गया है. साथ ही इससे जुड़े एक फ्रेमवर्क भी जारी किया गया है, जिसमें भारत की बहुत सी चीजें अमेरिका जा रही हैं और अमेरिका से कई चीजें भारत में आ रही हैं.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया. उन्होंने उन प्रोडक्ट्स के नाम बताए, जिसके तहत अमेरिका भारत के प्रोडक्ट्स पर जीरो फीसदी टैरिफ लगा रहा है, जिसमें फार्मा के प्रोडक्ट्स से लेकर फाइटर जेट्स के पार्ट तक शामिल हैं.
दवाइयां, डायमंड्स, मसाला. इन चीजों पर US में जीरो% टैरिफ, ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल. भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने उन प्रोडक्ट्स की जानकारी दी, जिन पर अमेरिका ने भारत के लिए जीरो प्रतिशत टैरिफ लागू किया है
आजतक पर बातचीत के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि कृषि और डेयरी सेक्टर को इस ट्रेड डील के तहत संरक्षित किया गया है. सिर्फ उन्हीं चीजों पर रियायत दी गई है, जो हम पहले से मंगाते थे.
अमेरिका भारत के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोलने जा रहा है. वहीं भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने पर सहमत हो चुका है. एग्रीकल्चर और डेयरी चीजों पर छूट नहीं दी गई है.
अमेरिका ने भारत से इम्पोर्ट होने वाले प्रोडक्ट्स पर लगाया गया 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा पेनल्टी टैरिफ को खत्म कर दिया है.व्हाइट हाउस के कार्यकारी आदेश के मुताबित, संशोधित 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था 7 फरवरी 2026 से लागू होगी
भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के तहत फ्रेमवर्क जारी किया है. अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ घटाकर 18% करने पर सहमति जताई है, जबकि भारत अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करेगा.
देश, दुनिया, राज्य, महानगर, खेल, बिजनेस और बॉलीवुड में क्या कुछ हुआ? पल-पल की बड़ी जानकारी के लिए पढ़ें 7 फरवरी, 2026, शनिवार की खबरों का लाइव अपडेशन...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है. इसमें रूसी तेल की खरीद से जुड़े एक्स् टैरिफ में कमी भी शामिल बताई गई है.
भारत पर पिछले साल 50 फीसदी टैरिफ लगाने के करीब 10 महीने बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया. जिसके तहत अब भारतीय प्रोडक्ट्स पर अमेरिका 18 फीसदी टैरिफ लगाएगा. इसे मोदी सरकर की बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है. इसी पर देखें 'सो सॉरी' का ये एपिसोड.
अमेरिका द्वारा लिया गया टैरिफ कटौती का फैसला कानपुर की लेदर इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है. लंबे समय से बंद पड़ी फैक्ट्रियां अब फिर से चालू होंगी और पुराने कामगारों को वापस बुलाया जा रहा है. फैक्ट्रियों में पहले से तैयार माल का बड़ा स्टॉक जमा है और कई मशीनें बिना काम के पड़ी थीं. अब उद्योग में उत्पादन फिर से बढ़ने की उम्मीद है. एक्सपोर्टर्स के अनुसार यूरोप डील के बाद यह एक बड़ा बढ़ावा है जिससे इंडस्ट्री को नई ऊर्जा मिलेगी.
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India US trade deal पर बड़ा अपडेट. Piyush Goyal बोले—agreement 4–5 days में साइन हो सकती है, agri-dairy sector सुरक्षित, tariff cut से बढ़ी उम्मीद.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की हिंदी प्रवक्ता मार्ग्रेट मैक्लॉड ने भारत-अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी चीजों पर आजतक के साथ बातचीत की है. उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स का नियंत्रण कई देशों के हाथों में सेंट्रलाइज्ड है, जिससे अमेरिका सप्लाई चेन को विविध और मजबूत बनाने का प्रयास कर रहा है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका यात्रा के बाद कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लास्ट स्टेज में है और इसकी फॉर्मल प्रोसेस जल्द पूरी होगी. उन्होंने इस दौरे को पॉजिटिव और प्रोडक्टिव बताया है. जयशंकर के मुताबिक ट्रेड डील से द्विपक्षीय संबंधों में नया दौर शुरू होगा.
India US trade deal पर बड़ा अपडेट. Next week US officials India visit, joint statement की तैयारी. Agriculture, dairy, fisheries sector सुरक्षित.