रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) एक ऐसी व्यापार नीति है जिसमें एक देश द्वारा दूसरे देश पर लगाए गए टैरिफ का जवाब समान टैरिफ लगाकर दिया जाता है. यह नीति आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में संतुलन बनाए रखने और अनुचित व्यापार प्रथाओं का जवाब देने के लिए अपनाई जाती है.
रेसिप्रोकल टैरिफ के कई सकारात्मक प्रभाव हैं जैसे- व्यापार में समानता सुनिश्चित करता है, घरेलू उद्योगों को मजबूती प्रदान करता है साथ ही, आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है.
यदि एक देश दूसरे देश के माल पर शुल्क बढ़ाता है, तो प्रभावित देश पहले देश से आयात पर अपने स्वयं के शुल्क लगाकर प्रतिक्रिया कर सकता है. इस प्रतिक्रिया का उद्देश्य स्थानीय व्यवसायों की रक्षा करना, नौकरियों को संरक्षित करना और व्यापार असंतुलन को ठीक करना है.
रेसिप्रोकल टैरिफ trade barriers में आगे-पीछे की वृद्धि का कारण बन सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से एक 'ट्रेड वॉर' हो सकता है जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है. देशों के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की ओर रुख करने के बजाय खुले तौर पर संवाद करना और व्यापार मुद्दों को सुलझाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है.
US Senate में रूस को टारगेट करने वाले व्यापक प्रतिबंध विधेयक पर मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई है और इसका सीधा असर रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल भारत और चीन पर पड़ सकता है.
Stock Market Crash: शेयर बाजार में शुक्रवार को ओपनिंग के साथ ही भूचाल देखने को मिला. डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ बम फोड़ने के बाद बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी इंडेक्स बड़ी गिरावट लेकर कारोबार करता नजर आया. सेंसेक्स में तो 900 अंक से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली.
अमेरिका ने फोर्स्ड लेबर से जुड़े उत्पादों पर कार्रवाई करते हुए भारत से आयात पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया। Donald Trump के निर्देश पर हुई समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया, जो 24 जुलाई से लागू है।
Stock Market Crash: शेयर बाजारों में तबाही मची हुई है और गिफ्टी निफ्टी में तेज गिरावट के चलते सेंसेक्स-निफ्टी के रेड जोन में ओपन होने के संकेत मिल रहे हैं.
अमेरिका ने फोर्स्ड लेबर से बने उत्पादों पर सख्ती बढ़ाते हुए भारत समेत 17 देशों के आयातित सामान पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. यह फैसला सेक्शन 301 के तहत लिया गया है.
Stock Market Crash: बुधवार का दिन शेयर बाजार निवेशकों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. अमेरिका से आई डोनाल्ड ट्रंप की एक धमकी के बाद देखते ही देखते Sensex-Nifty क्रैश हो गए.
Trump 200% Tariff Impact On Pharma Stocks: शेयर बाजार में बुधवार को भी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है और इस बीच ज्यादातर फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम नजर आ रहे हैं. इनमें गिरावट का सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से है.
Trump 200% Tariff Bomb: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर टैरिफ से डराने का सिलसिला शुरू कर दिया है और इस बार उनके निशाने पर जेनेरिक दवाएं हैं, जिनके ऊपर उन्होंने चरणबद्ध तरीके से 100% और 200% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया है. यह टैरिफ 30 दिनों के भीतर प्रभावी होगी. हालांकि एनर्जी, पोटाश और सेक्टर स्पेशल टैरिफ से प्रभावित कुछ आयातों को छूट दी गई है.
IMP Report On Trump Tariff Impact: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल 2025 में अपने 'टैरिफ बम' फोड़ने की शुरुआत की थी और तमाम देशों पर हाई टैरिफ लागू किया था. इसके असर को लेकर IMF के अर्थशास्त्रियों ने विस्तृत रिसर्च पेपर जारी किया है.
अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाले प्रस्तावित विधेयक को 60 से अधिक सीनेटरों का समर्थन मिला है. रिपोर्टों के अनुसार, यदि यह कानून बनता है तो भारत, चीन सहित कई देशों पर इसका असर पड़ सकता है. हालांकि कुछ यूरोपीय देशों और रूसी यूरेनियम आयात के लिए प्रस्ताव में विशेष छूट का भी प्रावधान रखा गया है.
Russian Oil की खरीदारी करने वाले देशों को लेकर अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है. US सीनेट में पेश एक बिल में ऐसे देशों पर पहले प्रस्तावित अधिकतम 500% टैरिफ को घटाकर 100% करने का प्रस्ताव दिया गया है.
रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ में बड़ी राहत का प्रस्ताव सामने आया है. अमेरिकी सीनेट में पेश संशोधित विधेयक के अनुसार अधिकतम 500 फीसदी टैरिफ को घटाकर 100 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है. यदि यह कानून बनता है तो भारत और चीन जैसे प्रमुख खरीदार देशों पर संभावित दबाव कम हो सकता है. फिलहाल विधेयक पर अंतिम फैसला बाकी है.
ईरान के साथ जंग से फ्री होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब यूरोपीय देशों को धमकाने लगे हैं. उन्होंने यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने को कहा है.
India-US Trade Deal Update: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बड़ा ऐलान जल्द किया जा सकता है. इसे लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ हाई लेवल बैठकर करने जा रहे हैं.
मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, अच्छा मानसून और ग्रामीण उपभोग में वृद्धि से अमेरिकी टैरिफ के असर की भरपाई हो सकती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ऊंचे टैरिफ ज्यादा दिनों तक नहीं चलेंगे, क्योंकि भारत और अमेरिका 25% दंडात्मक टैरिफ हटाने और एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि पहले व्यापार में भारत अमेरिका का खूब फायदा उठाता था, लेकिन अब अमेरिका भारत से खूब पैसा कमा रहा है. जो लोग इस बयान को सत्य मान रहे हैं उनसे सवाल है कि क्या किसी ने एक पल रुककर पूछा कि इस दावे का आधार क्या है? क्या किसी ने व्यापार के असली आंकड़े निकाले? क्या किसी ने ये जांचने की कोशिश की कि वास्तविक स्थिति क्या है? देखें...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर दुनिया पर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी में हैं. सुप्रीम कोर्ट से मिली करारी हार के बाद अब अमेरिका ने नया टैरिफ प्लान बना लिया है. ट्रंप भारत-चीन पर अपना टैरिफ बम फोड़ सकते हैं. अधिक जानने के लिए देखें Video.
Donald Trump New Tariff Plan: डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर दुनिया पर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी में हैं. सुप्रीम कोर्ट से मिली करारी हार के बाद अब अमेरिका ने नया टैरिफ प्लान बना लिया है.
Donald Trump Cuts Tariff: डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए कुछ सामानों पर लागू टैरिफ में कटौती की है. उन्होंने एग्रीकल्चर और इंडस्ट्रियल उपकरणों पर US Traiff को 25% से कम करते हुए 15% कर दिया है.
Donald Trump के टैरिफ कट फैसले का असर भारत के कृषि और औद्योगिक सेक्टर पर पड़ सकता है. इससे निर्यात, वैश्विक व्यापार और बाजार प्रतिस्पर्धा में बदलाव आने की संभावना है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला भारत के लिए अवसर और चुनौती दोनों लेकर आ सकता है.