रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) एक ऐसी व्यापार नीति है जिसमें एक देश द्वारा दूसरे देश पर लगाए गए टैरिफ का जवाब समान टैरिफ लगाकर दिया जाता है. यह नीति आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में संतुलन बनाए रखने और अनुचित व्यापार प्रथाओं का जवाब देने के लिए अपनाई जाती है.
रेसिप्रोकल टैरिफ के कई सकारात्मक प्रभाव हैं जैसे- व्यापार में समानता सुनिश्चित करता है, घरेलू उद्योगों को मजबूती प्रदान करता है साथ ही, आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है.
यदि एक देश दूसरे देश के माल पर शुल्क बढ़ाता है, तो प्रभावित देश पहले देश से आयात पर अपने स्वयं के शुल्क लगाकर प्रतिक्रिया कर सकता है. इस प्रतिक्रिया का उद्देश्य स्थानीय व्यवसायों की रक्षा करना, नौकरियों को संरक्षित करना और व्यापार असंतुलन को ठीक करना है.
रेसिप्रोकल टैरिफ trade barriers में आगे-पीछे की वृद्धि का कारण बन सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से एक 'ट्रेड वॉर' हो सकता है जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है. देशों के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की ओर रुख करने के बजाय खुले तौर पर संवाद करना और व्यापार मुद्दों को सुलझाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है.
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका इस समझौते के कई बारीक पहलुओं पर अभी बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर वास्तविक हस्ताक्षर तब होंगे जब दोनों देशों के बीच नए टैरिफ ढांचे को लागू कर दिया जाएगा.
US से अटकी डील? भारत समेत 16 देशों के खिलाफ अमेरिका में जांच.भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर हाल में कुछ रिपोर्ट सामने आई हैं. एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका द्वारा शुरू की गई जांच के बाद भारत ने इंडिया US ट्रेड डील की प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है. हालांकि भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने ऐसे दावों को अफवाह बताया है और कहा है कि दोनों देश पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं
Stock Market Crash Reason: बुधवार को शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट का सिलसिला गुरुवार को भी जारी है और खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटे हैं. इसके पीछे एक बड़ा ट्रंप कनेक्शन भी नजर आ रहा है.
Trump Plan New Tariff Attack: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी कर ली है और ईरान युद्ध के बीच उनके प्रशासन ने India-China समेत 16 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ नई ट्रेड जांच शुरू करने का ऐलान किया है.
इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने एक आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में ट्रंप टैरिफ को अवैध कर दिया था, लेकिन अब इसका रिफंड करने का समय आ गया है.
अमेरिका की International Trade Court ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध करार देते हुए कंपनियों को रिफंड देने का आदेश दिया है. अनुमान है कि अमेरिकी सरकार को करीब 175 अरब डॉलर तक वापस करने पड़ सकते हैं. इस फैसले का असर अमेरिका के व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.
Piyush Goyal ने US Commerce Secretary Howard Lutnick और Ambassador Sergio Gor से मुलाकात की. Tariff tension के बीच India-US Trade Deal को अंतिम रूप देने पर हुई अहम चर्चा.
US Tariff Bomb Impact: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत से सोलर एनर्जी प्रोडक्ट आयात पर प्रारंभिक ड्यूटी 126% निर्धारित की है. इस खबर के आने के बाद सोलर सेक्टर के स्टॉक्स का बुरा हाल है और इनमें तेजी गिरावट देखने को मिली है.
ट्रंप के टैरिफ बम फोड़ते ही इन शेयरों में भगदड़. बुधवार यानि 24 फरवरी को शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, लेकिन इस उछाल के बीच सोलर एनर्जी सेक्टर के कई शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. बाजार खुलते ही कुछ सोलर स्टॉक्स 5% से लेकर 15% तक टूट गए
US 126% Tariff Bomb: डोनाल्ड ट्रंप सुप्रीम में मिली हार के बाद एक के बाद एक बड़ा झटका दे रहे हैं. अब उनकी नजर सोलर एनर्जी सेक्टर पर है और अमेरिका ने ऐसे प्रोडक्ट्स के आयात पर तगड़ा आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है.
कोर्ट के फैसले से भड़के ट्रंप. अब फोड़ा 126% का टैरिफ बम. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से रेसिप्रोकल टैरिफ पर हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ अटैक तेज कर दिया है. 10% ग्लोबल टैरिफ के बाद इसे 15% तक बढ़ाया गया और अब अमेरिका ने भारत समेत इंडोनेशिया व लाओस से इम्पोर्टेड सोलर एनर्जी प्रोडक्ट्स पर भारी प्रारंभिक शुल्क तय किया है.
Donald Trump के टैरिफ बन को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फुस्स कर दिया है और इसे गैरकानूनी बताया है. इसे ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अदालत के फैसले के बाद दुनिया के सभी देशों पर 10% Global Tariff लगाया है.
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रम्प के Reciprocal Tariff को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने सभी देशों पर 15% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया. लेकिन आज U.S. Customs and Border Protection ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया, जिसमें 15% की जगह 10% अतिरिक्त टैरिफ का ज़िक्र है. इससे कई देशों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. भारत पर अब पुराने 3% टैरिफ के साथ नया 10% टैरिफ लागू होगा, जिससे कुल दरें 13-14% तक पहुंच जाएंगी। राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर कोई देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में अमेरिका से गेम खेलता है तो उसे और ऊंचे टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. इस विवाद ने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है.
Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर मिली हार के बाद पहले 10% और फिर इसे बढ़ाकर 15% Global Tariff लगा दिया. मूडीज ने कहा है कि अमेरिका में टैरिफ घमासान के चलते चीन को फायदा होगा, जबकि कोरिया और ताइवान के लिए भी अनुकूल है.
US Stock Market Crash का असर भारत में भी दिखा है और अमेरिका में मचे टैरिफ घमासान के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स Sensex-Nifty खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ पर दुनिया को धमकी दी है और US सु्प्रीम कोर्ट पर अपनी भड़ास निकाली है. ट्रंप ने कहा है कि अगर कोई भी देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में फायदा उठाना चाहेगा तो उस पर पहले से भी ज्यादा टैरिफ लगेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बयान सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ से जुड़े फैसले पर नाराजगी जताने के लिए दिया है. उनका मानना है कि कोर्ट के इस फैसले से उनके कुछ अधिकार सीमित हुए हैं, विशेष रूप से विदेशी देशों पर लाइसेंस फीस लगाना.
चीन ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले का पूरा आकलन करने की बात कही है. साथ ही वॉशिंगटन से एकतरफा टैरिफ हटाने की अपील की और चेतावनी दी कि दोनों देशों के बीच लड़ाई नुकसानदेह है. अदालत की ओर से कई टैरिफ रद्द किए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों से आयात पर पहले 10% और फिर 15% नया टैरिफ लगाने की घोषणा की है.
FM Nirmala Sitharaman ने RBI बोर्ड के साथ बैठक के दौरान अमेरिकी टैरिफ से लेकर India-US Trade Deal तक तमाम मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच डील सही रास्ते पर है.
यूरोपीय संघ ने अमेरिका से पिछले साल हुए व्यापार समझौते की शर्तों का सख्ती से पालन करने की मांग की है. यूरोपियन कमीशन ने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर ट्रंप प्रशासन टैरिफ में कोई बढ़ोतरी करता है तो इसे स्वीकार नहीं करेंगे.
Donald Trump के टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी बताकर रद्द किया और मंगलवार को टैरिफ वसूली पर ब्रेक भी लगने वाला है. इस बीच अमेरिकी शेयर बाजार से लगातार स्थानीय निवेशकों का पलायन ट्रंप की नई टेंशन बनता नजर आ रहा है.