वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए कहा कि टेक्सटाइल, समुद्री उत्पाद, मछली पकड़ना और जूते जैसे उद्योग को बड़ा सपोर्ट दिया. उन्होंने कस्टम एक्ट का रैशनलाइज़ेशन करते हुए बहुत सी चीजों पर कस्टम ड्यूटी कम कर दिया. साथ ही कस्टम एक्ट से जुड़े कुछ नियम को सरल और पारदर्शी बनाने की भी कोशिश की है.अब इस बदलाव को Trump Tariff के काउंटर के तौर पर देखा जा रहा है.
इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसपर जवाब दिया है. सीतारमण ने कहा कि कस्टम एक्ट का रैशनलाइज़ेशन US टैरिफ के रिएक्शन में नहीं किया गया है. उनका कहना है कि US टैरिफ कभी भी कोई बड़ी बात नहीं थी. वित्त मंत्रालय पिछले कुछ समय से इन सुधारों के बारे में सोच रहा था.
उन्होंने आगे कहा कि जो सपोर्ट दिया गया है, वह उन सेक्टर्स को दिया गया है जो लेबर इंटेंसिव जैसे- टेक्सटाइल, समुद्री उत्पाद, मछली पकड़ना और जूते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि यह टैरिफ के रिएक्शन में किया गया बदलाव है.
क्यों महंगा हुआ स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि माता-पिता और कई परिवारों ने चिंता जताई कि बच्चे F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) में ज्यादा ट्रेडिंग के कारण पैसे गंवा रहे हैं. एक माता-पिता ने तो सरकार से यह भी पूछा कि वे युवाओं की सुरक्षा के लिए क्या कर रहे हैं? F&O में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बहुत ज्यादा है, जिस कारण मार्केट में सट्टेबाजी बढ़ गई है. यह फैसला लोगों को पैसे गंवाने से बचाने के लिए लिया गया है.
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के दौरान सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया है. फ्यूचर के लिए इस टैक्स को .025 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया है. वहीं ऑप्शन पर एसटीटी को 0.10 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है. इस बढ़ोतरी के बाद मार्केट में दबाव दिखाई दिया है.
रुपये को लेकर क्या कर रहे हैं?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम रुपये की गिरावट के संबंध में RBI के साथ लगातार संपर्क में हैं. विनिवेश की दिशा रेवेन्यू जेनरेशन के लिए माहौल तैयार किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विनिवेश पर रुख में कोई बदलाव नहीं है. हम राज्यों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करते रहेंगे.
बजट में कस्टम को लेकर क्या बदलाव?
17 कैंसर की दवाईयों पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है. इसके अलावा, 7 अन्य दुर्लभ रोगों के लिए भी दवाइयों को ड्यूटी फ्री किया गया है. विदेश से खुद के यूज के लिए लेकर आने वाली चीजों पर कस्टम ड्यूटी 20 फीसदी से कम करके 10 फीसदी कर दिया गया है.
परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए आयात किए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी 2035 तक फ्री है. बिजली-बैटरी और क्लीन एनर्जी के लिए भी कुछ सामान पर कस्टम ड्यूटी छूट जारी रहेगी. समुद्री खाद्य (seafood), चमड़ा और वस्त्र उद्योगों के लिए ड्यूटी फ्री इनपुट लिमिट बढ़ाई गई है. इससे एक्सपोर्ट लागत कम होगी. इसके अलावा, कस्टम संबंधी नियम को सरल और पारदर्शी करने का प्रयास किया गया है.