रिपोर्ट का कहना है कि साउथ अफ्रीका भारत और चीन से आने वाले वाहनों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की संभावना पर विचार कर रहा है. अगर सबकुछ साउथ अफ्रीका के हिसाब से सही रहता है तो भारत-चीन को 50 फीसदी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है.
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, साउथ अफ्रीका के व्यापार, उद्योग और प्रतिस्पर्धा विभाग इसकी समीक्षा की जा रही है. साउथ अफ्रीका चीन और भारत से आने वाले वाहनों पर यह टैरिफ इसलिए लगाना चाहता है, क्योंकि देश बढ़ते वाहन आयात से स्थानीय ऑटोमोबाइल कंपनियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित है और इसका समाधान खोज रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, एक आंतरिक समीक्षा की जा रही है, जिसका उद्देश्य इन देशों से आने वाले वाहनों के बढ़ते प्रवाह को रोका जा सके या कम किया जा सके, ताकि स्थानीय कंपनियों को लाभ मिल सके. नीति निर्माताओं का तर्क है कि यह कदम घरेलू उद्योग की प्रतिस्पर्धा को कम करेगा, जिससे स्थानीय कंपनियों को फायदा पहुंचेगा.
विभाग विशेष रूप से मौजूदा टैरिफ लिस्ट में संशोधन की जांच कर रहा है, ताकि आयात शुल्क को विश्व व्यापार संगठन के सबसे पसंदीदा देशों के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप लाया जा सके. वाहनों के साथ ही इसके पार्ट्स इम्पोर्ट पर भी टैरिफ लगाने की बात कही जा रही है.
भारत और चीन सबसे बड़े आयातक
हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत और चीन दक्षिण अफ्रीका को वाहनों की आपूर्ति करने वाले दो सबसे बड़े देश बनकर उभरे हैं. 2024 में कुल वाहन आयात में भारत और चीन की हिस्सेदारी क्रमशः 53 प्रतिशत और 22 प्रतिशत रही है. इस महत्वपूर्ण बाजार हिस्सेदारी के कारण दक्षिण अफ्रीकी उद्योग जगत के हितधारकों की ओर से आकलन किया जा रहा है.
चीन और भारत से आयात में तेजी
पिछले चार वर्षों में चीन से आयात में 368 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि भारत से आयात में 135 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा एंट्री-लेवल सेगमेंट में देखने को मिली है, जहां कम कीमत वाले आयात घरेलू निर्माताओं के मुनाफे को चुनौती दे रहे हैं.
भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
गौरतलब है कि यह टैरिफ तब लगाने की बात सामने आई है, जब भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया है और 90 फीसदी वस्तुओं पर टैरिफ कम या फिर समाप्त करने पर सहमति बनी है. इससे भारत का यूरोप में एक्सपोर्ट बढ़ेगा और भारतीय समानों की ज्यादा डिमांड रहेगी.
बता दें अमेरिका ने भारत पर अभी तक 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जो भारत से अमेरिका जाने वाले सभी प्रोडक्ट्स पर लागू होता है. इससे भारतीय समान अमेरिकी मार्केट में महंगे दामों पर मिल रहे हैं. हालांकि दिसंबर तिमाही में भारत द्वारा अमेरिका को निर्यात में बढ़ोतरी हुई है.