डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) आखिर चाहते क्या है? वे एक के बाद एक टैरिफ धमकियां देते हुए ग्लोबल टेंशन को लगातार बढ़ाने का काम कर रहे हैं. बीते कुछ दिनों में उन्होंने वेनेजुएला के ऑयल सेक्टर पर कब्जा किया, ईरान पर एक्शन लेते हुए इसके व्यापारिक साझेदारों को डराया, तो चीन से रिश्ता रखने पर कनाडा को 100% Tariff Warning दी, तो वहीं अब अमेरिका के निशाने पर एक छोटा सा देश क्यूबा है, जिसे लेकर उन्होंने नई धमकी देकर ग्लोबल टेंशन में और भी इजाफा कर दिया है. खास बात ये है कि ट्रंप की ज्यादातर धमकियों में खेल पूरी तरह तेल का ही नजर आया है और Cuba Crisis शुरू भी हो गया है, ट्रंप के एक्शन से इस देश में बार-बार बत्ती गुल हो रही है.
'क्यूबा को तेल बेचा तो तगड़ा टैरिफ'
Donald Trump ने क्यूबा (Cuba) को उसी तरह से मुद्दा बनाया है, जैसा कि उन्होंने ईरान को लेकर किया. जी हां, ईरान का तेल खरीदने वालों को ट्रंप ने टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, तो वहीं क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों को धमकाया है और ऐसा करने पर भारी टैरिफ लगाने की वॉर्निंग दे डाली है. अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ रेट्स की जानकारी एक कार्यकारी आदेश में दी गई. हालांकि, ट्रंप ने इस नई धमकी से किन देशों को टारगेट किया है, इसके बारे में अभी पूरा खुलासा नहीं किया गया है.
आखिर ट्रंप को क्यूबा से परेशानी क्या?
ये तो साफ समझ आता है कि बीते कुछ दिनों में वेनेजुएला से लेकर ईरान तक पर लिए गए एक्शन के पीछे ट्रंप का तेल वाला खेल (Trump Oil Game) ही रहा है, लेकिन आखिर क्यूबा पर निशाना साधने के पीछे ट्रंप का मकसद क्या है और इस छोटे से देश से उन्हें क्या परेशानी है? तो बता दें कि अमेरिका ने क्यूबा और उसके कम्युनिस्ट नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई की बार-बार धमकी दी है और कैरेबियन देश पर अपना दबाव बढ़ाने के क्रम में ये नया Tariff Attack है.
यही नहीं ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित वेनेजुएला के तेल टैंकरों को जब्त करने की रणनीति ने क्यूबा में ईंधन और बिजली संकट को और भी बदतर बनाना शुरू कर दिया है. देश में बार-बार बिजली कटौती हो रही है और क्यूबा के लोग बिजली के बिना जीवन यापन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
क्यूबा पर एक्शन का वेनेजुएला कनेक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि क्यूबा बहुत जल्द पतन की ओर अग्रसर होगा. बता दें कि ट्रंप की Cuba पर सख्ती के पीछे वेनेजुएला कनेक्शन भी है. बीते 3 जनवरी को अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) को गिरफ्तार किए जाने के बाद से लंबे समय से सहयोगी रहे वेनेजुएला ने क्यूबा को तेल या धन भेजना बंद कर दिया है.
इससे पहले, ऐसा माना जाता था कि दक्षिण अमेरिकी देश क्यूबा को प्रतिदिन लगभग 35,000 बैरल तेल भेजा जाता था. गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि क्यूबा सरकार की नीतियां और काम एक असामान्य और असाधारण खतरा पैदा करते हैं. यही नहीं उन्होंने तो हवाना पर अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मनों को पनाह देने का भी आरोप लगा दिया.
ट्रंप के एक्शन पर क्या बोले क्यूबा के राष्ट्रपति?
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि Donald Trump ने इससे पहले क्यूबा को देर होने से पहले ही अमेरिका के साथ एक समझौता कर लेने का फरमान सुनाया था. हालांकि उन्होंने इसकी शर्तों या इसके क्यूबा पर होने वाले संभावित परिणामों के बारे में जानकारी नहीं दी थी. वहीं Trump Action पर Cuba के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने में कहा कि कैरेबियन द्वीप राष्ट्र को किसी भी इच्छुक निर्यातक से तेल-गैस आयात (Oil Import) करने का पूरा अधिकार है, बिना किसी हस्तक्षेप या अमेरिका के एकतरफा दबावों के. क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने भी कहा था कि वाशिंगटन के पास उनके देश पर समझौता थोपने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.