अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ने दुनियाभर में उथल-पुथल मचा रखी है. भारत लंबे समय से रूस से सस्ते दाम पर कच्चा तेल खरीद रहा था जिससे चिढ़कर ट्रंप ने भारत पर पचास फीसदी टैरिफ लगा दिया था. लेकिन इंडिया टुडे-सी वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे में भारतीयों ने जवाबी कार्रवाई की बात कही है.
सर्वे के नतीजों पर गौर करें तो लगभग 45 फीसदी लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से अनुरोध किया है कि अमेरिकी टैरिफ के जवाब में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया जाए. हालांकि, अब तक भारत ने टैरिफ के इस मुद्दे को संयम, परिपक्वता और व्यावहारिकता के साथ संभाला है, भले ही अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौता फिलहाल अधर में लटका हुआ हो.
मूड ऑफ द नेशन सर्वे में यह भी सामने आया कि 34 फीसदी लोगों ने जीएसटी दरों में कटौती की बात कही. पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के साथ-साथ टीवी और रेफ्रिजरेटर जैसे सामानों पर जीएसटी में बड़ी कटौती की थी.
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापार समझौते कपड़ा, रत्न, आभूषण और जूता उद्योग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत साबित होंगे, जो ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 फीसदी के आसमान छूते टैरिफ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सर्वे के अनुसार, महज 6 फीसदी लोगों ने ही सरकार से ट्रंप की मांगों को स्वीकार करने की बात कही है.
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भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद से अब तक पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इसके बजाए भारत ने अपने निर्यात का दायरा बढ़ाने पर ध्यान दिया. ब्रिटेन से लेकर, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ भारत ने ट्रेड डील की. भारत ने ईयू के साथ मदर ऑफ ऑल डील भी की.
हालांकि, इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि भारत ने कोई कदम नहीं उठाया. पिछले साल नवंबर में अमेरिका से आयात होने वाली दालों पर 30 फीसदी का टैरिफ लगाया गया. यह कदम बिना किसी हंगामे के उठाया गया और इससे असर भी पड़ा.
कॉमर्स मिनिस्ट्री के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में अमेरिका में भारत का निर्यात सालाना आधार पर 1.83 फीसदी घटकर 6.88 अरब डॉलर (करीब 63,300 करोड़ रुपये) रह गया.
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बता दें कि इंडिया टुडे- सी वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे में जब लोगों से यह पूछा गया कि अगले प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी पसंद कौन है? तो 55 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को सही दावेदार बताया जबकि 27 फीसदी ने राहुल गांधी का नाम लिया. इससे पहले अगस्त 2025 में MOTN के सर्वे में 52 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी तो 25 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को पहली पसंद बताया था.
देश में अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सीटें बढ़कर 352 हो जाएंगी. यही नहीं, बीजेपी की सीटें भी बढ़कर 287 हो जाएंगी. इस तरह बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल करती नजर आ रही है.
वोट प्रतिशत की बात करें तो अगर मौजूदा समय में चुनाव होते हैं तो एनडीए को 47 फीसदी का फायदा होता नजर आ रहा है. इंडिया ब्लॉक को 39 फीसदी तो अन्य को 14 फीसदी वोट मिलते नजर आ रहे हैं.
MOTN सर्वे में पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो परिणाम क्या होगा, किस गठबंधन को कितनी सीटें मिलेंगी? सर्वे में सामने आया कि NDA को 352 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि INDIA ब्लॉक को 182 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य के खाते में 9 सीटें जा सकती हैं. हालांकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को 293 सीटें मिली थीं, जबकि INDIA ब्लॉक के खाते में 234 सीटें आई थीं. अगस्त 2025 में सर्वे किया गया था, जिसमें एनडीए को 324 सीटें और INDIA ब्लॉक को 208 सीटें मिलने का अनुमान था.