बृहस्पति
बृहस्पति (Jupiter) सूर्य से पांचवां और सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है. यह एक गैस विशाल है जिसका द्रव्यमान (Mass) सौर मंडल के अन्य सभी ग्रहों के संयुक्त द्रव्यमान के ढाई गुना से अधिक है, लेकिन सूर्य के द्रव्यमान के एक हजारवें हिस्से से थोड़ा कम है. चंद्रमा और शुक्र के बाद बृहस्पति पृथ्वी के रात्रि आकाश में तीसरा सबसे चमकीला प्राकृतिक पिंड है (Brightest Natural Object). लोग इसे प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Times) से देख रहे हैं.
बृहस्पति मुख्य रूप से हाइड्रोजन (Hydrogen) से बना है, लेकिन हीलियम (Helium) एक-चौथाई और इसकी मात्रा का दसवां हिस्सा है. इसमें भारी तत्वों का एक चट्टानी कोर होने की संभावना है, लेकिन, अन्य विशाल ग्रहों की तरह, बृहस्पति में ठोस सतह नहीं है. इसके अंदर के भाग में सूर्य से प्राप्त ऊष्मा से अधिक गर्मी उत्पन्न करता है. अपने फास्ट रोटेशन के कारण, ग्रह का आकार एक चपटा गोलाकार है. बाहरी वातावरण अलग-अलग अक्षांशों पर कई बैंडों में अलग-अलग दिखाई देता है, जिसमें उनकी सीमाओं के साथ एक शोर और तूफान उत्पन्न होता है. इस तूफान के कारण उस ग्रह पर ग्रेट रेड स्पॉट है (Great Red Spot on Jupiter).
Jupiter Opposition 2026: ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को गुरु ग्रह कहा जाता है, जिसे ज्ञान, भाग्य, धन, करियर और तरक्की का प्रतीक माना जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार, बृहस्पति की यह मजबूत स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रही है.
साल 2026 सूर्य का वर्ष है. लेकिन इस वर्ष में सूर्य के अलावा दो अन्य ग्रह भी मजबूत पोजिशन में दिख रहे हैं. ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि यह साल बीते वर्ष से बेहतर रहे. ज्योतिषविदों ने ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर साल 2026 की भविष्यवाणी की है.
नए साल 2026 की शुरुआत में 2 जनवरी को मिथुन राशि में गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग बनेगा. यह शुभ योग तीन राशियों के लिए विशेष फलदायी रहने वाला है. इसके प्रभाव से करियर में प्रगति, धन में वृद्धि और जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी.
Shani Guru Maha Sanyog: 2026 में गुरु जब कर्क राशि में जाएंगे तो केतु के साथ युति होगी. और जब सिंह राशि में जाएंगे तो शनि के साथ एक विशेष संयोग बनाएंगे. गुरु-शनि का यह संयोग चार राशि के जातकों को बहुत लाभ दे सकता है.
New Year 2026: नए वर्ष 2026 के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे. इस साल मंगल मंगल मंत्री की भूमिका में रहने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के इस मंत्रिमंडल को दो राशियों के लिए बहुत शुभ माना जा रहा है.
Guru Margi 2026: गुरु 11 मार्च 2026 को मिथुन राशि में मार्गी होंगे. इसके बाद गुरु बृहस्पति 12 दिसंबर 2026 तक मार्गी चाल ही चलेंगे. गुरु की सीधी चाल करीब 10 महीने तक तीन राशियों को लाभ देगी. मार्गी गुरु 2026 में तीन राशि के जातकों का कल्याण करेंगे.
10 जनवरी 2026 को सूर्य और बृहस्पति 180 डिग्री पर स्थित होकर दुर्लभ प्रतियुति बनाएंगे. ज्योतिष के अनुसार, यह योग चार राशियों के लिए शुभ रहेगा. इससे आर्थिक लाभ, कार्यों में तेजी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा.
Guru Rashi Parivartan 2025: देवगुरु बृहस्पति 5 दिसंबर को वक्री अवस्था में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे चार राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है. इस गोचर के बाद नौकरीपेशा लोगों की आय बढ़ने और व्यापारियों के मुनाफे में तेजी आने की संभावना है.
Mangal Budh Guru Gochar 2026: दिसंबर में 5, 6 और 7 तारीख को गुरु, बुध और मंगल के लगातार राशि परिवर्तन का दुर्लभ संयोग बन रहा है. यह तीन दिन का अहम गोचर चार राशियों के लिए विशेष लाभ लेकर आएगा. ज्योतिषविदों के अनुसार, इन 4 राशि वालों का भाग्योदय होगा और धनधान्य में वृद्धि होगी.
New year 2026: नए साल 2026 में ग्रहों का मंत्रिमंडल बदल रहा है. 2025 के राजा मंगल थे. लेकिन 2026 में बृहस्पति राजा होंगे और मंगल मंत्री की भूमिका में रहेंगे. ज्योतिषविदों के अनुसार, नए साल का यह परिवर्तन कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है.
New Year 2026 Rashifal: नए वर्ष 2026 में गुरु बृहस्पति के राजा बनते ही धनु और मीन राशि के जातकों को खूब लाभ मिलेगा. दरअसल, इन दोनों ही राशियों के स्वामी स्वयं बृहस्पति है. इसलिए गुरु का राजा बनना इन दोनों राशियों के लिए एक शुभ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
Shani Guru Rahu Ketu: नए साल 2026 में गुरु, शनि, राहु-केतु समय-समय पर चाल बदलेंगे. इस दौरान बृहस्पति कर्क व सिंह राशि में, राहु मकर राशि में और केतु कर्क में गोचर करेंगे. जबकि शनि वक्री-मार्गी और अस्त-उदयवान होते रहेंगे. इन बदलावों से तीन राशियों पर विशेष रूप से अशुभ प्रभाव पड़ सकता है.
Vakri Grah 2025: 11 नवंबर को गुरु की वक्री चाल शुरू होने वाली है. गुरु के अलावा फिलहाल बुध, शनि और राहु-केतु की चाल भी उल्टी है. ज्योतिष गणना के अुसार, यह दुर्लभ संयोग चार राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है.
11 नवंबर यानी कल से बृहस्पति ग्रह की उल्टी चाल शुरू होने वाली है. गुरु के वक्री होते ही शनि, बुध, राहु और केतु सहित कुल पांच ग्रहों की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी. ज्योतिष के अनुसार, इस दौरान तीन राशियों के जातकों को नुकसान और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
देव गुरु बृहस्पति 11 नवंबर को कर्क राशि में वक्री होने वाले हैं. वहीं, 28 नवंबर से शनि मार्गी हो जाएंगे. इस दुर्लभ संयोग से चार राशियों को बड़ा लाभ मिलेगा. इन राशियों को धन, करियर और भाग्य से जुड़े लाभ मिलेंगे.
Grah Gochar 2025: नवंबर के इस महीने में जल्द ही गुरु वक्री और शनि मार्गी होने वाले हैं. इन दोनों ग्रहों की चाल से कुछ राशियों की किस्मत में बड़ा मोड़ आने वाला है, जिससे उनको आर्थिक प्रगति मिलेगी. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
Gajkesari Yog 2025: 10 नवंबर को कर्क राशि में चंद्रमा-देवगुरु बृहस्पति मिलकर गजकेसरी योग का निर्माण करेंगे. ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है. तो चलिए जानते हैं कि गजकेसरी योग से किन राशियों को फायदा होने जा रहा है.
Guru Vakri 2025: 11 नवंबर को गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में वक्री होंगे. देवगुरु बृहस्पति के वक्री होने से कई राशियों के सावधान रहने की सलाह दी जा रही है. आइए जानते हैं उन अशुभ राशियों के बारे में.
Guru Vakri 2025: वैदिक ज्योतिष में गुरु के वक्री होना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है. सुख-समृद्धि के कारक गुरु 11 नवंबर को कर्क राशि में वक्री होंगे, जिससे कुछ राशियों का जीवन अगले 25 दिनों तक लाभान्वित रहेगा.
Rahu Ketu Gochar: साल 2026 में राहु-केतु, बृहस्पति और शनि के नक्षत्र और पद गोचर होंगे, जिससे ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव दिखाई देंगे. इन ग्रहों का प्रभाव चार राशियों के जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ और प्रगति देने वाला साबित हो सकता है.
Guru Vakri 2025: दिवाली से पहले 19 अक्टूबर को गुरु अतिचारी अवस्था में कर्क राशि में चले गए. अब 12 नवंबर को गरु कर्क राशि में वक्री होने वाले हैं. गुरु का वक्री होना 4 राशियों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है.