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गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Galle International Cricket Stadium) श्रीलंका के गॉल शहर में स्थित एक प्रमुख क्रिकेट मैदान है. यह गॉल फोर्ट के पास है और इसके दो ओर हिंद महासागर दिखाई देता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने से पहले इस मैदान को ‘द एस्प्लेनेड’ के नाम से जाना जाता था. यह गाले क्रिकेट क्लब का घरेलू मैदान भी है.

इस मैदान का इतिहास 1876 से जुड़ा है. उस समय यहां रेस कोर्स बनाया गया था. 1892 में मैदान में पहली स्थायी दर्शक दीर्घा बनाई गई. धीरे-धीरे यहां घुड़दौड़ की जगह क्रिकेट मैच होने लगे. मई 1888 में गॉल एस्प्लेनेड के नाम से यहां पहला स्कूल क्रिकेट मैच खेला गया. यह मुकाबला रिचमंड कॉलेज और ऑल सेंट्स कॉलेज के बीच हुआ था.

1905 में इसी मैदान पर रिचमंड और महिंदा कॉलेज के बीच वार्षिक क्रिकेट मुकाबले की शुरुआत हुई. यह सीरीज श्रीलंका की पुरानी स्कूल क्रिकेट प्रतिद्वंद्विताओं में शामिल है. 1927 में इस मैदान को आधिकारिक तौर पर क्रिकेट स्टेडियम का दर्जा दिया गया.

गॉल मैदान पर पहला फर्स्ट क्लास मैच 29 फरवरी 1984 को खेला गया. 1945 में यहां टर्फ विकेट तैयार किया गया था. बाद में मैदान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार किया गया और यह श्रीलंका का सातवां टेस्ट क्रिकेट मैदान बना.

3 जून 1998 को यहां पहला टेस्ट मैच खेला गया. श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच हुए इस मुकाबले में श्रीलंका ने पारी और 16 रन से जीत दर्ज की. इसी साल भारत और श्रीलंका के बीच पहला वनडे मैच यहां होना था, लेकिन बारिश के कारण मुकाबला रद्द हो गया.

26 दिसंबर 2004 को हिंद महासागर में आई सुनामी से गाले स्टेडियम को भारी नुकसान पहुंचा. मैदान और आसपास की कई इमारतें प्रभावित हुईं. कुछ समय के लिए स्टेडियम को सुनामी प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर के रूप में भी इस्तेमाल किया गया.

स्टेडियम का पुनर्निर्माण 8 मई 2006 को शुरू हुआ. इसमें नया पवेलियन और मीडिया सेंटर बनाया गया तथा दर्शकों के बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया गया. 17 दिसंबर 2007 को स्टेडियम को फिर से खोला गया.

2010 में गॉल स्टेडियम में श्रीलंका के महान स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन ने अपने टेस्ट करियर का आखिरी मैच खेला. इसी मुकाबले में उन्होंने 800 टेस्ट विकेट पूरे किए. 11 मार्च 2017 को रंगना हेराथ ने यहां बांग्लादेश के लिटन दास को आउट कर टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज का रिकॉर्ड बनाया.

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