धनराज परिमल नथवानी (Dhanraj Parimal Nathwani) कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं. समाजवादी पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है. 30 सितंबर 2026 को लखनऊ में नामांकन दाखिल किया.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है. इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है. ऐसे समय में समाजवादी पार्टी की ओर से धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने से उनका राजनीतिक सफर अब राष्ट्रीय राजनीति से भी जुड़ने जा रहा है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी से जुड़े धनराज नथवानी के कार्यक्षेत्र में कॉरपोरेट मामलों के साथ वित्त, मानव संसाधन, खरीद, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विभाग शामिल रहे हैं. वे रिलायंस की कुछ अन्य कंपनियों में निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
धनराज परिमल नथवानी ने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में बैचलर डिग्री हासिल की है.
धनराज नथवानी गुजरात में खेल प्रशासन से भी जुड़े हुए हैं. सितंबर 2026 में उन्हें गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया. इससे पहले वे संगठन में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. गुजरात में क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों के अलावा वे गुजरात राज्य फुटबॉल एसोसिएशन से भी जुड़े रहे हैं.
धनराज नथवानी के पिता परिमल नथवानी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं और झारखंड से राज्यसभा सदस्य हैं. धनराज की शिक्षा लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से हुई है, जहां उन्होंने इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की. उनके सार्वजनिक परिचय में पर्यावरण, वन्यजीव, फोटोग्राफी और खेल में रुचि का भी उल्लेख मिलता है.
धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से भी उनका जुड़ाव रहा है. वे द्वारका देवस्थान समिति से जुड़े रहे हैं.
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार घोषित किया है. दोनों उम्मीदवार आज अपना नामांकन पत्र दाखिल कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए सपा ने अपने पत्ते खोलते हुए एनडीए सांसद परिमल नथवानी के बेटे और रिलायंस ग्रुप से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाकर हर किसी को चौंका दिया है. अखिलेश यादव के इस 'सरप्राइज' दांव ने यूपी से लेकर कॉर्पोरेट और राजनीतिक गलियारों तक का सियासी पारा चढ़ा दिया है.