प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की जमकर सराहना की.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 15 और 17 साल के खिलाड़ियों का खास तौर पर जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सफलता के लिए उम्र की कोई बंदिश नहीं होती. उनके इस बयान को 15 साल के युवा वैभव सूर्यवंशी की तारीफ से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने पुरुष क्रिकेट टीम में खेलते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया था.
वहीं 17 वर्षीय तीरंदाजी सनसनी कुमकुम मोहोड़ ने भी तीरंदाजी में मेडल जीता था. हालांकि उन्होंने किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया. लेकिन इशारा इन दोनों खिलाड़ियों की ओर ही माना जा रहा है.
VIDEO: PM मोदी ने वैभव सूर्यवंशी का नाम लिए बिना क्या कहा? (42.54 सेकंड से देखें)
पीएम मोदी ने कहा- आप सभी के बीच आना मुझे भी ऊर्जा से भर देता है. इतने सारे पदकवीरों से मिलना अपने आप में सुखद एहसास है. जब जुनून जीत में बदलता है, तो मेडल के साथ-साथ खिलाड़ियों के चेहरे की चमक भी देश को रोशन करती है.
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उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने 140 करोड़ देशवासियों को गौरव का मौका दिया है. तिरंगे की शान और मान बढ़ाना सबसे बड़ी सफलता है. यह उपलब्धि सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की भी है. प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ उनके कोच, सपोर्ट स्टाफ और परिवारों को भी बधाई दी.
VIDEO | During an interaction with the athletes of Asian Games 2026, PM Narendra Modi (@narendramodi) says, "This time, at the Asian Games, several members of Team India were just 15–17 years old. At such a young age, these athletes have brought glory to the country through their outstanding performances and won the hearts of the people. This shows that age is no barrier to success. In fact, in sports, starting at a young age is an added advantage. That is why we are making efforts to identify sporting talent from an early age. We are placing special emphasis on identifying and training talented children between the ages of 5 and 15. In the coming years, thousands of new athletes will get opportunities to progress through Khelo India and Emerging Khelo India. We must further strengthen our preparations for upcoming sporting competitions. The 2028 Los Angeles Olympics are approaching. In 2030, India will host the Commonwealth Games, and hosting the Olympics in 2036 is also India's aspiration. Keeping these goals in mind, I spoke about launching a talent hunt campaign from the Red Fort. Today, efforts are being made to reach every village to identify talented athletes and nurture their abilities. These are the athletes who will win medals for India in the years to come." (Source: Third Party) #AsianGames2026
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2026
कम उम्र में प्रतिभा पहचानने पर दिया जोर
पीएम मोदी ने कहा कि इस बार एशियन गेम्स में कई खिलाड़ी ऐसे रहे, जिनकी उम्र 15 या 17 साल थी. इन खिलाड़ियों ने देशवासियों का दिल जीता और देश का गौरव बढ़ाया. उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सफलता के लिए कोई बंदिश नहीं होती. कम उम्र में शुरुआत करना एक अतिरिक्त एडवांटेज देता है. इसलिए प्रतिभा की पहचान कम उम्र में करना जरूरी है.
महिला हॉकी ने 44 साल का इंतजार किया खत्म
प्रधानमंत्री ने एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को कई मायनों में यादगार बताया. उन्होंने खास तौर पर भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि का जिक्र किया, जिसने 44 साल का लंबा इंतजार खत्म करते हुए गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने कहा कि भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें देश के लिए गर्व का विषय हैं.
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क्रिकेट में भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीतकर अपना रिकॉर्ड दोहराया. कबड्डी में भी पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया. तीरंदाजी में भारत ने पांच गोल्ड मेडल जीते. इसके अलावा बॉक्सिंग और शूटिंग में शानदार प्रदर्शन के साथ एथलेटिक्स में भी रिकॉर्ड बने.
85 मेडल में बेटियों के 38 पदक
पीएम मोदी ने भारतीय महिला खिलाड़ियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत के कुल 85 पदकों में 38 पदक बेटियों ने जीते. इनमें 11 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा नए भारत की सशक्त तस्वीर पेश करता है. भारतीय महिलाएं खेल के मैदान पर लगातार अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और देश का गौरव बढ़ा रही हैं.
प्रधानमंत्री ने उन खेलों में मिली सफलता का भी उल्लेख किया, जिनमें भारत ने पहले कभी एशियन गेम्स का पदक नहीं जीता था. मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA), सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग जैसी स्पर्धाओं में पदक जीतना भारतीय खेलों के लिए नई उपलब्धि रही. वेटलिफ्टिंग में 28 साल बाद पदक मिलने और 1982 के बाद पहली बार मैराथन में सफलता हासिल करने को भी उन्होंने खास बताया.
2028 ओलंपिक से 2036 की मेजबानी तक नजर
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए और मजबूती से तैयारी करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भारतीय खेलों में नए चैंपियन सामने आ रहे हैं और देश के नाम नए रिकॉर्ड दर्ज हो रहे हैं. भारत के सामने 2028 में लॉस एंजेलिस ओलंपिक और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की चुनौती है. वहीं, 2036 ओलंपिक की मेजबानी करना भारत की आकांक्षा है. पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से इसी जुनून और संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत को हर मैदान पर तिरंगे की शान बढ़ानी है और खेलों में अपनी नई पहचान मजबूत करनी है.