भारतीय महिला हॉकी (Women Hockey India) टीम देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फील्ड हॉकी में करती है. टीम का संचालन हॉकी इंडिया द्वारा किया जाता है. भारतीय महिला हॉकी टीम का अंतरराष्ट्रीय सफर कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं और उपलब्धियों से जुड़ा रहा है. एशिया में टीम की मजबूत उपस्थिति रही है और अलग अलग दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने देश को कई पदक दिलाए हैं.
भारतीय महिला हॉकी टीम के इतिहास में 1974 का महिला हॉकी विश्व कप एक अहम पड़ाव माना जाता है. फ्रांस के मंडेलियू में हुए इस टूर्नामेंट में भारत ने चौथा स्थान हासिल किया था. ओलंपिक में भारत का महिला हॉकी टीम के तौर पर सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन 1980 के मास्को ओलंपिक में रहा. उस समय महिला हॉकी को पहली बार ओलंपिक में शामिल किया गया था. भारत ने इस प्रतियोगिता में चौथा स्थान प्राप्त किया था. इसी दौरान पोलैंड के खिलाफ भारत ने 4-0 से जीत दर्ज की थी.
1982 में नई दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता. फाइनल मुकाबले में भारत ने कोरिया को हराया था. उसी प्रतियोगिता में भारत ने हांगकांग के खिलाफ 22-0 से जीत दर्ज की थी. यह एशियाई खेलों में टीम की सबसे बडी जीत में शामिल है.
भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में कप्तान सूरज लता देवी का दौर भी महत्वपूर्ण रहा. उनकी कप्तानी में टीम ने 2002 राष्ट्रमंडल खेल, 2003 एफ्रो-एशियाई खेल और 2004 महिला हॉकी एशिया कप में स्वर्ण पदक हासिल किया. 2002 राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर स्वर्ण पदक जीता था. इस प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं ने बाद में 2007 में आई फिल्म चक दे इंडिया के लिए भी प्रेरणा दी. फिल्म में महिला हॉकी टीम के संघर्ष और बदलाव को कहानी का आधार बनाया गया था.
इसके बाद भारतीय टीम ने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. 2013 महिला हॉकी एशिया कप में भारत ने चीन को शूटआउट में हराकर तीसरा स्थान हासिल किया. 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में टीम पांचवें स्थान पर रही. उसी साल एशियाई खेलों में भारत ने जापान को 2-1 से हराकर कांस्य पदक जीता.
2016 में भारतीय महिला टीम ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया. यह 1980 के बाद ओलंपिक में टीम की वापसी थी. रियो में भारत ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सका.
2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम ने पहली बार महिला हॉकी के सेमीफाइनल में जगह बनाई. क्वार्टर फाइनल में भारत ने तीन बार की ओलंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया. सेमीफाइनल में भारत को अर्जेंटीना से हार मिली और कांस्य पदक के मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन ने भारत को हराया. वंदना कटारिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हैट्रिक बनाई थी.
2022 में भारत ने पहली बार एफआईएच महिला नेशंस कप जीता. टीम ने 2022 एशिया कप और राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक भी हासिल किया. 2024 में भारत पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका. 2026 में टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर एफआईएच नेशंस कप जीता और 2026-27 एफआईएच प्रो लीग में वापसी की.
2026 विश्व कप में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर विश्व कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की. टीम ने जर्मनी को हराकर पांचवां स्थान हासिल किया. 2026 एशियाई खेलों में भारत ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया. इस मुकाबले में दीपिका सेहरावत ने आठ गोल किए और बाद में थाईलैंड के खिलाफ नौ गोल कर अपना ही रिकॉर्ड आगे बढ़ाया.
एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर को विमेंस हॉकी का फाइनल भारत और चीन के बीच खेला गया. इस मुकाबले में भारत ने चीन को 1-0 से हराया. भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है. इस जीत के साथ ही टीम ने लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट भी हासिल कर लिया (Asian Games 2026 Gold Medal).
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर इतिहास रच दिया. भारतीय टीम की डिफेंस इस मैच में शानदार रही और उसने चीनी अटैक को नाकाम कर दिया. भारतीय टीम की जीत में सविता पूनिया का अहम रोल रहा, जिन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया.