एशियन गेम्स (Asian Games) एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन है, जिसमें एशिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ी अनेक खेलों में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं. इस खेल महोत्सव का आयोजन हर चार साल में किया जाता है और इसे "एशियाड" के नाम से भी जाना जाता है. इसकी शुरुआत 1951 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में हुई थी, जहां पहला एशियाई खेल आयोजित हुआ. एशियाई खेलों का संचालन एशियन ओलंपिक काउंसिल (OCA) द्वारा किया जाता है और इसके उद्देश्य एशियाई देशों के बीच खेल भावना, दोस्ती और शांति को बढ़ावा देना है.
एशियाई खेलों में एथलेटिक्स, तैराकी, जिम्नास्टिक्स, मुक्केबाजी, हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, तीरंदाजी, कुश्ती, शूटिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस समेत कई ओलंपिक और पारंपरिक खेल शामिल होते हैं. समय के साथ इसमें नए खेल भी जोड़े जाते रहे हैं, जैसे ई-स्पोर्ट्स और स्केटबोर्डिंग. हर आयोजन में हजारों खिलाड़ी और अधिकारी शामिल होते हैं, जिससे यह विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक बन चुका है.
भारत का एशियाई खेलों में प्रदर्शन शुरू से ही प्रभावशाली रहा है. 1951 के पहले खेलों में भारत ने 51 पदक जीते थे, जबकि हाल के वर्षों में हांगझोउ 2023 में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 100 से अधिक पदक हासिल किए. भारत के लिए एथलेटिक्स, शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन और कबड्डी जैसे खेल मजबूत रहे हैं.
एशियाई खेल केवल पदक जीतने का मंच नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी प्रतीक है. यह आयोजन एशिया की एकता और विविधता का शानदार प्रदर्शन करता है. खिलाड़ियों के लिए यह खेल ओलंपिक की तैयारी का महत्वपूर्ण अवसर भी देते हैं, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है. इसलिए एशियाई खेल एशिया के खेल इतिहास का अनमोल और गौरवपूर्ण अध्याय हैं,
ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वह उन छह महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.
2026 के बाद एशियन गेम्स का शेड्यूल बदलकर ओलंपिक से एक साल पहले करने पर विचार हो रहा है. OCA इस बदलाव को लागू कर 2030 दोहा गेम्स को 2031 में शिफ्ट कर सकता है. इससे गेम्स ओलंपिक क्वालीफिकेशन का बड़ा मंच बनेंगे, लेकिन एथलेटिक्स जैसे खेलों के टकराव की चुनौती भी सामने है.
एशियन गेम्स 2026 के प्रसारण अधिकार सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने हासिल कर लिए हैं. यह मल्टी-स्पोर्ट इवेंट सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क चैनलों और सोनी लिव पर लाइव स्ट्रीम होगा. भारत पिछली बार 107 मेडल जीतकर इतिहास रच चुका है और इस बार भी क्रिकेट समेत कई खेलों में बड़ी उम्मीदें रहेंगी.
नया साल 2026 सिर्फ कैलेंडर बदलने का नहीं है, बल्कि खेलों का सुपर ईयर होगा. क्रिकेट के तीन वर्ल्ड कप (अंडर-19, पुरुष टी20 और महिला टी20), फीफा वर्ल्ड कप, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स- ये सभी टूर्नामेंट साल भर फैन्स का रोमांच बढ़ाएंगे और खिलाड़ियों की असली परीक्षा लेंगे.