श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम ने अपने इकलौते प्रैक्टिस मैच का अंत जीत के साथ किया.कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब (NCC) ग्राउंड पर तीन दिवसीय मुकाबले के आखिरी दिन भारत ने श्रीलंका क्रिकेट XI को छह विकेट से हराया. कप्तान शुभमन गिल ने चोट के बाद वापसी करते हुए दूसरी पारी में 44 रन बनाए, यशस्वी जायसवाल ने 61 रन की पारी खेली और आखिर में मोहम्मद सिराज ने ताबड़तोड़ बैटिंग करते हुए मुकाबला खत्म किया.
प्रैक्टिस मैच में भारतीय टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम शुभमन गिल की मैदान पर वापसी रही. दाएं हाथ की रिंग फिंगर (अनामिका) पर गेंद लगने के कारण वह मुकाबले के शुरुआती दो दिन मैदान पर नहीं उतरे थे. इससे 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई थी. तीसरे दिन गिल ने पहले नेट्स में लंबा अभ्यास किया और फिर बल्लेबाजी करने उतरे. उन्होंने 54 गेंदों का सामना किया और सात चौके जड़े. इस दौरान उन्होंने किसी तरह की असहजता महसूस नहीं की.
दूसरी पारी का इस्तेमाल टीम मैनेजमेंट ने उन बल्लेबाजों को अभ्यास देने के लिए किया जिन्हें पहली पारी में पर्याप्त रन नहीं मिले थे. यशस्वी जायसवाल ने इसका फायदा उठाते हुए अर्धशतकीय पारी खेली. इसके बाद वह रिटायर्ड हर्ट होकर लौटे. उनके बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए. आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले पंत ने इस बार शुरुआत में काफी धैर्य दिखाया. वह पहली 21 गेंदों पर खाता तक नहीं खोल सके, लेकिन 22वीं गेंद पर छक्का लाकर अपने इरादे साफ किए. पहली पारी में सिर्फ दो रन बनाने वाले पंत के लिए बिताना महत्वपूर्ण था क्योंकि टेस्ट सीरीज में नंबर-5 पर उनकी भूमिका अहम रहने वाली है.
ध्रुव जुरेल को भी बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन वह एक बार फिर ज्यादा रन नहीं बना सके. हालांकि पिछले महीने श्रीलंका-ए के खिलाफ भारत-ए की कप्तानी करते हुए उनका प्रदर्शन शानदार रहा था. उन्होंने उस दौरे पर एक शतक और एक अर्धशतक लगाया था. साई सुदर्शन के टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम में एक जगह को लेकर विकल्प खुले हुए हैं. ऐसे में जुरेल भी विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में टीम मैनेजमेंट के विकल्पों में बने हुए हैं.
सिराज-गुरनूर की दिखी रफ्तार
आखिरी दिन भारतीय तेज गेंदबाजों को भी अच्छी तैयारी का मौका मिला. मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने पूरी रफ्तार के साथ गेंदबाजी की. आकिब नबी को भी गेंद थमाई गई, जिन्हें पहली पारी में एक भी ओवर नहीं मिला था. स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा, मानव सुथार और सारांश जैन ने ओवर डाले. हालांकि कुलदीप यादव का गेंदबाजी नहीं करना थोड़ा हैरान करने वाला रहा. कुलदीप ने पहली पारी में 18 ओवर फेंककर दो विकेट हासिल किए थे.
पडिक्कल-जडेजा भी चमके
मुकाबले के आखिरी हिस्से में मोहम्मद सिराज ने दर्शकों का मनोरंजन किया. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने चार छक्के लगाए और भारत को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की. टीम इंडिया ने आखिरकार मुकाबला मैच के आखिरी ओवर में जीत लिया. तीन दिन के इस अभ्यास मुकाबले में नतीजे से ज्यादा महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को श्रीलंकाई परिस्थितियों में समय मिलना था.
देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शतक जड़ा, रवींद्र जडेजा ने बल्ले और गेंद दोनों से अभ्यास किया, तेज गेंदबाजों को पर्याप्त ओवर मिले और आखिरी दिन शुभमन गिल की फिटनेस को लेकर बड़ी चिंता भी दूर हुई. एनसीसी में माहौल काफी सहज था और चुनिंदा दर्शकों को भारतीय खिलाड़ियों को करीब से देखने का मौका मिला.