उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त कांवड़ियों के लिए एक 'पाती' यानि पत्र लिखा है. उन्होंने कांवड़ यात्रा को समरसता का महापर्व बताया. उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज और संस्कृति की जीवंत पाठशाला है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों के लिए एक पत्र लिखा है. उन्होंने कांवड़ यात्रा को करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति से जोड़ने का सूत्र बताया. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा 'भगवा कपड़े, कंधे पर कांवड़ और दिल में भोलेनाथ की भक्ति' यही कांवड़ियों की पहचान है. कांवड़िए के कदम अलग हो सकते हैं लेकिन सभी का लक्ष्य एक है और वह है महादेव का जलाभिषेक. मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश सरकार कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए संकल्पित है.
प्रदेश में कांवड़ियों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा के साथ ही यात्रा मार्गों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं. यातायात व्यवस्था की भी निगरानी की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों से प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और पर्यावरण के अनुकूल कांवड़ यात्रा करने की अपील की. मुख्यमंत्री ने श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा को कांवड़ यात्रा की आत्मा बताया है.
यह भी पढ़ें: भोले के जयकारों के बीच कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा, बागपत में पुलिस के स्वागत ने जीता शिवभक्तों का दिल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पत्र ऐसे समय में आया है, जब कांवड़ यात्रा को लेकर तरह-तरह की टिप्पणी की गई है. बीते दिनों, कांवड़ यात्रा पर मौलाना रशीदी ने एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने कांवड़ यात्रियों को 'आंतकवादी' कह दिया था. मौलाना रशीदी ने कहा था, "कांवड़ उठाने वाले नशेड़ी, भंगेड़ी और आतंकवादी होते हैं." उनके इस बयान को लेकर बहुत विवाद हुआ था और इसकी काफी आलोचना भी हुई थी. इतना ही नहीं, दारुल उलूम देवबंद ने भी कांवड़ यात्रा के दौरान अपने छात्रों के लिए खास एडवाइजरी जारी की थी. मशहूर इस्लामी शिक्षण संस्थान ने कहा कि छात्र एहतियात के तौर पर कांवड़ रूट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गैर जरूरी आवाजाही से बचें.