साउथ अफ्रीकी लीग इन दिनों में सुर्खियों में है. पिछले दिनों श्रीलंकाई गेंदबाज इसुरु उदाना ने Mzansi सुपर लीग के दौरान खेल भावना का बड़ा उदाहरण पेश किया. दरअसल, पर्याप्त समय होने के बावजूद उन्होंने चोटिल खिलाड़ी को रन आउट करने से मना कर दिया.
मैच के 19वें ओवर में Paarl Rocks की ओर उदाना गेंदबाजी कर रहे थे. प्रतिद्वंद्वी टीम के हीनो कुन और मार्को मराइस क्रीज पर थे. यानी बाकी बची 12 गेंदों में जाएंट्स (Nelson Mandela Bay Giants) टीम को 30 रन बनाने थे. ओवर की पांचवीं गेंद पर कुन ने जोरदार शॉट लगाया.
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...और वह गेंद सीधे जाकर नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े मराइस को जा लगी. मराइस मैदान पर गिर पड़े और गेंद उनसे टकराकर उदाना के पास गई. तभी उदाना के पास उन्हें रन आउट करने का बेहतरीन मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं करने का फैसला किया. बल्कि उदाना ने मराइस को क्रीज में लौटने का मौका दिया. हालांकि जायंट्स टीम ने यह मैच 12 रनों से गंवाया.
उदाना के इस फैसले की खूब तारीफ हो रही है. इस स्पोर्ट्समैनशिप की फैंस के बीच चर्चा हो रही है. Mzansi सुपर लीग ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसका वीडियो शेयर किया है. दुनियाभर के क्रिकेटरों के लिए यह मिसाल है.
उल्लेखनीय है कि एक और जहां उदाना ने खेल भावना का परिचय दिया, उसी श्रीलंका के सूरज रणदीव ने 9 साल पहले वीरेंद्र सहवाग की सेंचुरी न हो इसके लिए जान-बूझकर नोबॉल फेंक दी थी.
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