भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और रविचंद्रन अश्विन ने आलोचना को लेकर अपने-अपने अनुभव साझा किए हैं. दोनों ने माना कि करियर के दौरान आलोचना सुनना आसान नहीं था, लेकिन समय के साथ उन्होंने समझा कि कई बार वही आलोचना आगे बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बन जाती है.
जियोहॉटस्टार के शो 'Cheeky Singles' में बातचीत के दौरान हरभजन सिंह ने स्वीकार किया कि खेलते समय वह अपनी आलोचना करने वाले ब्रॉडकास्टर्स और कमेंटेटर्स से नाराज हो जाते थे. कई बार उन्होंने उन्हें सीधे जाकर डांट भी दिया.
हरभजन ने कहा- जब मैं खेल रहा था, तब मैंने कुछ ब्रॉडकास्टर्स को डांटा भी था. मैंने उनसे कहा था कि आपने जिंदगी में ऐसा क्या हासिल किया है कि मेरे पीछे पड़े रहते हो. लेकिन रिटायरमेंट के बाद एहसास हुआ कि जिन लोगों को मैं अपना दुश्मन समझता था, उन्होंने मेरे बारे में कुछ गलत नहीं कहा था. वे सिर्फ अपना काम कर रहे थे.
1998 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले हरभजन सिंह का करियर करीब 18 साल लंबा रहा. अपने दौर में वह दुनिया के सबसे सफल ऑफ स्पिनरों में शामिल रहे. हालांकि उनके करियर की शुरुआत अनिल कुंबले के दौर में हुई और अंत रविचंद्रन अश्विन के भारतीय स्पिन आक्रमण पर दबदबे के साथ हुआ. इसके बावजूद हरभजन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 711 विकेट लेकर शानदार पहचान बनाई.
अश्विन ने बताया कैसे बदल गई सोच
इसी कार्यक्रम में रविचंद्रन अश्विन ने भी अपने करियर का एक अहम किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि 2012 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने उनके बारे में एक लंबा लेख लिखा था.
अश्विन ने कहा कि उस लेख में मांजरेकर ने उनकी गेंदबाजी की तारीफ की थी, लेकिन साथ ही फिटनेस और फील्डिंग पर सवाल भी उठाए थे. लेख पढ़ने के बाद उन्हें काफी गुस्सा आया और दुख भी हुआ.
अश्विन ने कहा- मैंने ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटते समय पूरा लेख पढ़ा. पढ़कर मुझे बहुत गुस्सा आया और काफी बुरा भी लगा. उस समय मैंने बात को वहीं छोड़ दिया. मैं संजय मांजरेकर से ज्यादा बातचीत भी नहीं करता था.
फिटनेस पर किया काम, फिर आया तारीफ वाला लेख
अश्विन ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अगले कुछ वर्षों तक अपनी फिटनेस पर लगातार मेहनत की. मेहनत का असर मैदान पर भी दिखाई दिया. वर्ष 2015 में संजय मांजरेकर ने एक और लेख लिखा, जिसमें इस बार उन्होंने अश्विन की गेंदबाजी के साथ-साथ उनकी फिटनेस में आए बदलाव की भी खुलकर तारीफ की.
अश्विन ने बताया- उसके बाद मैंने उनका नंबर लिया और उन्हें मैसेज किया कि आपका वह पुराना लेख मेरी जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ. उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव ने आलोचना को देखने का उनका नजरिया बदल दिया.
अश्विन ने दिसंबर 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था. इसके बाद 2025 आईपीएल सीजन के बाद उन्होंने टी20 लीग क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया. वहीं हरभजन सिंह 2021 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायर हो चुके हैं. फिलहाल दोनों कमेंट्री के साथ-साथ अपने-अपने यूट्यूब चैनलों पर क्रिकेट विश्लेषण भी करते हैं.