भारत सरकार आपदा प्रभावित इलाकों में नए कम्युनिटी रेडियो स्टेशन खोलने की तैयारी में है. सरकार की इस पहल से बाढ़, भूकंप या तटीय तूफानों जैसी आपात स्थितियों में आम लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाई जा सकेगी.
दरअसल सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जल्द से जल्द और सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए लोकल कम्युनिटी रेडियो पर अपना फोकस बढ़ा दिया है.
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस दिशा में तेजी से काम करने को कहा है. इसके अलावा राजस्व और आपदा प्रबंधन विभागों के सचिवों को भी खास निर्देश दिए गए हैं.
मंत्रालय ने खास तौर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, तटीय इलाकों और दूसरे आपदा-संभावित जिलों में नए कम्युनिटी रेडियो स्टेशन खोलने और उन्हें बढ़ावा देने की अपील की है.
तुरंत मिलेगा आपदा का हर अपडेट
सरकार का मानना है कि आपात स्थिति में स्थानीय भाषा में जल्दी, सटीक और भरोसेमंद जानकारी देने में कम्युनिटी रेडियो सबसे कारगर जरिया साबित हो सकता है. इसके जरिए बाढ़ की चेतावनी, मौसम अलर्ट, स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी और सरकार के जरूरी दिशा-निर्देश सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचाए जा सकेंगे.
आपात स्थिति में सरकारी निर्देशों का पालन जरूरी
सरकार ने ये भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति के दौरान केंद्र या राज्य सरकार कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों को विशेष संदेश प्रसारित करने का निर्देश दे सकती है. ऐसी परिस्थिति में रेडियो स्टेशन के लिए उन सरकारी संदेशों का प्रसारण करना अनिवार्य होगा.
50 करोड़ का रुपए बजट मंजूर
कम्युनिटी रेडियो नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की 'सपोर्टिंग कम्युनिटी रेडियो मूवमेंट इन इंडिया' योजना को साल 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है. इस योजना के लिए कुल 50 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है.
इस योजना के तहत नए और पुराने कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों को एडवांस टूल्स खरीदने और उन्हें बदलने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. आपदा के समय बिजली कटने पर भी प्रसारण चालू रहे, इसके लिए UPS, जनरेटर और सोलर पावर सिस्टम जैसी बैकअप सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा.
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राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने बताया कि अगर कोई चालू कम्युनिटी रेडियो स्टेशन बाढ़, बिजली गिरने या भूकंप जैसी आपदा से क्षतिग्रस्त होता है, तो उसे दोबारा शुरू करने के लिए 11.50 लाख रुपये तक का इमरजेंसी ग्रांट दिया जा सकता है.