भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर जल्द तस्वीर साफ हो सकती है. अगरकर का मौजूदा कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म होने जा रहा है. ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) जल्द ही उनके साथ बैठक करने वाला है. इसी मीटिंग में उनके आगे के कार्यकाल को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है.
स्पोर्ट्स तक को मिली जानकारी के मुताबिक, BCCI अगरकर के साथ जल्द मुलाकात करेगी. इस बैठक में उनके भविष्य पर चर्चा होगी. फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं, उनके मुताबिक अगरकर की स्थिति पूरी तरह खराब नहीं है.
बोर्ड उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के पक्ष में नजर आ रहा है. हालांकि एक पेंच यहां भी है. फैसला सिर्फ BCCI की इच्छा से नहीं होगा. यह भी देखा जाएगा कि अगरकर खुद चीफ सेलेक्टर के तौर पर आगे काम करना चाहते हैं या नहीं. लिहाजा बैठक के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.
रोहित वाले मामले ने बढ़ाई अगरकर की मुश्किल
अगरकर का कार्यकाल पिछले कुछ समय से स्क्रूटनी (Scrutiny) में रहा है. इसकी एक बड़ी वजह रोहित शर्मा को लेकर लिया गया फैसला रहा. इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा को वनडे फॉर्मेट से दूर करने का विचार सामने आया था.
इस मुद्दे पर BCCI और सेलेक्शन कमेटी के बीच पूरी सहमति नहीं थी. यही बात अगरकर के लिए परेशानी का कारण बनी और उनके पद को लेकर सवाल उठने लगे.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि BCCI अगरकर को हटाने का मन बना चुकी है. मौजूदा स्थिति में बोर्ड उन्हें बाहर करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं दिख रहा है. अगर BCCI के साथ होने वाली बैठक में सबकुछ सही रहता है, तो फैसला अगरकर के पक्ष में जा सकता है. बोर्ड के सामने एक और अहम पहलू 2027 वनडे वर्ल्ड कप है.
टूर्नामेंट में अब करीब एक साल का ही समय बचा है. ऐसे में टीम के सेलेक्शन और तैयारियों में कंटीन्यूटी बनाए रखने के लिए अगरकर को जिम्मेदारी जारी रखने के लिए कहा जा सकता है. लेकिन फिलहाल अंतिम फैसला बैठक के बाद ही होगा.
अगरकर का कार्यकाल रहा है काफी अहम
अजीत अगरकर 2023 में भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर बने थे. पिछले साल BCCI ने उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाया था. अब सितंबर 2026 में उनका मौजूदा एक्सटेंशन पूरा होने जा रहा है. अगर BCCI उनका कार्यकाल एक बार फिर बढ़ाती है, तो अगरकर 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम का सेलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बने रह सकते हैं.
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट टीम में कई बड़े बदलाव देखने को मिले. खासकर वनडे और टी20 फॉर्मेट में टीम ने शानदार सफलता हासिल की. हालांकि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम को संघर्ष करते हुए भी देखा गया.
उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने दो बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता. टीम इंडिया चैम्पियंस ट्रॉफी की विजेता भी बनी. इसके अलावा 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी.
रोहित-कोहली समेत कई दिग्गजों पर हुए बड़े फैसले
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट की एक पूरी पीढ़ी में बदलाव की शुरुआत हुई. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गजों ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया.
इसके बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और आर अश्विन जैसे बड़े नाम टेस्ट क्रिकेट से भी दूर हो गए. यानी अगरकर के चीफ सेलेक्टर रहते भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट में कई बड़े बदलाव हुए. टी20 फॉर्मेट में कप्तानी भी रोहित शर्मा से सूर्यकुमार यादव को सफलतापूर्वक ट्रांसफर हुई. इसके बाद अब श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं टेस्ट और वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी के तौर पर शुभमन गिल को तैयार किया गया. उन्हें दोनों फॉर्मेट में टीम की कमान सौंपी गई.
यही वजह है कि अगरकर का अगला फैसला सिर्फ एक चीफ सेलेक्टर के कार्यकाल का मामला नहीं होगा. 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम में बदलाव के इस दौर को आगे कैसे बढ़ाया जाए, BCCI के लिए यह भी बड़ा सवाल होगा.
फिलहाल गेंद BCCI और अजीत अगरकर के पाले में है. दोनों के बीच होने वाली बैठक के बाद ही तय होगा कि अगरकर की चयन समिति में पारी आगे जारी रहेगी या सितंबर 2026 के साथ उनका कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा.