
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 31 अगस्त को अवैध पटाखा फैक्ट्री में एक भीषण विस्फोट हुआ. इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और आसपास के दो दर्जन से अधिक मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. घटना में ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने थाना प्रभारी विकास सिंह, दो चौकी प्रभारियों और दो सिपाहियों के खिलाफ निलंबन व लाइन हाजिर की कार्रवाई की है. वहीं पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने 1 सितंबर की सुबह मुख्य आरोपी नौशाद अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है.
भीषण धमाका और इलाके में तबाही
पटाखा फैक्ट्री में हुआ यह धमाका इतना भीषण था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर तक सुनाई दी. लगभग 50 मीटर दूर तक बने मकान इसकी चपेट में आ गए. कई घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए, जबकि दो दर्जन से अधिक घरों की दीवारें, खिड़कियां और दरवाजे टूट गए. स्थानीय निवासियों के मुताबिक यह मंजर किसी हवाई हमले जैसा खौफनाक था.

प्रशासन की गाज, पुलिसकर्मी निलंबित
लापरवाही और सूचना दर्ज न कराने के आरोप में एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष पाल को लाइन हाजिर कर दिया है. इसके अलावा बीट आरक्षी जितेन्द्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
बुलडोजर एक्शन
अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट हादसे के बाद आरोपी मोहम्मद आदिल के गोदाम पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया गया है. उसके दूसरे गोदाम से भारी मात्रा में पटाखे और बारूद जब्त किए गए हैं. इस भीषण हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है.
मुकदमा दर्ज और दो महिलाएं हिरासत में
घटना के संबंध में थाना पिपरी में छह अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा संख्या 219/2026 के तहत धारा 105/288 बीएनएस और 4/5/9B विस्फोटक अधिनियम में केस दर्ज किया गया है. विवेचना के दौरान पुलिस ने शबाना और साइना को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

एनकाउंटर में मुख्य आरोपी नौशाद गिरफ्तार
1 सितंबर की सुबह भाग रहे मुख्य आरोपी नौशाद अली को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. खुद को घिरता देख नौशाद ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी. घायल नौशाद को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.