NCLT ने मंगलवार को एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्र से जुड़े दिवालियापन मामले में अपने 25 अगस्त के आदेश पर रोक लगा दी. साथ ही आदेश दिया है कि गारंटर के तौर पर अपनी संपत्तियों को डायरेक्ट या इनडारेक्ट तौर पर ट्रांसफर ना करें.
मामले की सुनवाई कर रहे तीन सदस्यों की ओर से जारी आदेश में मतभेद सामने आने के बाद अब इस मामले को एनसीएलटी की पांच सदस्यीय विशेष पीठ के समक्ष रखा गया है. स्पेशल बेंच ने मंगलवार को मामले की सुनवाई शुरू की और कहा कि पहले के आदेशों में मतभेद थे और कोई स्पष्ट बहुमत का मत नहीं था जिसे लागू किया जा सकता. ऐसे में पुराने आदेश पर रोक लगा दी है.