भारतीय टीम के पूर्व टेस्ट उपकप्तान और कप्तान अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर टीम मैनेजमेंट और सीनियर खिलाड़ियों को लेकर बड़ा बयान दिया है. रहाणे ने कहा कि पिछले कुछ समय में उन्होंने भारत को घरेलू मैदान पर भी टेस्ट मैच हारते देखा है, इसलिए टीम में अनुभवी खिलाड़ियों का सम्मान होना बेहद जरूरी है.
अजिंक्य रहाणे ने 'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में कहा, 'पिछले दो साल से मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहा हूं. घर बैठकर मैंने भारतीय टीम को विदेश ही नहीं, बल्कि अपने घरेलू मैदान पर भी टेस्ट मैच हारते देखा है. मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मजबूत चरित्र (कैरेक्टर) की जरूरत होती है.
ऐसे खिलाड़ी तैयार करने होंगे जो मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए डटकर खेल सकें. सबसे अहम बात है कि कठिन सेशन को निकालना सीखें. आजकल बहुत कम टीमें ऐसा करती हैं. मैं किसी एक टीम की ओर इशारा नहीं कर रहा, लेकिन मैं खिलाड़ियों को उन मुश्किल सेशन्स में टिककर खेलते देखना चाहता हूं.'
"I feel Test cricket needs character." 😤
Ajinkya Rahane on what makes Test teams successful. 💪 pic.twitter.com/vU6RkeYDB4— Stick to Cricket (@StickToCricket) August 5, 2026
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रहाणे ने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों को सम्मान और भरोसा मिलना चाहिए. उनके अनुभव का फायदा टीम को मुश्किल परिस्थितियों में मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को लगातार मौके, स्पष्ट भूमिका और सुरक्षा मिलनी चाहिए, तभी वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं.
हालांकि रहाणे ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को कई लोग टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर से जोड़ रहे हैं. हाल के समय में टीम चयन और सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर कई फैसलों पर सवाल उठे हैं.
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हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले रहाणे ने अपने करियर में भारत को कई यादगार जीत दिलाई. खासकर 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी कप्तानी में भारत ने ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी.