नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पानी के तेज बहाव के साथ एक विशाल पत्थर भी बहता दिखाई दे रहा है. पत्थर पानी और मलबे के साथ आगे बढ़ता है और एक गांव के पास जाकर रुक जाता है. वीडियो में दिख रहा यह मंजर बताता है कि पहाड़ों में अचानक आई बाढ़ सिर्फ पानी नहीं लाती, बल्कि अपने साथ भारी पत्थर और चट्टानें भी बहाकर ले जा सकती है.
यह बाढ़ नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के इलाके में आई. 26 अगस्त की सुबह नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा और पानी, मिट्टी और पत्थरों का तेज बहाव नीचे की तरफ आया. ICIMOD के मुताबिक, इस फ्लैश फ्लड में पानी के साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी और बोल्डर भी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी सिस्टम में आगे बढ़े.
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इस वीडियो को 2013 की केदारनाथ आपदा से जोड़कर भी देखा जा सकता है. उस समय चोराबाड़ी झील के टूटने के बाद भारी मात्रा में पानी नीचे आया था. NIDM की रिपोर्ट के मुताबिक, पानी अपने साथ बड़े ग्लेशियल बोल्डर और मलबा लेकर आया था. इससे केदारनाथ और आसपास के इलाकों में भारी तबाही हुई थी.
केदारनाथ में मंदिर के पीछे क्या हुआ था?
केदारनाथ में 2013 की बाढ़ के बाद मंदिर के पीछे एक बड़ा पत्थर दिखाई दिया, जिसे स्थानीय लोग भीम शिला कहते हैं. उत्तराखंड पर्यटन विभाग के मुताबिक, स्थानीय मान्यता है कि यह बड़ा पत्थर बाढ़ के दौरान पहाड़ से नीचे आया और मंदिर के पीछे रुक गया. दोनों घटनाओं में समानता सिर्फ इतनी है कि तेज पहाड़ी बाढ़ अपने साथ बड़े पत्थर और चट्टानी मलबा बहा सकती है.
नेपाल में क्यों आया इतना तेज बहाव?
नेपाल में आई इस बाढ़ में भोटेकोशी नदी का पानी अचानक बढ़ा. शुरुआती तकनीकी जानकारी के मुताबिक, बाढ़ का बड़ा हिस्सा तिब्बत की तरफ से आया और इसके बाद भोटेकोशी से होते हुए त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा.
फ्लैश फ्लड में पानी बहुत तेजी से बढ़ता है. पहाड़ी ढलान के कारण इसकी रफ्तार और ताकत बढ़ जाती है. ऐसे में पानी अपने साथ मिट्टी, पेड़, पत्थर और बड़े बोल्डर तक बहा सकता है. नेपाल का यह वीडियो इसी खतरनाक ताकत को साफ दिखाता है.