12 अगस्त का साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और न ही इसका सूतक काल यहां मान्य होगा. सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में घटित होगा. खास बात यह है कि इस सूर्य ग्रहण से एक दिन पहले यानी 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि भी मनाई जा रही है और इस दिन पृथ्वी पर भद्रा काल भी रहेगा. धरती पर भद्रा और सूर्य ग्रहण के संयोग को ज्योतिषविद दुर्लभ संयोग मान रहे हैं.
कब लगेगा भद्रा काल?
11 अगस्त को भद्रा का समय सुबह 5:48 बजे से दोपहर 3:22 बजे तक बताया गया है. चूंकि इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा, इसलिए यह भद्रा पृथ्वी लोक पर मान्य होगी जिसे बहुत अशुभ माना जाता है. ये भद्रा ऐसे समय में लग रही है, जब कुछ घंटे बाद पृथ्वी का कुछ हिस्सा सूर्य ग्रहण के साए में होगा.
3 राशियों पर सबसे ज्यादा असर
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के 12वें भाव में सूर्य ग्रहण का प्रभाव माना जा रहा है. यह भाव खर्च और हानि से जुड़ा माना जाता है. ऐसे में आपको अपने बजट पर विशेष ध्यान देना होगा. अचानक बढ़ने वाले खर्च आर्थिक दबाव बढ़ा सकते हैं. विदेश से जुड़े कारोबार या काम करने वालों को अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी. किसी भी कार्य में लापरवाही परेशानी बढ़ा सकती है. साथ ही, गुस्से पर नियंत्रण रखना आपके लिए बेहद जरूरी रहेगा.
धनु राशि
धनु राशि वालों के 8वें भाव में सूर्य ग्रहण का प्रभाव बताया गया है. यह भाव आयु और संकट से संबंधित माना जाता है. ऐसे में पहले से चल रहे कुछ काम अचानक अटक सकते हैं. कार्यस्थल पर नया प्रयोग करने या बड़ा आर्थिक निवेश करने से फिलहाल बचना बेहतर रहेगा. पैसों से जुड़े लेन-देन में पूरी सावधानी रखें. गलत संगति में पड़कर समय और धन दोनों की बर्बादी हो सकती है. यात्रा के दौरान और वाहन चलाते समय भी सतर्क रहें.
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के छठे भाव में सूर्य ग्रहण का प्रभाव बताया गया है. यह भाव रोग और शत्रु से संबंधित माना जाता है. ऐसे में कार्यक्षेत्र में विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों से सावधान रहना होगा. कोई व्यक्ति आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकता है. ऑफिस में बहस या विवाद से बचें और संयम के साथ काम करें. कारोबार में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें, क्योंकि इससे नुकसान हो सकता है. स्वास्थ्य के लिहाज से पेट और रक्त से जुड़ी परेशानियों को नजरअंदाज न करें.