पंजाब में 1 जुलाई से ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ हकीकत बनने जा रही है. योजना के तहत पंजाब की महिलाओं के खाते में 1000-1500 रुपये हर महीने दिए जाने हैं. सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये, और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये - ध्यान देने वाली बात यह है कि योजना अभी से ही शुरू होने वाली है, चुनाव बाद नहीं.
रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब की महिलाओं के खाते में 1 जुलाई को मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत दी जाने वाली रकम पहली बार पहुंचेगी. पहली बार में एक साथ तीन महीने की एकमुश्त रकम दी जाने वाली है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च को विधानसभा के विशेष सत्र में इस योजना की घोषणा की थी. उसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. पंजाब सरकार का दावा है कि योजना से पंजाब की करीब 97 फीसदी वयस्क महिलाओं को फायदा मिलेगा.
देखा जाए तो भगवंत मान भी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के रास्ते पर चल रहे हैं. असम चुनाव से पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने महिलाओं को बिहू के मौके पर एकमुश्त बड़ी रकम की सौगात दी थी. आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में महिलाओं के लिए योजना शुरू की थी, लेकिन वक्त रहते उस पर अमल नहीं हो सका. लगता है, भगवंत मान दिल्ली में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की हार से सबक लेते हुए चुनाव से पहले ही महिलाओं के खाते में पैसा भेजने का फैसला किया है.
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री महिला योजना
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम बताया है. सोशल साइट एक्स पर अरविंद केजरीवाल ने लिखा है, पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई. 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आएंगे. हर जनरल कैटेगरी की महिला को तीन हजार और हर SC कैटेगरी की महिला को 4500 रुपये मिलेंगे. एक परिवार में यदि एक से अधिक महिलाएं हैं, तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी. पूरी दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है.
X पर ही आम आदमी पार्टी की तरफ से बताया गया है, '1 जुलाई से मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलनी शुरू होगी. पहली किस्त में 3 महीने की राशि एक साथ जारी की जाएगी. इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3000 और एससी वर्ग की महिलाओं को ₹4500 दिए जाएंगे.' मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना योजना को 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी माना गया है, इसलिए अप्रैल, मई और जून की बकाया रकम एक साथ महिलाओं के खाते में भेजी जानी है.
असल में 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की तरफ से महिलाओं के लिए यह योजना लाए जाने का वादा किया गया था. लेकिन, अब जाकर यह योजना लागू होने जा रही है. पंजाब में वैसे तो 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं, लेकिन ऐसी भी चर्चा है कि 2026 के आखिर में ही विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं.
भगवंत मान ने केजरीवाल से क्या सबक लिया
दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट में 'मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना' पेश की गई थी, जिसके तहत 18 साल और उससे अधिक उम्र की सभी महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाने की घोषणा की गई थी. लेकिन, तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली शराब घोटाले में जेल चले जाने के कारण योजना को अमल में नहीं लाया जा सका था. जेल से रिहा होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का खूब प्रचार किया, लेकिन लोगों पर असर नहीं हुआ. तब अरविंद केजरीवाल ने लोगों को यह तक समझाने की कोशिश की कि सत्ता में आने पर बीजेपी आम आदमी पार्टी सरकार की सभी योजनाओं को बंद कर देगी. बीजेपी की चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लोगों को आश्वस्त किया कि पहले से चल रही कोई भी कल्याणकारी योजना बंद नहीं की जाएगी. दिल्ली के लोगों ने केजरीवाल की बात तो नहीं सुनी, लेकिन मोदी की बात मान ली. चुनाव नतीजों से तो ऐसा ही लगता है.
महिलाओं के खाते में सीधे कैश भेजने का सत्ताधारी पार्टियों को जो फायदा हुआ है, उसमें दिल्ली और पश्चिम बंगाल अपवाद लगते हैं. मध्य प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र और हरियाणा होते हुए बिहार तक की बात करें, तो बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को सत्ता में वापसी में महिलाओं की कैश स्कीम का सीधा फायदा हुआ है.
बीजेपी 2025 में दिल्ली और 2026 में पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई है. मतलब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में सत्ता में न होने के बावजूद बीजेपी की महिला स्कीम पर लोगों ने भरोसा किया. दिल्ली और पश्चिम बंगाल की महिला योजनाओं में एक बुनियादी फर्क है. दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने योजना की घोषणा जरूर की थी, लेकिन चुनाव से पहले लागू नहीं कर पाए. पश्चिम बंगाल में तो तृणमूल कांग्रेस की सरकार में ममता बनर्जी पहले से ही लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को पैसे दे रही थीं, लेकिन लोगों ने बीजेपी को आजमाने का फैसला किया, और चुनावों में सत्ता सौंप दी.
पंजाब में किन महिलाओं को फायदा मिलेगा
1. मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का फायदा लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए.
2. लाभार्थी होने के लिए महिला का पंजाब की स्थायी निवासी होना जरूरी है. साथ ही पात्रता की शर्तें पूरी करने के लिए वैध वोटर आईडी और आधार कार्ड होना जरूरी है.
3. इस योजना का फायदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाली महिलाओं को भी मिलेगा. उन्हें यह रकम अलग से मिलेगी.
4. और हां, एक ही परिवार की एक से ज्यादा पात्र महिलाओं को भी अलग-अलग लाभ मिल सकेगा.
लेकिन, वे महिलाएं जो सरकारी नौकरी में हैं, या सरकारी नौकरी से रिटायर हो चुकी हैं, वे इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी. इनकम टैक्स देने वाली महिलाएं, मौजूदा या पूर्व महिला सांसद या विधायक भी इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे.
पंजाब सरकार की तरफ से पात्र महिलाओं को योजना का फायदा देने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को महिला वोट बैंक से आशीर्वाद की उम्मीद तो है ही, बेअदबी के आरोपों के चलते विवादों में आए भगवंत मान को भी राहत की उम्मीद करनी चाहिए.