पूर्व हास्य कलाकार, भगवंत सिंह मान आम आदमी पार्टी के सदस्य है (Bhagwant Mann Aam Aadmi Party). 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और भगवंत मान को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया.
मान मई 2014 से पंजाब के संगरूर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं (Bhagwant Mann MP from Sangrur).
मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था (Bhagwant Mann Date of Birth). उन्होंने यूथ कॉमेडी फेस्टिवल और इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में भाग लिया और पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में शहीद उधम सिंह गवर्नमेंट कॉलेज, सुनाम के लिए एक प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीते.
मान ने राजनीति, व्यापार और खेल जैसे विशिष्ट भारतीय मुद्दों के बारे में कॉमेडी परफॉर्मेंस किए और जगतार जग्गी के साथ अपना पहला कॉमेडी एल्बम बनाया. इसके बाद, मान ने राणा रणबीर के साथ कॉमेडी पार्टनरशिप की और दोनों ने मिलकर टेलीविजन कार्यक्रम भी किए. 2006 में, मान और जग्गी फिर से मिले और अपने शो नो लाइफ विद वाइफ के साथ कनाडा और इंग्लैंड का दौरा किया. 2008 में, मान ने स्टार प्लस पर ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में भाग लिया, जिससे उनके फैंस की संख्या में इजाफा हुआ (Bhagwant Mann Comedy Career).
2011 की शुरुआत में, मान पंजाब की पीपुल्स पार्टी में शामिल हो गए. 2012 में, उन्होंने लेहरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए. मार्च 2014 में, मान संगरूर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए. उन्होंने 211,721 मतों से जीत हासिल की. मान की शराब की तथाकथित लत 2017 के पंजाब चुनावों से पहले एक बड़ा विवाद बन गई. पार्टी ने इस विवाद को संभालने के लिए 2019 में बरनाला में एक रैली की, जहां उन्होंने फिर से शराब नहीं छूने की कसम खाई. 2019 आम चुनावों में मान को संगरूर से लगातार दूसरी बार जीत मिली (Bhagwant Mann Political Career).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @BhagwantMann है. उनके फेसबुक पेज का नाम Bhagwant Mann है. वे इंस्टाग्राम पर bhagwantmann1 यूजरनेम से एक्टिव हैं.
अकाल तख्त की ओर से भगवंत मान को 'गुरु विरोधी' और 'खालसा पंथ विरोधी' करार दिए जाने के बाद सियासी और धार्मिक गलियारों में घमासान तेज हो गया है. एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पूरे विवाद को अपने खिलाफ चलाया जा रहा राजनीतिक प्रोपेगेंडा बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ SGPC और विपक्षी दल अकाल तख्त के फैसले को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वीडियो क्लेरिफिकेशन पर पंजाब के बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का कहना है कि अकाल तख्त साहिब सर्वोच संस्था है, महाराजा रणजीत सिंह को भी अकाल तख्त पर तलब किया गया था क्या पंजाब के CM उनसे भी ऊपर हो गए है ? CM को अकाल तख्त के आदेश को ज्यूँ का त्यूँ मान माफ़ी माँगनी चाहिए, इस्तीफ़ा देना चाहिए.
पंजाब के सीएम भगवंत मान को लेकर एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है, जिस पर श्री अकाल तख्त ने सख्त फैसला सुना है. अब सीएम ने कहा कि वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहा है वह मैं नहीं हूं. मैं हैरान हूं कि पंथ के इतने बड़े ओहदे पर बैठे लोग सियासी मोहरे की तरह काम कर रहे हैं.
वायरल वीडियो को लेकर उठे विवाद पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं. अकाल तख्त के फैसले के बाद मामले ने राजनीतिक और धार्मिक चर्चा को तेज कर दिया है. विवाद से जुड़े तथ्यों और दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित प्रक्रियाओं और आधिकारिक निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी.
जिस वीडियो को लेकर महीनों से सियासी और धार्मिक घमासान मचा हुआ था, अब उसी वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पंजाब की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है. श्री अकाल तख्त साहिब ने दो फॉरेंसिक लैब्स की रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि वायरल वीडियो के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई और ना ही AI से तैयार किया गया था. इसके बाद अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को न सिर्फ धार्मिक तौर पर दोषी ठहराया है, बल्कि उन्हें 'गुरुद्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' भी करार दे दिया.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने 'गुरु दोखी' और 'खालसा पंथ विरोधी' बताया है. तख्त ने नए बेअदबी कानून को लेकर पंजाब मंत्रिमंडल और सभी सिख विधायकों को तलब किया है.
पंजाब की राजनीति और सिख समुदाय से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. एक कथित वीडियो विवाद और उससे जुड़े आरोपों के बीच यह निर्णय सामने आया है. साथ ही बेअदबी विरोधी कानून को लेकर भी अकाल तख्त ने पंजाब के सिख विधायकों और मंत्रिमंडल को तलब किया है, जिससे इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है.
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत सिंह मान जालंधर में 'ट्रेड कमीशन' की बैठक में शामिल हुए, इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी व्यापारियों, दुकानदारों और कारोबारियों के हितों की रक्षा व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है.
बठिंडा में आयोजित आम आदमी पार्टी के रोड शो में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने सीएम फेस का ऐलान कर दिया है. अरविंद केजरीवाल के मुताबिक 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से भगवंत मान को ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा.
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक आधार पर पुलिस महकमे में एक अचानक और बड़ा फेरबदल किया है. गृह विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के मुताबिक, सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बॉर्डर रेंज अमृतसर के डीआईजी पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी का महज 11 दिनों के भीतर तबादला कर दिया गया है.
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बठिंडा में रोड शो के दौरान कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारी में जुटने और भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की अपील की. उन्होंने निकाय चुनाव में मिली सफलता को सरकार के काम पर जनता की मुहर बताया.
पंजाब सरकार के मिशन रोजगार अभियान के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 335 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की रोजगार नीति और भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब में सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ करवाई गई हैं.
पंजाब की राजनीति में किसान एक बार फिर सबसे बड़ा फैक्टर बनते दिख रहे हैं. एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों के लिए नई सौगातों का ऐलान कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके ही होम टाउन संगरूर में हजारों किसान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे हैं. MSP की कानूनी गारंटी से लेकर खाद की किल्लत और बढ़ती लागत तक किसानों की नाराजगी खुलकर सड़क पर दिखाई दे रही है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एचपीसीएल के साथ बैठक में पंजाब में रिफाइनरी, बायोफ्यूल और बायोगैस क्षेत्रों में नए निवेश की घोषणा की. कंपनी बठिंडा में अपने कामकाज का विस्तार करेगी और राज्य में 10 बायोगैस प्लांट स्थापित करेगी. सरकार का दावा है कि इन प्रोजेक्टों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, किसानों को लाभ मिलेगा और पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
पंजाब सरकार ने 65 हजार से अधिक कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने और संविदा व्यवस्था समाप्त करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब कर्मचारियों को सीधे सरकार नियुक्त करेगी और उन्हें वेतन, पीएफ, ईएसआई तथा ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
नितिन नवीन ने जिन चार राज्यों में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है, पंजाब में 76 साल के केवल सिंह ढिल्लों को कमान सौंपा जाना, और दिल्ली में सरकार बनने के बाद वीरेंद्र सचदेवा की विदाई महत्वपूर्ण है. पश्चिम बंगाल की जीत के बाद नितिन नवीन के लिए अगला चैलेंज तो पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 है.
जैसे-जैसे पंजाब एक और लंबी गर्मी की तैयारी कर रहा है, अस्पतालों के भीड़ भरे गलियारे यह याद दिला रहे हैं कि मौसमी बीमारियां आज भी परिवारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं.
'मुख्यमंत्री सेहत योजना' राज्यभर के परिवारों के लिए एक बड़े स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में उभर रही है. अब तक इस योजना के तहत लगभग 44.8 लाख रजिस्ट्रेशन की जा चुकी हैं.
पंजाब सरकार ने भीषण गर्मी में बेहाल लोगों के लिए एक राहत भरा फैसला लिया है. मान सरकार ने गर्मी के चलते दफ्तर और स्कूलों का टाइम बदल दिया है. अब दफ्तर और स्कूल साढ़े सात बजे खुलेंगे और दोपहर डेढ़ बजे बंद हो जाएंगे. चंडीगढ़ प्रशासन ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए 25 मई से छुट्टियों का ऐलान कर दिया है.
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करते हुए आवारा कुत्तों पर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाया जाएगा. यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक और जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है.
पंजाब की राजनीति में नया भूचाल आ गया है. केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें आईएसआई एजेंट बताया दिया. बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर उठाए गए सवालों को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि वह देश के हितों के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. देखें पंजाब आजतक.