अहम और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अब यह समझने लगे हैं कि अंदर की ओर मुड़ने की जरूरत है. पिछले कुछ सौ सालों में पहली बार देशों के प्रमुख बस अर्थव्यवस्था, सेना और देश के दूसरे पहलुओं के बारे में बात करने के बजाए मनुष्य की आतंरिक खुशहाली के बारे में बात कर रहे हैं. यह 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किए जाने का परिणाम है.
109 दिनों की जंग के बाद ईरान और अमेरिका के बीच जो समझौता हुआ है, उसे कोई MoU कह रहा है, कोई पीस डील, कोई सिर्फ डील, और कोई छलावा. भरोसे का आलम है कि डील हो जाने के 24 घंटे के भीतर ही इसके छिन्न-भिन्न होने के आसार नजर आने लगे. इजरायल और हिजबुल्ला का पेंच उलझा हुआ है.
राहुल गांधी के जन्मदिन पर उत्साही यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बनारस में उनकी परशुराम अवतार वाली तस्वीर का दुग्धाभिषेक किया. इसके वीडियो से चर्चा चल पड़ी कि कांग्रेस ब्राह्मण वोटर को अपनी ओर खींचने की कोशिश करने जा रही है. सवाल है कि राहुल गांधी की दलित-ओबीसी के हक की लड़ाई का क्या होगा? और यदि कांग्रेस भी ब्राह्णणों को अपनी खीेंचेगी तो अखिलेश यादव क्या करेंगे?
'मैं वापस आऊंगा' में नसीरुद्दीन शाह ने बंटवारे का वो दर्द पर्दे पर उतारा है जिसे देखकर हर दर्शक की आंखें नम हो रही हैं. ये फिल्म याद दिलाती है कि बेबाक बयानों के चलते भले ही बॉलीवुड के फिल्ममेकर्स उनसे थोड़ा बचकर चलते हों, लेकिन उनका स्क्रीन पर होना भारतीय सिनेमा के लिए कितना जरूरी है.
उद्धव ठाकरे शिवसेना का स्थापना समारोह मना रहे हैं, लेकिन उनके हिस्से नाममात्र ही बचा है, क्योंकि नामोनिशान तो चार साल पहले ही गंवा चुके हैं. 60 साल पुरानी पार्टी छठी बार टूट की कगार और महाराष्ट्र की राजनीति के उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से बाउंसबैक फिलहाल तो असंभव लग रहा है.
इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा' को जनता और क्रिटिक्स से जबरदस्त पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है. लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया पर इसे 'एंटी-धुरंधर' कहकर नीचे खींचने की कोशिश भी कर रहे हैं. लेकिन क्या ये फिल्म सच में पाकिस्तान के लिए सॉफ्ट है? या ये सिर्फ बंटवारे में उजड़ गए एक इंसान की बेहद इमोशनल प्रेम कहानी है?
हमने एक लंबे संघर्ष के बाद आजादी पाई और दशकों तक लोकतंत्र को संवारा, लेकिन आज जो हालात हैं, उसमें हमारा लोकतंत्र खतरे में है.
यूपी के विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बाकी रह गया है. नए गठबंधनों की कवायद अंगड़ाई ले रही है, तो वहीं जातीय समीकरण दुरुस्त करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं.
जब कोई शासक दलगत सीमाओं को लांघकर मर्यादा की लक्ष्मण रेखा की रक्षा के लिए खड़ा होता है, तो वह एक सामान्य राजनेता से ऊपर उठकर 'राजधर्म' का प्रतीक बन जाता है.
अखिलेश यादव 2024 के आम चुनाव में PDA के सफल प्रयोग के बावजूद ब्राह्मण समुदाय का वोट पाने की कोशिश में लग गए हैं. 2007 में मायावती की सोशल इंजीनियरिंग के प्रयोग की आज भी मिसाल दी जाती है, लेकिन बाद में बीएसपी भी वैसी सफलता नहीं दोहरा पाई - अखिलेश यादव कुछ अलग करेंगे क्या?
अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील कराने के लिए दौड़-भाग कर रहे आसिम मुनीर बदले में डोनाल्ड ट्रंप से क्या उम्मीद लगाए बैठे हैं? कहा जा रहा है कि वह ट्रंप को भरोसे में लेकर एक बार फिर कश्मीर फ्रंट को गर्म करना चाहते हैं. ये मानकर कि यदि जंग तक आई तो ट्रंप संभाल लेंगे. लेकिन, यदि इस बार कुछ गड़बड़ हुई तो बात सिर्फ सर्जिकल स्ट्राइक तक नहीं रुकेगी.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अब केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए नया आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. SIR के बहाने वोट चोरी जैसे मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने के बाद राहुल गांधी NEET और पेपर लीक का मुद्दा उठाने जा रहे हैं.
ऋतब्रत बनर्जी तृणमूल कांग्रेस को तोड़ना या बर्बाद करना नहीं चाहते, बल्कि हर स्तर संगठन से ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को बेदखल करना चाहते हैं. विधानसभा और संसद के बाद बागियों की नजर अब नगर निगम और जिला परिषदों पर है - और स्पीकर से मान्यता मिलने के बाद अब चुनाव आयोग की तैयारी है.
ईरान जंग को डोनाल्ड ट्रंप मझधार में छोड़ सकते हैं, लेकिन इजरायल के लिए सर्वाइवल का सवाल है. बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल की बड़ी आबादी मानती है कि यदि ईरान यह जंग मुकम्मल नहीं हारा, तो हमास और हिजबुल्लाह जैसी चुनौतियां फिर खड़ी हो जाएंगी. इसलिए ट्रंप जब भी ‘पीस’ की बात करते हैं, तो नेतन्याहू ‘अमन के दुश्मन’ नजर आते हैं.
बादी के लिहाज से विश्व का सबसे बड़ा देश भारत अब तक फुटबॉल वर्ल्ड कप नहीं खेल पाया है. पिछले कुछ साल से भारतीय फुटबॉल विवादों में भी रहा है, जो चिंता की बात है. भारतीय फुटबॉल को बूस्टर डोज की जरूरत है, लेकिन ये डोज कब मिलेगा फिलहाल तय नहीं है. साल दर साल बीत रहे हैं, लेकिन भारतीय फुटबॉल जस का तस है.
तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने अपनी तरफ से बड़े ही सुरक्षित कदम बढ़ाए हैं, लेकिन संविधान और कानून के जानकार उनकी तरफ से अपनाई गई प्रक्रिया को पक्का नहीं मान रहे हैं. एक्सपर्ट की नजर में कई खामियां हैं, जो उनके रास्ते का रोड़ा साबित हो सकती हैं. और, सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले भी यही कहते हैं.
4500 साल पुरानी कांसे की मूर्ति ‘डांसिंग गर्ल’ फिर विवादों में है. NCERT की 9वीं कक्षा में छपी इस मूर्ति का स्वरूप बदला हुआ है. हड़प्पा सभ्यता की खोज में लगे एक अंग्रेज पुरातत्ववेत्ता का यह मूर्ति 1926 में खुदाई के दौरान मिली थी. उन्हें यह देखने में एक नाचने वाली लड़की लगी. लेकिन, भारतीय इतिहासकारों में इसे अलग-अलग मत हैं.
तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के त्रिपुरा की तकरीबन गुमनाम पार्टी में शामिल हो जाने के साथ बगावत की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. लेकिन, महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे के सामने एक बार फिर 2022 जैसी ही चुनौती और खतरा मंडरा रहा है. जो हालात हैं, सवाल यही उठ रहा है कि अगला शिकार कौन है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने के बाद क्या यूपी में सच में बदलाव दिखा है? कभी खराब सड़कों और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहने वाला यह राज्य आज विकास की नई रफ्तार पर कैसे पहुंचा? नेहरू-इंदिरा के दौर से लेकर मोदी-योगी के समय तक यूपी की कहानी कैसे बदली, यहां समझिए.
यूपी में असदुद्दीन ओवैसी दलित-मुस्लिम गठजोड़ के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी पीडीए फॉर्मूले के साथ तो कांग्रेस का ओबीसी पर ज्यादा जोर है. मायावती के गठबंधन से इनकार कर देने के बावजूद ओवैसी की उम्मीद टूटी नहीं है - लेकिन क्या बिहार जैसी कामयाबी मिल पाएगी?
इम्तियाज अली की नई लव स्टोरी 'मैं वापस आऊंगा' रिलीज हो चुकी है. दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी की इस फिल्म को शानदार रिव्यूज मिले हैं. हालांकि, भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द पर बनी इस इमोशनल फिल्म के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनता का पाकिस्तान के लिए गुस्सा है, जो 'धुरंधर' वाले दौर में पीक पर है.