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विचार एवं विश्लेषण

धारा 370 खात्मे के सात साल, LoC पार PoK में हालात 180 डिग्री पलटे

05 अगस्त 2026

5 अगस्त 2019 को दफा 370 खत्म होने पर इमरान खान ने मुजफ्फराबाद में रैली कर आग उगली थी. लेकिन सात साल बाद बाजी पलट चुकी है. आज उसी मुजफ्फराबाद, मीरपुर और रावलाकोट में लोग इस्लामाबाद के शोषण और पाक फौज के ज़ुल्म के खिलाफ सड़कों पर हैं. वहीं LoC के इस पार का कश्मीर अमन और तरक्की की मिसाल बन चुका है.

तृषा का नाम उछालकर अपनी नाकामी छुपाती राजनीति

टारगेट तृषा... तमिल सोसायटी का कड़वा सच उजागर

05 अगस्त 2026

जो समाज पुरुषों के आपसी झगड़ों में बार-बार महिला की गरिमा पर चोट करता है, वह सिर्फ महिलाओं को सुरक्षित रखने में नाकाम नहीं हुआ है, बल्कि उसने खुद को भी नीचा गिरा लिया है.

इथेनॉल के वास्ते खेतों में लहलाती फसलें खाद्य तेलों के मामले में गंभीर संकट पैदा कर रही हैं.

इथेनॉल से 11 साल में बचाए ‘डॉलर’ खाद्य तेल इंपोर्ट पर सालभर में खर्च!

05 अगस्त 2026

इथेनॉल ब्लेंडिंग से 11 साल में बचाई गई1.84 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की चमक खाद्य तेलों के आयात बिल के आगे फीकी पड़ रही है. भारत ने महज एक साल में करीब 1.90 लाख करोड़ का खाने का तेल विदेशों से मंगा लिया. जानिए कैसे क्रूड ऑयल बचाने का यह गणित रसोई के बजट और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी पड़ रहा है.

कांवड़ यात्रा का आध्यात्मिक व सामाजिक संदेश

कांवड़ यात्रा: 'बोल बम' का संदेश और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

05 अगस्त 2026

हर साल सावन के महीने में सड़कों पर उमड़ता शिवभक्तों का जनसैलाब भारत की उस गहरी सामाजिक बुनावट का प्रतीक है, जहां आस्था और समरसता एक साथ प्रवाहित होती हैं, कांवड़ यात्रा एक ऐसा मंच है जहां अमीर-गरीब का भेद समाप्त हो जाता है और सेवा भाव सर्वोपरि होता है.

brij Bhushan

उपलब्धियां, विवाद और भारतीय कुश्ती का निर्णायक मोड़

05 अगस्त 2026

राउज एवेन्यू कोर्ट से बृजभूषण शरण सिंह को कानूनी राहत मिल गई है, लेकिन भारतीय कुश्ती से जुड़े सवाल अब भी बाकी हैं. पहलवान हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं. यह मामला सिर्फ एक मुकदमे का नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के भरोसे, खेल संघों की जवाबदेही और भारतीय कुश्ती की विश्वसनीयता की अगली परीक्षा का भी है.

yogi

योगी की अतिसक्रियता, बेचैनी या ताकत?

05 अगस्त 2026

सत्ता जितनी लंबी होती जाती है, उसकी चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी होती जाती हैं. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की बढ़ती सक्रियता कुछ यही बात कह रही है. सरकार के हालिया फैसलों और चुनावी तेवर यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि यह आत्मविश्वास की राजनीति है या आने वाले चुनावों को लेकर बढ़ती बेचैनी?

बांकीपुर और दतिया उपचुनाव नतीजों ने बीजेपी नेतृत्व को यूपी चुनाव से जुड़ी रणनीति दुरुस्त करने का मौका तो दे ही दिया है.

यूपी में भी हैं कई ‘बांकीपुर’ और ‘दतिया’, दो हार से BJP ने क्या सीखा?

04 अगस्त 2026

बांकीपुर और दतिया की हार सिर्फ दो सीटों का नुकसान नहीं. ये भाजपा की अंदरूनी दरारों को बेनकाब कर रही हैं. जो अगले यूपी चुनाव में भारी पड़ सकता है. पूरा राज्य ऐसे ही कई गढ़ों से भरा है, जहां पार्टी की मजबूती दिखावे की है.

हीलर्स का दर्द भी समझना होगा (Representational Photo)

साइकेट्र‍िस्ट ने क‍िया सुसाइड! हीलर्स क्यों नहीं बता पाते दर्द?

04 अगस्त 2026

एक आम इंसान जब उदास होता है, तो वह किसी दोस्त के गले लगकर रो सकता है, सोशल मीडिया पर अपना दर्द लिख सकता है, या किसी थेरेपिस्ट के पास जाकर कह सकता है कि 'डॉक्टर साहब, मुझे बचा लीजिए, मैं अंदर से मर रहा हूं.' लेकिन जब एक मनोचिकित्सक ही डिप्रेशन में घिरता है, तो उसके लिए किसी के आगे हाथ फैलाना सबसे मुश्किल काम बन जाता है.

बांकीपुर में बड़ी खबर है प्रशांत किशोर की जीत, लेकिन उससे बड़ी नाकामी है बीजेपी की चुनाव मशीनरी की.

बांकीपुर में इन 5 कारणों से ठप हुआ बीजेपी का ट्रिपल-इंजन

04 अगस्त 2026

BJP का गढ़ रहे बांकीपुर में जन सुराज का परचम लहराकर प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है. पीके को अपने पहले चुनाव अभियान में कामयाबी मिलना बड़ी बात है, लेकिन इससे बड़ी खबर है कि बीजेपी के ‘ट्रिपल इंजन’ का फेल होना.

samrat

बांकीपुर-दतिया में बीजेपी की हार किसी अपशकुन से कम नहीं है

04 अगस्त 2026

भारतीय जनता पार्टी के लिए बांकीपुर और दतिया की हार खतरे की घंटी है. इतिहास बताता है कि राजनीति में वही दल लंबे समय तक टिकते हैं जो जनता के संकेतों को समझते हैं, अपनी रणनीति बदलते हैं और संगठन को निरंतर जीवंत बनाए रखते हैं.

Prashant Kishor

बांकीपुर उपचुनाव ने बिहार की राजनीति का किनारा बदल दिया?

03 अगस्त 2026

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की बड़ी जीत ने बिहार की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं. बीजेपी की हार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि प्रशांत किशोर का उभार तेजस्वी यादव और राजद के लिए भी चुनौती बन सकता है.

बिहार विधानसभा में एंट्री लेने जा रहे प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी का एजेंडा बढ़ाने के लिए जिस मौके की उम्मीद थी, वो मिल गया.

बांकीपुर में PK की बंपर जीत से बिहार विधानसभा में क्या बदल जाएगा

03 अगस्त 2026

प्रशांत किशोर की बांकीपुर से जीत सिर्फ एक उपचुनाव का नतीजा नहीं है. अब तक प्रशांत किशोर बाहर खड़े होकर सत्ता और विपक्ष, दोनों पर हमला करते थे. अब वो एनकाउंटर सदन के भीतर देखने को मिलेगा. पीके सिर्फ सम्राट चौधरी ही नहीं, तेजस्वी यादव के लिए भी सिरदर्द होने जा रहे हैं.

Kangana Ranaut

कंगना की भाषा: साहस या बड़बोलापन?

03 अगस्त 2026

कंगना रनौत के उदाहरण से लिखा गया यह लेख बेबाकी, अभिव्यक्ति की आजादी और जवाबदेही के बीच के फर्क पर बात करता है. इसमें कई ऐसे सवाल उठाए गए हैं, जो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरे सार्वजनिक जीवन से जुड़े हैं.

CJP के आंदोलन ने विरोध-प्रदर्शन के पुराने तौर-तरीकों को पिछली पीढ़ी का बना दिया.

आंदोलनजीवी Vs कंटेंटजीवी... Gen-Z ने किया प्रोटेस्ट का सॉफ्टवेयर अपडेट

31 जुलाई 2026

जुलाई महीने में दो आंदोलनों ने सुर्खियां बटोरी- एक NEET पेपर लीक पर CJP का प्रोटेस्ट, और दूसरा E20 पेट्रोल को लेकर लामबंदी. दोनों मुद्दों पर प्रोटेस्ट जहां पहुंचा है, उसने आंदोलन करने वाली दो पीढ़ियों का फर्क साफ कर दिया है. और यह बताया गया है कि Gen-Z के तौर-तरीके भले विवादों से भरे हों, लेकिन सरकार को झुकाने के लिए कारगर भी वही हैं.

E20 पेट्रोल को लेकर सरकार और भाजपा के दावे सरकारी आंकड़ों और दस्तावेजों से टकराकर चूर हो रहे हैं.

E20 पेट्रोल: सरकारी दावों में सच्चाई का माइलेज कम, बाजीगरी का धुआं ज्यादा

31 जुलाई 2026

E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई जितनी बढ़ रही है, सवाल उतने गहरे होते जा रहे हैं. सरकार ही नहीं, भाजपा भी E20 पेट्रोल की गुणवत्ता के गुण गा रही है. लेकिन, इसके लिए वह जो आंकड़े दे रही है वे न सिर्फ गलत हैं, बल्कि गैर-जरूरी भी.

मोदी सरकार क्या सिर्फ NEET विवाद तक सीमित रह पाएगी, या एजुकेशन सिस्टम में आमूल-चूल परिवर्तन की तेयारी है?

शिक्षा-क्रांति की राह दिखा दी Gen-Z ने, क्या मोदी सरकार तैयार है?

31 जुलाई 2026

NEET पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन ने व्यवस्था की नींव हिला दी. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नंदन नीलेकणी टास्क फोर्स के गठन के बाद सवाल यह है- क्या मोदी सरकार इसे महज डैमेज कंट्रोल तक सीमित रखेगी या दशकों पुरानी खामियों को दूर कर एक नई 'शिक्षा क्रांति' की शुरुआत करेगी? यह वक्त विवादों से परे बड़े बदलावों का है.

11 साल बाद मिटा 'कोलगेट' का दाग

'इतिहास मेहरबान रहा'... पर यह देखने के लिए दुनिया में नहीं रहे मनमोहन

30 जुलाई 2026

मनमोहन सिंह के लिए यह फैसला बहुत देर से आया. राजनीति आमतौर पर कानून की तुलना में बहुत तेज चलती है और जनता की राय शायद ही कभी किसी जज के फैसले का इंतजार करती है.

NEET मुद्दे पर CJP प्रोटेस्ट के बाद E20 पेट्रोल और आरक्षण के खिलाफ सोशल मीडिया पर हलचल तेज हो रही है.

E20 और आरक्षण... दो नए ‘आंदोलन’ मोदी सरकार के लिए कितना बड़ा चैलेंज?

30 जुलाई 2026

NEET पेपर लीक मुद्दे पर किरकिरी झेलने वाली सरकार के लिए दो चुनौतियां दरवाजे पर खड़ी हुई हैं. E20 पेट्रोल पर सरकार की नीतियों का विरोध सोशल मीडिया पर उबल रहा है, तो दूसरी तरफ एक प्रेशर ग्रुप आरक्षण हटाने की मुहिम चलाए बैठा है. इन दोनों मुद्दों से जुड़े लोग  अहम वोटर वर्ग भी है. 

एक आंदोलन खत्म, दूसरा शुरू

CJP प्रोटेस्ट कैसे आरक्षण हटाओ आंदोलन के लिए बन सकता है संजीवनी

30 जुलाई 2026

पेपर लीक के ख़िलाफ़ CJP के विरोध-प्रदर्शन ने आरक्षण-विरोधी आंदोलन को जन्म दिया है और उसके लिए एक रूपरेखा तैयार की है. यही वजह है कि NEET-UG पेपर लीक को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों ने कोटा सिस्टम पर बहस को फिर से छेड़ दिया है.

पर्यावरण मंजूरी में SC की सख्ती तो ठीक, पर विकास की रफ्तार का क्या होगा?

30 जुलाई 2026

अमेरिका और चीन जैसे देश पर्यावरण को सबसे ज्यादा प्रभावित करते रहे हैं. उन्होंने औद्योगिकीकरण के दौर में कठोर नियमों की परवाह कम की और आर्थिक शक्ति हासिल की. आज भी उनके कार्बन उत्सर्जन और संसाधन दोहन के आंकड़े हमसे कहीं ऊंचे हैं.

ethanol blending issue

Gen-Z जैसा आंदोलन मिलेनियल नहीं कर पाएंगे, सरकार इथेनॉल की पीड़ा सुनेगी?

29 जुलाई 2026

'कॉकरोच जनता पार्टी' के उग्र प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि सत्ता बहरी नहीं है. दूसरी तरफ E20 ईंधन की जल्दबाजी में सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा का लक्ष्य तो छू लिया, लेकिन पुरानी गाड़ियों के इंजनों और मध्यम वर्ग के भरोसे को दांव पर लगा दिया. ऐसे में सवाल ये है कि सड़क पर उतरी भीड़ के शोर के आगे घुटने टेकती सरकार क्या उस आम नागरिक की शांत पुकार सुन पाएगी, जो हर रोज पेट्रोल पंप पर ठगा सा महसूस कर रहा है?

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