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विचार एवं विश्लेषण

सद्गगुरु के विचार

काम और जीवन नहीं, बस जीवन और जीवन

27 जुलाई 2021

आजकल मैं देखता हूँ कि ‘भगवान का शुक्र है कि आज शुक्रवार है’ की संस्कृति आ गई है. इसका मतलब है कि लोग सप्ताह में पांच दिन मरे रहते हैं और और सिर्फ सप्ताहांत पर जीते हैं. यह जीने का अच्छा तरीका नहीं है. आपको सातों दिन जीना चाहिए.

Pawan Duggal Cover

स्पाईवेयर को किसी के कंप्यूटर या मोबाइल में डालना भी साइबर क्राइम

22 जुलाई 2021

इस सॉफ्टवेयर को डेवलप करने वाली कंपनी का कहना है वो सिर्फ सरकार और सरकारी एजेंसियों को ये सॉफ्टवेयर उपलब्ध करवाती है. ये स्पाईवेयर आतंक और अपराध से लड़ने के लिए उपलब्ध करवाया जाता है. प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों ने जांच के जरिए नई चीजों को पेश किया है.

राजदीप सरदेसाई का मानना है कि किसी ने जबरदस्ती शादी की या अपनी मर्जी, इसे तय करने वाले हम और आप कौन होते हैं.

लव जिहादः प्यार का जश्न मनाइए, इसे अपराध से मत जोड़िए

05 जुलाई 2021

आप यकीन मानिए, यूपी चुनाव से पहले ऐसे कई मामले सामने आएंगे क्योंकि ये वोट बैंक की राजनीति करने और दो समुदायों को धर्म के आधार पर बांटने का शानदार तरीका है.

सद्गुरु, ईशा फाउंडेशन.

आपके सभी सपने सच न हों

03 जुलाई 2021

हमारे भविष्य को हमारे अतीत से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए. अब नए भविष्य को घटित होना चाहिए. आप जिसका सपना तक नहीं देख सके, वह चीज आपके जीवन में होनी चाहिए. आप जिसकी कल्पना तक नहीं कर सकते, उसे आपके जीवन में होना चाहिए.

पीएम मोदी की जम्मू-कश्मीर पर बैठक (तस्वीर- आजतक)

पीएम मोदी का मिशन, दिल्ली और दिल की दूरी को मिटाना

25 जून 2021

प्रधानमंत्री ने न केवल सभी नेताओं को सुना, बल्कि बैठक के बाद उनमें से प्रत्येक के पास भी गए और उनसे व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की. बैठक में केंद्र ने जो संदेश दिया, उसमें भविष्य में जम्मू-कश्मीर में विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया.

सद्गुरु, ईशा फाउंडेशन

योग: आखिर है क्या?

21 जून 2021

योग महज शारीरिक व्यायाम या कसरत नहीं है. यह एक तकनीक है जो आपको उस परम मुकाम तक पहुंचा सकती है, जहां एक इंसान पहुंच सकता है.

सद्गुरु, ईशा फाउंडेशन

सद्गुरु: मेरा बुनियादी लक्ष्य-धर्म से जिम्मेदारी की ओर

08 जून 2021

हमें यह समझने की जरूरत है कि हमारी सारी समस्याओं का स्रोत हमारे भीतर ही है और अगर हम समाधान चाहते हैं तो वो भी हमारे अंदर ही हैं, कहीं बाहर नहीं हैं. यह बहुत महत्वपूर्ण है- आप कौन हैं, आप क्या हैं, और आप क्या नहीं हैं, इसकी जिम्मेदारी आपके पास आनी चाहिए.

प्रियंका चतुर्वेदी

प्रियंका चतुर्वेदीः अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते से कैसे अलग हो गए मोदी?

08 जून 2021

वे सभी चीजें, जिसके आरोप कांग्रेस पर लगाए जाते थे, जिसके लिए कांग्रेस को कोसा जाता था, आज उन सबका पालन बीजेपी में हो रहा है. अपने नए अवतार में बीजेपी स्पष्ट रूप से लंबे समय से चले आ रहे अपने मूल्यों और सिद्धांतों को भूल गई है.

राम माधव

राम माधवः बड़ी टेक कंपनियों के रेगुलेशन की जरूरत क्यों?

08 जून 2021

सोशल मीडिया कंपनियों समेत बड़ी टेक कंपनियां बहुत बड़ी और शक्तिशाली बन चुकी हैं. उनके इस बढ़ते आकार के साथ ही उनकी उदासीनता और अकर्मण्यता भी बढ़ी है. सरकारें इन्हें अस्थिर करने वाला मान रही हैं.