जब राजनीतिक दलों में नियुक्तियों के बहाने जातिगत समीकरण बैठाने की होड़ मची हुई है, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने RSS की नियुक्तियों में जातिगत पैमाने पर पूछे गए सवाल में सबको सोचने पर मजबूर कर दिया. वैसे भी एक सांस्कृतिक-सामाजिक संगठन होने के नाते भागवत की मजबूरी नहीं थी कि वे इस सवाल का जवाब देते.
असम बीजेपी ने हिमंत बिस्वा सरमा के टर्मिनेटर-अवतार वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. चुनाव से पहले शेयर किए गए वीडियो में मुस्लिम को निशाने पर दिखाया गया था, जो सोशल मीडिया पर अब भी छाया हुआ है - सवाल है कि क्या चुनाव आयोग को भी ये सब दिखाई दे रहा है?
मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ का विवाद सिर्फ एक टाइटल का नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की पुरानी विडंबना को उजागर करता है. सवाल ये नहीं कि नेगेटिव किरदार क्यों हैं, सवाल ये है कि जातिगत पहचान के साथ उन्हें देखने में असहजता अब क्यों बढ़ गई है.
बंगाल चुनाव में कांग्रेस ने लेफ्ट का साथ छोड़कर सभी सीटों पर ममता बनर्जी के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है. उधर, केरल में वामदल अपना अंतिम किला बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. देश में वामपंथी दलों के सामने अब नेतृत्व का संकट तो है ही, एजेंडे का संकट भी है. उनके समझ नहीं आ रहा है कि भाजपा उनकी दुश्मन है या कांग्रेस.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस फिर से आमने सामने आ गए हैं. ममता बनर्जी के अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
जिस तरह यूनुस की अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी को छुट्टा छोड़ दिया है. और चुनाव आयोग में जमात-फ्रेंडली इंतेजाम हो रहे हैं. 12 फरवरी को होने वाले बांग्लादेश के चुनाव में BNP के लिए उम्मीदें कम ही हैं.
पश्चिम बंगाल के लोगों से ममता बनर्जी ने वादा किया था कि जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगी. और, चुनाव से पहले का वादा पूरा भी कर दिया है. ममता बनर्जी ने कोई नई दलील नहीं पेश की है. जो आरोप वो लगाती रही हैं, फर्क ये है कि वही सब सुप्रीम कोर्ट में कहा है. वहां हुआ ये कि उनके सामने ही चुनाव आयोग के वकील ने बंगाल सरकार के असहयोग का पुलिंदा पेश कर दिया.
2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी के बयान को बीजेपी ने सिखों के अपमान से जोड़ दिया है. राहुल गांधी ने संसद परिसर में रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' दोस्त कह दिया था - तभी से बीजेपी के सिख नेता एक स्वर में पंजाब और सिखों के प्रति कांग्रेस का इतिहास याद दिलाने लगे हैं.
संसद परिसर के मकर द्वार पर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इसके लिए उकसाया राहुल गांधी ने ही. कुछ ऐसा कहा जो लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उन्हें शोभा नहीं देता. रवनीत सिंह बिट्टू कभी कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबी हुआ करते थे, लेकिन फिलहाल वे मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं.
India-US trade deal explained: अमेरिका और भारत के बीच करीब छह महीने टैरिफ को लेकर तनातनी चली. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने के नाम पर भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ थोपा. लेकिन, 2 और 3 फरवरी की मध्यरात्रि ट्रंप ने ही अपने टैरिफ वापस लेते हुए भारत से ट्रेड डील होने की घोषणा की. लेकिन, उनकी घोषणा से कई तरह दावे और आरोप उपजे.
SIR के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की पहल की है. ममता बनर्जी कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष का सपोर्ट चाहती हैं, लेकिन बंगाल में बीजेपी से अकेले मुकाबला करना चाहती हैं.
राहुल गांधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज नरवणे की अप्रकाशित किताब के कंटेंट से हटने का नाम नहीं ले रहे हैं. लोकसभा में जो हंगामा सोमवार से शुरू हुआ, मंगलवार को भी जारी रहा. लेकिन, 2020 के जिस गलवान संघर्ष वाले घटनाक्रम पर नरवणे की किताब के बहाने टारगेट किया जा रहा है, उस पर नार्दर्न कमांड के चीफ रहे ले. जन. वायके जोशी की किताब दूध का दूध और पानी का पानी कर देती है.
एनसीपी की राजनीति में सुनेत्रा पवार धीरे धीरे पावर सेंटर बनने की दिशा में बढ़ रही हैं. अब तक महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के पावर की चर्चा हुआ करती थी, लेकिन अब वो बीते दिनों की बात होने जा रही है - लेकिन, जो कुछ भी हो रहा है उसमें बीजेपी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है.
संसद के बजट सत्र के दौरान बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसद में राहुल गांधी तो सड़क पर ममता बनर्जी के निशाने पर हैं. बिहार चुनाव के दौरान राहुल गांधी चुनाव आयोग की SIR के खिलाफ मुहिम चला रहे थे, अब पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी अपना अभियान चला रही हैं.
लोकसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को बहस तो राष्ट्रपति के अभिभाषण पर होने थी, लेकिन राहुल गांधी ने जब पूर्व सेना अध्यक्ष मनोज नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र किया तो माहौल जंग की तरह हो गया. गलवान घाटी संघर्ष से जुड़ी जानकारियों को लेकर कांग्रेस हमलावर है. भाजपा के अपने पलटवार हैं. दिलचस्प है इस विवाद को नियमों के दायरे में देखना.
कर्नाटक सरकार का हेट स्पीच बिल अब राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने यह बिल दिसंबर, 2025 में विधानसभा से पास किया था, लेकिन राज्यपाल को बिल के कई प्रस्तावों पर आपत्ति है. अब राष्ट्रपति के फैसले का इंतजार है.
महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के संभावित विलय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. अजित पवार के निधन के बाद बदले घटनाक्रम में सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बन जाने से समीकरण बदले हैं. शरद पवार और पार्थ पवार की मुलाकात में पैच-अप की कोशिश हुई है, लेकिन अभी कुछ भी निश्चित नहीं है.
एक समय था जब आम बजट का भारतीयों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महत्व होता था. अब ऐसा नहीं है. फिर भी, सिर्फ़ पुरानी आदत की वजह से हम हर बजट वाले दिन उत्साह से भर जाते हैं, भले ही असल में कुछ खास न हो.
निर्मला सीतारमण जब कांजीवरम साड़ी पहनकर बजट पेश करने आईं तो माना गया था कि आगामी विधानसभा को मद्देनजर रखते हुए तमिलनाडु को लेकर बढ़-चढ़कर घोषणाएं होंगी. उनके बजट भाषण में तमिलनाडु का खास उल्लेख तो नहीं हुआ, लेकिन जब बजट दस्तावेज को खंगाला गया तो उसमें तमिलनाडु को लेकर कई अहम जानकारियां निकलीं.
बजट भाषण में संत रविदास का नाम लिया जाना, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब दौरा सीधे सीधे दलित वोट बैंक से कनेक्ट हो रहा है. संत रविदास जयंती पर, आम बजट के ठीक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के डेरा सचखंड बल्ला में संत निरंजन दास से मुलाकात करने वाले हैं.
इंडिया टुडे–सी वोटर के मूड ऑफ द नेशन सर्वे में INDIA ब्लॉक के नेतृत्व और विपक्षी राजनीति को लेकर जनता की राय सामने आई है. राहुल गांधी MOTN सर्वे में ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव से काफी आगे नजर आ रहे हैं.