सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं द्वारा जश्न मनाने के वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. वांगचुक ने सभी समर्थकों से गरिमा, संयम और जिम्मेदारी के साथ जश्न मनाने की अपील की है.
सोनम वांगचुक ने कहा कि जीत के साथ विनम्रता होनी चाहिए. उन्होंने समर्थकों से गरिमा, संयम तथा जिम्मेदारी के साथ जश्न मनाने की अपली की. उन्होंने ये भी कहा कि सफलता हासिल करने जितनी ही महत्वपूर्ण बात सम्मान और विनम्रता बनाए रखना है.
26 दिनों तक किया अनशन
दरअसल, वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा बने थे, जहां वो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे. सरकार द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई न करने और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने के आश्वासन के बाद उन्होंने 23 जुलाई को अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया था.
इसके अलावा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद सीजेपी नेताओं के डांस करने और जश्न मनाने के वीडियो को लेकर ऑनलाइन तीखी बहस छिड़ गई है. आलोचकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने तर्क दिया कि नीट-यूजी पेपर लीक के बाद छात्रों की आत्महत्या से जुड़े आंदोलन के बीच ऐसा जश्न संवेदनहीन था.
लोगों ने उठाए सवाल
कई लोगों ने ये भी सवाल उठाया कि जब कई राज्यों में आम प्रदर्शनकारी गिरफ्तारियों का सामना कर रहे हैं, तब सीजेपी नेतृत्व जश्न मना रहा है.
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने सीजेपी के जश्न पर सवाल उठाए. उन्होंने सवाल उठाते हुए एक्स पर लिखा, 'CJP नेतृत्व होटल में जीत की पार्टी कर रहा है! दिल्ली में कई दिनों तक हिंसा देखने के बाद, इन तथाकथित युवा एक्टिविस्टों ने म्यूजिक चालू किया और डांस करना शुरू कर दिया. इस पूरे आंदोलन के दौरान यात्रा, खाना, आवास, उपकरण और लॉजिस्टिक्स के लिए फंड किसने दिया?.'
'ये जिद्दी पीढ़ी है'
आलोचनाओं के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि ये वीडियो नई पीढ़ी की इमोशन को दिखाता हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा कि हम सड़क पर जितनी देर चाहें बैठ सकते हैं. हम नाचते हुए विरोध कर सकते हैं. हम कोल्ड कॉफी पीते हुए आयोजन कर सकते हैं. ये पीढ़ी आत्मविश्वास से भरी, रचनात्मक और जिद्दी है, जिसे किसी एक सांचे में नहीं ढाला जा सकता.
दास ने कहा कि सरकार और टीवी एंकर Gen-Z की भाषा को नहीं समझते हैं.
इसके अलावा दास ने महेश जेठमलानी द्वारा 5-स्टार होटल में पार्टी करने और आंदोलन की फंडिंग पर सवाल उठाने के बाद सौरभ दास ने स्पष्टीकरण भी दिया. उन्होंने कहा कि मैं एक बात साफ करना चाहता हूँ, जब भी ऐसे वीडियो सामने आते हैं, तो लोग बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बातें करते हैं. ये कोई 5-स्टार होटल नहीं था, बल्कि दो या अधिकतम तीन-स्टार होटल का बेसमेंट हॉल था.
दास के अनुसार, ये आयोजन प्रदर्शन में शामिल 150 से 200 वॉलेंटियर्स के सम्मान के लिए आयोजित किया गया था, जिनमें से आधे से ज़्यादा दूसरे राज्यों से आए थे और विरोध प्रदर्शन के दौरान 37 दिन सड़क पर बिताए थे जो वापस अपने घर लौटना चाहते थे.