हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) एक राजनेता और असम के 15वें मुख्यमंत्री हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व सदस्य, सरमा ने 23 अगस्त 2015 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. वह जालुकबारी से असम विधान सभा के पांच बार के सदस्य हैं, वह पहली बार 2001 में चुने गए थे (Himanta Biswa Sarma MLA from Jalukbari). उन्होंने 2016 में भाजपा के सफल राज्य चुनाव अभियान का नेतृत्व किया और 24 मई 2016 को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. असम में मतदाता उन्हें अक्सर 'मामा' कहते हैं.
सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को गांधी बस्ती, उलुबारी, गुवाहाटी में हुआ था (Himanta Biswa Sarma Age). वह एक असमिया बामुन परिवार से ताल्लुक रखते हैं. सरमा ने 2001 में रिंकी भुयान सरमा से शादी की (Himanta Biswa Sarma Wife), जिनसे उनका एक बेटा नंदिल बिस्वा सरमा और एक बेटी, सुकन्या सरमा है (Himanta Biswa Sarma Daughter and Son).
सरमा ने 1985 में कामरूप अकादमी स्कूल, गुवाहाटी में स्कूली शिक्षा हासिल की और कॉटन कॉलेज, गुवाहाटी से स्नातक किया. 1991 से 1992 तक वे कॉटन कॉलेज छात्र संघ के महासचिव रहे. सरमा कॉटन विश्वविद्यालय से असम के सातवें मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय से 1990 में कला स्नातक और 1992 में राजनीति विज्ञान दोनों में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री ली. इसके बाद, सरमा ने गुवाहाटी के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 1995 में एक वकील बने. 2006 में, उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की (Himanta Biswa Sarma Eduction).
सरमा 2001 में पहली बार जालुकबारी से असम विधानसभा के लिए चुने गए थे. वह 2006 और 2011 में फिर से निर्वाचित हुए. सरमा ने 2002 से 2014 तक कृषि, योजना और विकास, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाला. पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ राजनीतिक असहमति के बाद, सरमा ने 21 जुलाई 2014 को सभी पदों से इस्तीफा दे दिया.
सरमा 23 अगस्त 2015 को नई दिल्ली में अमित शाह के आवास पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए (Himanta Biswa Sarma Joined BJP). मई 2016 में, सरमा ने लगातार चौथी बार जलुकबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र जीता और 24 मई को उत्तर पूर्व भारत में पहली भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. उन्हें वित्त, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, शिक्षा, योजना और विकास जैसे विभागों का आवंटन किया गया था (Himanta Biswa Sarma Ministry).
10 मई 2021 को, सरमा ने अपने सहयोगी सर्बानंद सोनोवाल के स्थान पर असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली (Himanta Biswa Sarma CM of Assam).
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बने हैं, जिन्होंने अपनी राजनीतिक पारी आरजेडी से की थी और बीजेपी में बुलंदी मिली. सम्राट ही नहीं, बल्कि दूसरे दलों से आने वाले 9 नेताओं को बीजेपी ने मुख्यमंत्री बनाया है. इनमें पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के राज्य शामिल हैं. इस तरह दूसरे दलों से आए नेता को सीएम और डिप्टी सीएम बनाकर सियासी संदेश दे रही है.
BJP ने अन्य दलों से आए नेताओं को सत्ता में बड़ी भूमिका दी है. सम्राट चौधरी, हिमंत बिस्वा सरमा और बृजेश पाठक जैसे नेता इसका उदाहरण हैं. पार्टी की ये रणनीति बताती है कि वे अनुभव और क्षमता के आधार पर नेतृत्व को आगे बढ़ाने में विश्वास रखती है.
सुप्रीम कोर्ट में आज 15 अप्रैल को असम सरकार की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को दी गई अंतरिम राहत को चुनौती दी गई थी. इस मामले में अब पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. देखिए रिपोर्ट.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर की गई टिप्पणी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी. असम सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट से पवन खेड़ा को मिली अग्रिम ट्रांजिट जमानत के फैसले को चुनौती दी है.
असम सरकार ने पवन खेड़ा को मिली राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. दरअसल, असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी. यह मामला असम में दर्ज उस केस से जुड़ा है, जिसमें खेड़ा पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी शर्मा के खिलाफ कथित आरोप लगाने का मामला है.
देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हो रहे चुनावों में हर मुख्यमंत्री सत्ता में वापसी चाहता है. चुनौती तो केरलम में पी. विजयन के सामने भी है, लेकिन ममता बनर्जी की चुनौती सबसे बड़ी नजर आ रही है - हिमंता बिस्वा सरमा हों या एमके स्टालिन वे दोनों भी मुख्यमंत्री आगे भी बने रहना चाहते हैं.
असम सरकार ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली तेलंगाना हाई कोर्ट की एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. यह मामला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा के खिलाफ खेड़ा द्वारा लगाए गए विदेशी पासपोर्ट और अघोषित संपत्तियों के आरोपों से जुड़ा है.
असम के सियासी इतिहास में पहली बार रिकॉर्ड वोटिंग हुई है. असम में इस बार 85.89 फीसदी मतदान हुआ है, जो पिछले चुनाव से करीब साढ़े तीन फीसदी ज्यादा है. असम में सत्ता का खेल सात से 8 फीसदी वोट बढ़ने या फिर घटने पर होता रहा है. इस बार का वोटिंग पैटर्न क्या संकेत दे रहा है?
असम विधानसभा चुनाव में वोटिंग के लिए पहुंचे राज्य के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा अचानक लल्लनटॉप के रिपोर्टर सिद्धांत मोहन के एक सवाल पर भड़क गए. आखिर वो इस किस सवाल पर भड़क गए? देखें वीडियो.
पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने फैसला टाल दिया है. सुनवाई में कोर्ट ने उनकी पत्नी कोटा नीलिमा के पते को लेकर सवाल उठाए और नया आधार कार्ड पेश करने को कहा. यह मामला हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है.
Assam Assembly Election Voting: असम में आज विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. इस बीच मुख्यमंत्री और जालुकबारी से उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी के मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं और दोनों ने मंदिर में विधिवत पूजा की.
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोट डाला जा रहा है. मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. बीजेपी तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी करना चाह रही है - लेकिन, सबसे बड़ी चुनौती से बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF जूझ रही है.
केरल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के लिए मतदान जारी है. केरल में लेफ्ट बनाम यूडीएफ की लड़ाई है तो असम चुनाव बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. लेफ्ट और बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाना चाहती है तो कांग्रेस का अपने सियासी वनवास को खत्म करने पर जोर है.
यह मामला गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में खेरा के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 175, 35 और 318 शामिल हैं.
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला और उन्हें लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. पूर्णिया में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री धरती के सबसे चरित्रहीन इंसान हैं.
FIR के खिलाफ अग्रिम जमानत को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाईकोर्ट का रूख किया है....एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का पहला बयान आया है...जिसमें उन्होंने एक बार फिर असम के सीएम हेमंता बिस्वा पर निशाना साधा है...पवन खेड़ा ने कहा है कि सवालों का जवाब देने के बजाय हेमंता बिस्वा अपनी पुलिस की धौंस दिखा रहे हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के बाद कांग्रेस मीडिया चेयरमैन पवन खेड़ा फिलहाल लापता हैं. मंगलवार को दिल्ली में उनके घर पर असम पुलिस की छापेमारी के बाद से राजनीतिक हलचल तेज है. चुनाव से ठीक पहले इस घटनाक्रम ने असम की राजनीति में उबाल ला दिया है.
असम विधानसभा चुनाव प्रचार मंगलवार शाम थम गया है और अब वोटिंग 9 मार्च को होगी. इस बार असम चुनाव मियां-मुगल और मुसलमान से होते हुए मिया-बीबी के मैटर तक पहुंच गया. इतना ही नहीं एक दूसरे के खिलाफ अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया गया.
डिब्रूगढ़ से गुवाहाटी के सफर के दौरान सड़क किनारे बिहू की रिहर्सल करते बच्चों ने असम की राजनीति और संस्कृति की एक अनूठी तस्वीर पेश की. 'मामा' के नाम से मशहूर हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता और कलाकार जुबिन गर्ग के प्रति अटूट दीवानगी के बीच, इन मासूम चेहरों के पास सुनाने के लिए अपनी एक खास कहानी है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनके परिवार पर विदेशी संपत्तियों और कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए थे. वहीं, आज पुलिस ने पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारा, लेकिन वो वहां नहीं मिले. ऐसे में सीएम सरमा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि असम पुलिस उन्हें पाताल लोक से भी ढूंढ लाएगी.
कांग्रेस ने हिमंत बिस्वा सरमा पर मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान करने का आरोप लगाकर माफी की मांग की है. राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने बयान को दलित विरोधी बताया. जयराम रमेश, सिद्धारमैया और अशोक गहलोत ने भी निंदा की. मामला तब बढ़ा जब सरमा ने खड़गे को 'पागल' कहा. पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठे.