मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को एक और बड़ी सफलता मिली है. राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ा है. इसके साथ ही यह प्रदेश में चीतों का तीसरा नया ठिकाना बन गया है. इससे पहले कूनो पालपुर और गांधी सागर में चीतों को बसाया जा चुका है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस इलाके में लगभग 110 से 160 साल पहले आखिरी बार चीते देखे गए थे, लेकिन अब भारत में इनका पुनर्वास तेजी से हो रहा है. शुरुआत में 20 चीतों से यह सफर शुरू हुआ था, जो अब बढ़कर 60 हो चुका है. खुशी की बात यह है कि भारत में जन्मे चीतों की संख्या अब बाहर से लाए गए चीतों से ज्यादा हो चुकी है. चीतों की तीसरी पीढ़ी अब भारत की जलवायु में पूरी तरह ढल चुकी है. खास बात यह है कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीते और बाघ एक साथ अपने परिवार को बढ़ाएंगे.